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    किसानों का आदान सामग्री का अब तक भंडारण नहीं

    Published: Mon, 19 Jun 2017 09:01 PM (IST) | Updated: Mon, 19 Jun 2017 09:01 PM (IST)
    By: Editorial Team

    पेज 12 की लीड लगा देंगे।

    0 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने रिकव्हरी को बताया गलत

    0 कहा बड़े अधिकारी अपनी गलतियों को छुपाने हमें बना रहे बलि का बकरा

    फोटो-20

    अंबिकापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को शासन द्वारा अब तक किसानों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले आदान सामग्री अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। इन सामग्रियों के विलंब से भंडारण होने के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिलता। जब कृषि विस्तार अधिकारियों को यह सामग्री मिलती है तब तक देर हो चुकी होती है। बाद में जब यह सामग्री उपयोगहीन हो जाती है तो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों से जवाब मांगा जाता है। इस मुद्दे को लेकर अभी से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकजुट हो गए हैं।

    ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की संभागीय बैठक में आदान सामग्री व अंश राशि की रिकव्हरी को लेकर चर्चा हुई। बैठक में इन कृषि विस्तार अधिकारियों ने कहा है कि उन पर रिकव्हरी का एकतरफा आरोप लगाया जाना उचित नहीं है। आदान सामग्री को लेकर बताया गया कि कृषकों से कृषक अंश राशि लेने कहा जाता है जबकि सोईल एप्लीकेशन वाले सुक्ष्म पोषक तत्व, खरपतवार नाशक, पेड्डी विडर का भंडारण काफी विलंब से होता है। ऐसी स्थिति में किसान इसका उपयोग नहीं कर पाते। खेती में सब कुछ समय पर होना चाहिए। अक्सर वरिष्ठ कार्यालय द्वारा योजनाओं की आधी-अधूरी जानकारी दी जाती है। इसकी वजह से बीज व कीटनाशी दवा का कृषकों को वितरण करने के पश्चात हमें बताया जाता है कि इसमें कृषक अंश भी कृषकों से लेना था। इस स्थिति में कृषक ठगे से महसूस करते हैं। कृषि विस्तार अधिकारियों ने कहा है कि कुछ दिन पूर्व कृषि मंत्री ने जिलाधिकारियों की बैठक ली थी जिसमें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के ऊपर लाखों की रिकव्हरी होना बताया था पर किसी ने हम लोगों का पक्ष मंत्री के समक्ष नहीं रखा। बड़े अधिकारी अपनी गलतियों को छुपाने हमें बलि का बकरा बना देते हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर आयोजित संभागीय बैठक में संघ के प्रांताध्यक्ष सीपी मिश्रा, जहांगीर आलम, आशीष गुप्ता, शैलेन्द्र पटेल, रविरंजन साहू, हेमेन्द्र सिंह राठौर, बलू साय मरावी, अनिल सोनी, राजेश चौधरी सहित पांचों जिले के जिलाध्यक्ष राधाकृष्ण, उमाकांत सिंह, राजेन्द्र यादव, उमेश प्रधान उपस्थित थे।

    योजना के क्रियान्वयन में एकरुपता नहीं-

    कृषि विस्तार अधिकारियों ने कहा है कि कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वयन में एकरुपता नहीं है। मृदा नमूना को भी किसानों से पांच रुपए शुल्क लेने कहा गया है वहीं कुछ जिलों में यह निःशुल्क है। गेहूं बीज के लिए कुछ जिलों में चार रुपए प्रति किलो अंश लेने कहा गया है वहीं बलरामपुर व अन्य जिलों में कोई राशि नहीं ली गई। ऐसी स्थिति में हमें मैदानी कार्य करने में कई तरह की दिक्कतें आती है जिससे जेब से पैसे भरने पड़ते हैं।

    30 जून तक अंश राशि जमा करने का आदेश-

    ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने कहा है कि विभागीय मंत्री के द्वारा 30 जून तक कृषक अंश राशि जमा करने का आदेश दिया गया है। इस अवधि में राशि जमा नहीं हुई तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश से हम पर लाखों की अनुचित रिकव्हरी हो रही है।

    और जानें :  # kisano ka aadan
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