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    पशु औषधि व उपकरण खरीदी का मामला शासन को भेजा

    Published: Wed, 13 Sep 2017 11:40 PM (IST) | Updated: Wed, 13 Sep 2017 11:40 PM (IST)
    By: Editorial Team

    0 सरगुजा संभागायुक्त ने शिकायत की जांच के बाद विभागीय सचिव को भेजा प्रतिवेदन

    0 पशुपालन विभाग के उप संचालक पर भंडार, क्रय नियम के उल्लंघन का आरोप

    अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

    पशु पालन विभाग में भंडार क्रय नियम को दरकिनार कर दवाइयां व उपकरण खरीदी के मामले में सरगुजा संभागायुक्त रीता सांडिल्य ने शासन को मामले की जांच व परीक्षण कर संबंधित अधिकारी पर उचित कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा करते हुए पत्र भेज दिया है। दवा, उपकरण खरीदी के इस मामले का खुलासा सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त किया गया था और इसकी शिकायत दस्तावेज सहित सरगुजा संभागायुक्त से की गई थी। संभागायुक्त ने अपनी ओर से मामले की जांच कराई और शासन को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।

    गौरतलब है कि अधिवक्ता व आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने उप संचालक पशुधन विकास विभाग अंबिकापुर द्वारा वर्ष 2016-17 में औषधि एवं उपकरणों की खरीदी में भारी अनियमितता किए जाने से संबंधित दस्तावेज आरटीआई के तहत प्राप्त किया था। दस्तावेज सहित इसकी शिकायत संभागायुक्त से की गई थी। इस शिकायत की जांच के बाद संभागायुक्त ने पशुधन विकास विभाग के सचिव को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की है। संभागायुक्त ने विभाग के सचिव को भेजे प्रतिवेदन में बताया है कि उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं अंबिकापुर द्वारा औषधि एवं उपकरण संबंधी क्रय हेतु अपनाई गई प्रक्रिया भंडार क्रय नियम 2002 के नियम के विपरीत है यदि संबंधित मद में पूर्ण वर्ष हेतु आबंटन 50 लाख की सीमा तक ही होता तो क्रय हेतु अपनाई गई प्रक्रिया सही होती किन्तु वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्राप्त आबंटन एक ही प्रकार के वस्तु क्रय हेतु 50 लाख से अधिक था। वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्राप्त बजट से आवश्यक औषधि एवं आवश्यक उपकरण छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अनुमोदित दर पर अनुबंधित फर्म से क्रय किया जाना चाहिए था। दर अनुमोदित न होने की दशा में भंडार, क्रय नियम 2002 के नियम के अनुसार खुली निविदा आमंत्रित कर न्यूनतम दर पर उच्च मापदंड के उपकरण एवं औषधि क्रय की जानी चाहिए थी जो नहीं किया गया। कोटेशन पद्घति से क्रय कर भंडार, क्रय नियम का उल्लंघन किया गया है। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं द्वारा अपने प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन लिमिटेड रायपुर द्वारा अनुमोदित औषधियों का क्रय किया गया है किन्तु जो औषधियां कार्पोरेशन द्वारा अनुमोदित नहीं थी उन औषधियों का ही क्रय आवश्यकतानुसार विभाग में प्रचलन अनुसार पशु चिकित्सा केन्द्रों की मांग के अनुसार सीमित निविदा पद्घति से क्रय किया गया है। औषधि मद में आबंटन माह नवंबर-दिसंबर में प्राप्त हुआ है। खुली निविदा के लिए लगभग एक माह के समय की आवश्यकता होती है।निविदा आमंत्रण एवं निविदा कार्रवाई पूर्ण करने में काफी समय व्यतीत होता है तथा प्रकाशन पर भी काफी व्यय आता है। खरीदी प्रशासन द्वारा 15 फरवरी के बाद रोक की स्थिति निर्मित हो जाती है। ऐसी स्थिति में खुली निविदा पूर्णरुपेण सफल नहीं होती है। स्थानीय परिस्थितियों एवं क्षेत्र के पशुओं में मौसमी बीमारी फैलने की संभावनाओं की दृष्टिगत एवं कार्यालय को औषधि मद में आबंटित राशि लेप्स होने की स्थिति को देखते हुए उन औषधियों का क्रय जो कार्पोरेशन की अनुमोदित सूची में शामिल नहीं है, सीमित निविदा कार्रवाई पूर्ण कर अनुमोदन पश्चात प्रत्येक उपकरण व औषधि क्रय करने कार्यादेश जारी किया गया है। शिकायत व उप संचालक के द्वारा प्रतिवेदन में किए गए उल्लेख के साथ संभागायुक्त ने प्रतिवेदन शासन स्तर पर परीक्षण व आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है।

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