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    इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर शेयरों पर गौर करने का समय

    Published: Sat, 18 Mar 2017 09:03 PM (IST) | Updated: Mon, 20 Mar 2017 08:31 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    अवनीष कुमार सुधांशु

    डायरेक्टर, आम्रपाली आद्या ट्रेडिंग एंड इंवेस्टमेंट

    शेयर बाजार ने पिछले हफ्ते की शुरुआत उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के साथ की। यह दर्शाता है कि देश में मोदी लहर कमजोर होने के बजाए मजबूत हुआ है।

    भाजपा की जोरदार जीत घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांकों में उछाल आया। खास तौर पर इस उम्मीद में कि मंजूरी के लिए रुके पड़े कुछ प्रोजेक्ट और आर्थिक सुधारों की राह आसान होगी। आगे चलकर हफ्ते के दौरान अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से बेंचमार्क ब्याज दरों में 0.25 फीसदी इजाफा किए जाने के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में तेजी रही। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत होकर नए मुकाम पर पहुंच गया।

    आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अन्य सभी पार्टियों को हाशिए पर धकेल कर भाजपा ने जो शानदार जीत हासिल की उससे रुपए को निरंतर मजबूती मिल रही है। कारण यह है कि इससे केंद्र सरकार को नई ताकत मिली है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में वह एक के बाद एक बोल्ड आर्थिक सुधार करेगी। इस मामले में संसद में विपक्ष का गतिरोध आड़े नहीं आ पाएगा।

    इन सब के अलावा रिजर्व बैंक के न्यूट्रल पॉलिसी वाले रुख से संकेत मिलता है कि रुपया आगे भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होगा। यही नहीं, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई), जो नोटबंदी के बाद भारतीय डेट और इक्विटी बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे थे, अब भारत के मौजूदा हालात को देखते हुए रिटर्न फ्लाइट ले ली है।

    बहरहाल, हफ्तावार आधार पर बेंचमार्क सूचकांक बढ़त पर बंद हुए। हफ्ते के दौरान निफ्टी ने रिकॉर्ड ऊंचा स्तर बनाया।

    आगे क्या

    मोटे तौर पर इस हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी में ज्यादा हलचल की गुंजाइश कम है। फिर भी जीएसटी को लेकर जैसे-जैसे स्पष्टता आएगी और इसे लागू होने की संभावना बढ़ेगी वैसे-वैसे बाजार को नई दिशा मिलती नजर आएगी। आगे चलकर हम इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और बैंकिंग सेक्टर में सुधारों से जुड़ी खबरों की उम्मीद कर सकते हैं। इनसे बाजार को तेजी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

    एफआईआई के रुख पर नजर

    चूंकि एफआईआई अब बाजार में शुद्घ लिवाल की भूमिका में हैं, लिहाजा यह देखना दिलचस्प होगा कि शेयर खरीदने का उनका पैटर्न स्थायी रहता है या नहीं। उनकी तरफ से लिवाली जारी रहने पर बाजार में नकदी बढ़ेगी और ऐसी स्थिति में रुझान मजबूत रहेगा। कुल मिलाकर निफ्टी अब तक के सबसे ऊंचे सतर पर है। ऐसे में हमारा मानना है कि बेंचमार्क सूचकांक बढ़त पर ट्रेड करते नजर आएंगे। हमारी सलाह इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों पर गौर करने की होगी। छोटी अवधि में तो कम से कम ऐसा करना फायदेमंद साबित हो सकता है।

    मुनाफावसूली का दबाव संभव

    इन दिनों बाजार को चौतरफा सपोर्ट मिल रहा है। मसलन, अमेरिका में फेड का उदार रुख और देश में भाजपा की मजबूत स्थिति व जीएसटी काउंसिल के फैसले बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं। इनकी बदौलत निफ्टी में नए सिरे से खरीद का रुझान नजर आ रहा है, जिसके कारण यह 9,100 के स्तर से ऊपर निकल गया है। यहां से बाजार कुछ समय के कांसॉलिडेट हो सकता है। निकट अवधि में किसी अतिरिक्त ट्रिगर की संभावना कम नजर आ रही है। इसके अलावा इस बात की आशंका भी बनी हुई है कि मौजूदा स्तरों पर मुनाफावसूली हो सकती है।

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