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    दसवीं कक्षा की सभी विषयों की पुस्तकें बदली

    Published: Mon, 20 Mar 2017 04:04 AM (IST) | Updated: Tue, 21 Mar 2017 03:31 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    कोरबा। अप्रैल माह शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लिए छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम ने पुस्तकों की आपूर्ति शुरू कर दी है। पुस्तक निमग ने कक्षा पहली से लेकर नवमीं तक के पाठ्यक्रम को यथावत रखा गया है, जबकि दसवीं के सभी विषयों के पाठ्यक्रम में बदलाव कर दिया है। पाठ्य पुस्तक निगम बिलासपुर ने इस वर्ष 5 दिन के भीतर संकुलों पुस्तक आपूर्ति का लक्ष्य रखा है। 118 संकुलों में निजी व सरकारी दोनों ही स्कूलों के लिए लगभग 1 लाख 46 छात्र-छात्राओं को पुस्तक आपूर्ति की जानी है।

    शैक्षणिक सत्र की शुरूआत इस बार 15 जून की बजाय 1 अप्रैल से शुरू हो रही है। सत्र शुरूआत को लेकर शासन स्तर पर तैयारी तेज कर दी गई है। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम की पुस्तकें संकुल में पहुंचने लगी है। दसवी कक्षा की हिंदी, अंग्रेजी, गणित, संस्कृत, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। अन्य कक्षा की सभी पुस्तकों के पाठ्यक्रम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

    रविवार को 3 संकुलों में पुस्तकें पहुंचाई गई। जिन संकुलों में पुस्तके दी गई हैं उनमें लालघाट, अंधरीकछार व परसाभाठा शामिल हैं। सीतामढ़ी, तिलकेजा, उरगा, भैसमा, मदनपुर कोरकोमा की पुस्तकें सोमवार को आपूर्ति की जाएगी। बिलासपुर डिपो कार्यालय विभाग की मानें तो आगामी 5 दिन के भीतर सभी केंद्रों में पुस्तकों का वितरण कर दिया जाएगा।

    पुस्तकें सभी स्कूलों में संकुल से प्रदान की जानी है। पुस्तक वितरण को लेकर संकुलों में अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। समय पर संकुल खुले नहीं होने की वजह से ट्रक से पुस्तक खाली करने में देरी हो रही है। लालघाट बाल्को में सुबह 6 बजे से ही पुस्तक पहुंच गई थी, किंतु संकुल नहीं खुलने की वजह से इंतजार करना पड़ा। हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी की परीक्षाएं हो चुकी हैं, जबकि पांचवी आठवीं की परीक्षाएं जारी है। शिक्षा संचानालय ने सभी शिक्षा अधिकारियों को 30 मार्च तक परीक्षा परिणाम घोषित कर 1 अप्रैल से स्कूल शुरू करने का निर्देश दिया है।

    विषयवस्तु की जानकारी

    अप्रैल माह से प्रत्येक स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। स्कूल पहुंचने वाले प्रत्येक छात्र-छात्राओं को अप्रैल माह से ही पुस्तकें प्रदान की जानी है। शिक्षा की स्तर को बेहतर बनाने के लिए बतौर अध्यापन अप्रैल माह में विषय वस्तु की जानकारी दी जाएगी, ताकि ग्रीष्म में आगामी कक्षा की तैयारी छात्र-छात्राएं बेहतर ढंग से कर सकें। यही वजह है कि आरटीई के तहत एडमिशन की प्रक्रिया को 15 मार्च तक पूरी कर ली गई है।

    शहरी संकुल को वरीयता

    पाठ्य पुस्तकें ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचने में हर साल देरी होती है। ग्रामीण क्षेत्रों के संकुलों में प्राथमिकता से आवंटन शुरू किया जाना था, किंतु आवंटन शहरी क्षेत्र से शुरू किया जा रहा है। ऐसे में वनांचल क्षेत्र के स्कूलों को समय पर पुस्तकें नहीं मिल पाती। किसी विषय पुस्तक की कमी होने पर शहरी क्षेत्र के स्कूलों में शीघ्र आपूर्ति कर ली जाती है वहीं ग्रामीण क्षेत्र में माह गुजर जाने के बाद भी पुस्तकों की आपूर्ति नहीं होती है। ऐसे में अध्यापन कार्य प्रभावित होता है।

    पाठ्य पुस्तक निगम से पुस्तकों की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इस वर्ष कक्षा दसवीं की सभी विषयों के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। पुस्तक की छपाई बेहतर है। कोरबा के पांचों विकासखंड व 118 संकुलों में 5 से 6 दिन के भीतर पुस्तकें भेज दी जाएगी।

    - बीपी तिवारी, डिपो प्रबंधक, पाठ्य पुस्तक निगम बिलासपुर

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