Naidunia
    Sunday, November 19, 2017
    PreviousNext

    कार्ड से पेमेंट लेने वालों को राहत देने की तैयारी

    Published: Fri, 17 Feb 2017 08:57 PM (IST) | Updated: Fri, 17 Feb 2017 09:01 PM (IST)
    By: Editorial Team
    mdr-lower 17 02 2017

    नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद कार्ड से लेनदेन को प्रोत्साहित करने में जुटी सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक अब छोटे व्यापारियों को राहत दे सकते हैं। आरबीआइ ने डेबिट कार्ड से लेनदेन पर एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्क घटाने के प्रस्ताव के साथ-साथ बैंकों को पीओएस यानी स्वाइप मशीनों पर मासिक किराया भी कम करने को कहा है।

    ऐसा होने पर उन व्यापारियों को राहत मिलेगी जिनका कार्ड के माध्यम से लेनदेन कम होने के वजह से पीओएस मशीन लगाना महंगा पड़ता है। माना जा रहा है कि आरबीआइ इस संबंध में आगे कदम उठा सकता है।

    सूत्रों के मुताबिक आरबीआइ ने कार्ड नेटवर्कों को भी नेटवर्क फीस को उपयुक्त तरीके से संशोधित करने को कहा है।

    आरबीआइ का कहना है कि फिलहाल जो फ्लैट चार्ज लगाने की व्यवस्था है, उसे बदलकर प्रतिशत आधार पर चार्ज लेना चाहिए। आरबीआइ ने बैंकों को व्यापारियों से मासिक किराए को भी तर्कसंगत बनाने बनाने को कहा है।

    फिलहाल देश में पीओएस मशीनें लगाने और उसके रखरखाव की लागत काफी अधिक है जिसके चलते छोटे कारोबारी कार्ड से लेनदेन स्वीकारने की व्यवस्था करने से कतराते हैं।

    दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में पीओएस मशीनों की सर्विसिंग भी एक समस्या है। ऐसे में यह जरूरी है कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए पीओएस मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए। यही वजह है कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पीओएस मशीनों की संख्या बढ़ाने का एलान किया था।

    सरकार ने 10 हजार से कम आबादी वाले एक लाख गांवों में दो-दो पीओएस मशीनें लगाने का एलान किया था। ये मशीनें नाबार्ड की मदद से सहकारी समितियों, खाद व बीज के डीलरों और दुग्ध समितियों को दी जाएंगी। फिलहाल देश में करीब 13 लाख पीओएस मशीनें हैं।

    दरअसल कई बैंकों के पीओएस मशीनों के मासिक किराए काफी अधिक हैं। मसलन साउथ इंडियन बैंक पीओएस मशीन पर कम से कम एक हजार रुपये मासिक किराया लेता है। हालांकि पीओएस से जुड़े चालू खाते में अगर पांच लाख से अधिक राशि रहती है तो यह माफ कर दिया जाता है।

    वहीं निर्धारित राशि के लेनदेन न होने पर 250 रुपये कमिटमेंट चार्ज लिया जाता है। इसके अलावा डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन पर अच्छा खासा शुल्क भी वसूला जाता है। यही वजह है कि सरकार और आरबीआइ कार्ड से लेनदेन के लिए जरूरी सुविधाओं को सस्ता बनाने में जुटे हैं।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें