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    रोजगार की तलाश में मुंबई गई युवती को संस्था ने पहुंचाया घर

    Published: Wed, 13 Sep 2017 11:45 PM (IST) | Updated: Wed, 13 Sep 2017 11:45 PM (IST)
    By: Editorial Team

    0 तीन वषोर् से युवती मुंबई में कर रही थी काम

    बतौली । नईदुनिया न्यूज

    बतौली क्षेत्र अंतर्गत शिवपुर की एक युवती को मुंबई से एक समाजसेवी संस्था ने अथक प्रयास के बाद अपने घर पहुंचा दिया है। युवती मुंबई काम की तलाश में गई थी और अच्छे पगार की लालच में वहीं रह कर कार्य करने लगी थी। पुलिस की नजर युवती पर पड़ने के बाद व न्यायालय ने आदेश के बाद समाजसेवी संस्था ने युवती को सही सलामत घर पहुंचा दिया है।

    मामला बतौली क्षेत्र के शिवपुर का है। बताया जा रहा है कि बतौली थाना अंतर्गत बाजीकोना शिवपुर निवासी 25 वर्षीय धनपति यादव पिता घेरटा यादव जाति वर्ग बारगाह करीब तीन वर्ष पहले अच्छी पगार के लालच में काम करने के लिए अपने परिजन नेहरू यादव के साथ घर से निकल कर सीधे मुंबई पहुंच गई थी। वहां वह एक व्यवसाई के यहां काम करने लगी थी। लगभग एक साल तक काम करने के बाद वह अकेले घर शिवपुर वापस आ गई थी, लेकिन उसका मन यहां नहीं लगता था। चार से पांच माह शिवपुर में रहने के बाद वह अकेले ट्रेन से रायपुर होते हुए मुंबई पहुंच गई थी और वहां एक मुस्लिम परिवार के यहां घर का कामकाज कर रही थी। इसी दौरान सब्जी भाजी लेने के लिए एक दिन वह बाजार गई थी, तभी बेलापुर जिले के पुलिस की नजर युवती पर पड़ी थी। युवती से पूछताछ के बाद पुलिस को उसने बताया कि वह छत्तीसगढ़ की रहने वाली है और यहां पर कार्य की तलाश में आई थी। बेलापुर की पुलिस को मानव तस्करी की आशंका हुई थी और युवती के बयान के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया था। युवती से उसका आईडी प्रूफ भी मांगा गया था, लेकिन युवती के पास आईडी प्रूफ नहीं था और न ही उसने बतौली क्षेत्र स्थित अपने घर का कोई पता बताया था। न्यायालय के आदेश पर युवती को पालघर स्थित बोईसर जिला ठाणे के रेस्क्यू फाउंडेशन फूलपाड़ा के सुपुर्द कर दिया गया था। संस्था ने अपने यहां दो वषोर् तक उसे रखा था। इस दौरान संस्था लगातार युवती के घर का पता तलाश कर रही थी। अथक परिश्रम के बाद युवती का पता बतौली के शिवपुर में लगने के बाद समाजसेवी संस्था की हाउस मदर निशा महेश गौड़ा के माध्यम से युवती को शिवपुर पहुंचाया गया। 10 सितंबर को ट्रेन के माध्यम से मुंबई से युवती को लाकर सरपंच शिवपुर की उपस्थिति में परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। युवती घर आना ही नहीं चाहती थी

    तीन वर्ष से गायब धर्मवती दो बार मुंबई गई थी और न्यायालयीन आदेश के बाद जब उसे समाज सेवी संस्था के सुपुर्द किया गया तो युवती ने अपने घर का असली पता नहीं बताया था। वह छत्तीसगढ़ की रहने वाली है, बस इतना ही बता पा रही थी। दो वर्ष तक संस्था में रहकर बागवानी इत्यादि कार्य करने का पारिश्रमिक भी लगभग 9000 रुपए दिया गया। इसके अलावा जिस मुस्लिम परिवार में वह कार्य करती थी, उसमें भी उसे दो वर्ष तक कार्य करने के लिए 7000 रुपए मासिक वेतन दिया जाता था।

    मंगलवार को मुंबई से आई समाजसेवी संस्था ने परिजनों की उपस्थिति में युवती धनपति पिता घेरटा को उसके सुपुर्द कर दिया है। युवती मुंबई दो बार जा चुकी थी। वह घर आना ही नहीं चाहती थी। वह बाहर रहकर ज्यादा पैसा कमाने की फिराक में थी।

    रामपति

    सरपंच, शिवपुर

    एक महीने पहले मुंबई स्थित समाजसेवी संस्था से युवती के संबंध में जानकारी हेतु मैसेज प्राप्त हुआ था। जानकारी भरकर हमने मैसेज वापस संस्था को प्रेषित कर दिया गया था। एक महीने पहले संस्था ने गलती से महासमुंद जानकारी हेतु पत्र प्रेषित किया था। बाद में अंबिकापुर से युवती के संबंध में जानकारी दुरुस्त कर भेजा गया था। युवती की उम्र 22 वर्ष है, इसलिए आईसीपीएस के बजाय उसे पुलिस के माध्यम से परिजनों को पहुंचाया गया है।

    निशा मिश्रा

    जिला कार्यक्रम अधिकारी

    महिला बाल विकास विभाग, अंबिकापुर

    और जानें :  # human trafficking
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