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    जिले में अब तक 31 बाल-विवाह रोका गया

    Published: Fri, 21 Apr 2017 04:09 AM (IST) | Updated: Fri, 21 Apr 2017 04:09 AM (IST)
    By: Editorial Team

    अंबिकापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    जिले में बाल विवाह पर रोक लगाने महिला एवं बाल विकास विभाग ने ताकत झोंक दी है। अब तक जिले में इस शादी के सीजन में 31 से अधिक बाल विवाह रोका गया है। चाइल्ड लाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से गांव में जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर जिले के सभी सरपंचों को आदेश जारी कर बाल विवाह की सूचना तत्काल देने कहा गया है। अब सीधे गांव में हो रहे बाल विवाह की सूचना महिला बाल विकास विभाग तक पहुंच रही है। बुधवार को महिला बाल विकास विभाग के जिलाधिकारी चन्द्रवेश सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में टीम ने चार बाल विवाह रोका और ग्रामीणों को समझाइश दी है।

    जिले में इस सीजन में बड़े पैमाने पर ग्रामीण इलाकों में शादी-विवाह होते हैं। अनजाने में लोग नागालिग बच्चों की शादियां भी करते हैं। बाल विवाह पर रोक लगाने कलेक्टर भीम सिंह ने इस बार कड़े निर्देश जारी किए हैं। महिला बाल विकास विभाग ने ग्रामीण व शहरी इलाकों में बाल विवाह पर कड़ी नजर रखी है और लगातार चाइल्ड लाइन व बाल संरक्षण इकाई के सदस्यों के साथ बाल विवाह रुकवाने में लगा है। एमएसएसवीपी, चाइल्ड लाइन के निःशुल्क नंबर 1098 पर लगातार बाल विवाह की सूचनाएं भी आ रही हैं। कलेक्टर ने सभी सरपंचों को आदेश जारी किया है कि वे अपने गांव में होने वाले बाल विवाह की जानकारी दें। बुधवार को ऐसी ही एक सूचना मिली और महिला बाल विकास विभाग के जिलाधिकारी चन्द्रवेश सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में शहर से लगे ग्राम कतकालो में टीम पहुंची और यहां चार बाल विवाह रोका। कतकालो में दो और पड़ोसी ग्राम सोहगा में दो बाल विवाह रोके गए। श्री सिसोदिया ने परिजनों को समझाइश दी और बाल विवाह कानून की जानकारी दी। गांव में जागरुकता अभियान भी चलाया गया। ग्राम के सरपंच व पंचों को अवगत कराया गया कि वे गांव में बाल विवाह पर नजर रखें और तत्काल इसकी जानकारी चाइल्ड लाइन के निःशुल्क नंबर पर दें। इसके अलावे चाइल्ड लाइन उदयपुर व जिला बाल संरक्षण इकाई अंबिकापुर की टीम ने बाल विवाह के लिए उदयपुर के कलचा व खम्हरिया में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया। टीम ने मैनपाट ब्लॉक के नर्मदापुर और बरिमा में भी जागरुकता अभियान चलाया। यहां कुपोषण, बाल मानव तस्करी, पोस्को एक्ट, बाल मजदूरी, मानसिक-शारीरिक शोषण, बाल विवाह से होने वाले हानियों की जानकारी दी। सीतापुर में भी बुधवार को टीम ने बाल विवाह रोका है। यहां 18 वर्ष से कम उम्र की एक बालिका का विवाह ग्राम पोकसरी भालूबार में किया जा रहा था।

    शहर में बालिका को किया जा रहा था प्रताड़ित-

    महिला बाल विकास विभाग के जिलाधिकारी श्री सिसोदिया ने बताया कि एमएसएसवीपी, चाइल्ड लाइन को बुधवार को सूचना मिली थी कि नगर के जोड़ा तालाब में एक छह वर्षीया बालिका को उसके सौतेले पिता के द्वारा शराब पीकर मारपीट किया जा रहा है। सूचना पर चाइल्ड लाइन की टीम पहुंची और बालिका को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। बालिका का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। प्रताड़ित करने वाले सौतेले पिता पर कार्रवाई की जा रही है।

    सरपंच से कराएं पंजीयन-

    ग्रामीण इलाकों में बाल विवाह रोकने पंचायत स्तर पर टीम सक्रिय है। गांव में होने वाले विवाह का पंजीयन सरपंच से कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ग्राम सरपंचों को हिदायत दी गई है कि गांव में बाल विवाह पर रोक लगाने वे स्वयं आगे आएं। इस तरह की सूचनाएं तत्काल दें।

    और जानें :  # ball vivah
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