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    वाहनों में लगेगी स्पीड गवर्नर, तेज रफ्तार पर लगेगी लगाम

    Published: Wed, 15 Nov 2017 07:21 AM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 07:21 AM (IST)
    By: Editorial Team

    बलौदाबाजार। नईदुनिया न्यूज

    तेज रफ्तार चलने वाले भारी वाहनों के स्पीड और वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने मध्यम भारी वाहनों में स्पीड गवर्नर उपकरण लगाए जाएंगे। केन्द्रीय मोटर यान नियमों के अंतर्गत रजिस्टर्ड होने वाले नई और पहले से रजिस्टर्ड मध्यम व भारी यात्री वाहनों में एआईएस मानक के स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। हाइवे सड़कों पर दुर्घटना रोकने के उद्देश्य से राज्य शासन से मिले निर्देशों के अनुसार पूरे प्रदेश सहित जिले में भी सभी वाहनों के लिए स्पीड गवर्नर अनिवार्य कर दिया गया है।

    राज्य शासन ने परिवहन विभाग को निर्देशित कर सभी वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने के आदेश दिए हैं। वर्तमान में बिना जांच के बेलगाम वाहन चल रहे हैं। धूल, धुआं उड़ने से लोग परेशान हैं। लगातार हो रहे सड़क दुर्घटना के साथ बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए शासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। स्पीड गवर्नर डिवाइस गाड़ी के फ्सूल व इंजन के बीच लगेगा। एक्सीलेटर दबाते ही यह सक्रिय हो जाएगा। वाहन की स्पीड 60 किमी से अधिक होते ही सिस्टम फ्यूल टैंक से सप्लाई रोक देगा और गाड़ी की स्पीड आगे नहीं बढ़ पाएगी। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में एनएच व हाइवे पर होने वाले अधिकांश एक्सीडेंट में वाहनों की स्पीड अधिक होने का मामला सामने आया है।

    भारी वाहनों पर लागू

    वायु प्रदूषण कंट्रोल करने के अलावा सड़क दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए वाहनों पर स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य होगा। मध्यम भारी यात्री व भारी वाहनों में यह सख्ती से लागू रहेगा। शासन के आदेशानुसार वाहन मालिकों को तय की गई कुछ खास कंपनियों से प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। बिना गवर्नर के अभाव में वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा। पहले से रजिस्टर्ड वाहनों को फिटनेट प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जाएगा। वाहनों को स्पीड गवर्नर लगाना होगा। स्पीड गवर्नर लगाकर निर्धारित प्रपत्र में सूचना फिटनेस आवेदन के साथ मूल पंजीयन पुस्तिका भौतिक रूप से वाहन को कार्यालय में देना होगा।

    ट्रांसपोर्टरों की बढ़ी परेशानी

    जिला परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बगैर स्पीड गवर्नर के वाहनों का फिटनेस प्रमाण-पत्र देना रोक दिया गया है। इसलिए अब वाहन मालिकों को हर हाल में स्पीड गवर्नर उपकरण लगाना होगा। अगर सख्ती से आदेश का पालन किया जाता है तो बगैर स्पीड गवर्नर के कोई भी वाहन सड़को पर नहीं दिखेंगे। वाहन मालिकों ने बताया कि स्पीड गवर्नर के लिए 16 सौ रुपए से अधिक खर्च करना है। शासन की मंशा है कि इस व्यवस्था से सड़क दुर्घटना में कमी लाई जा सके। स्पीड गवर्नर की अनिवार्यता ने ट्रांसपोर्टरों की परेशानी बढ़ा दी है।

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