Naidunia
    Saturday, November 25, 2017
    PreviousNext

    बैंकों में लगने वाले चार्ज से परेशान है तो यहां करें बचत

    Published: Sat, 11 Nov 2017 03:51 AM (IST) | Updated: Sat, 11 Nov 2017 01:32 PM (IST)
    By: Editorial Team
    post office 20171111 13192 11 11 2017

    भिलाई। देश की अर्थव्यवस्था में बैंक और डाकघर रीढ़ की तरह है। देश के अर्थ तंत्र में बैंक और डाकघर की बड़ी भूमिका है, जहां मुद्रा विनिमय की सुविधाओं के साथ ही कर के माध्यम से राज्य व केंद्र सरकार को सहयोग मिलता है।

    दोनों केन्द्र सरकार के उपक्रम है, लेकिन दोनों ही संस्थाओं के नियमों में बड़ा फर्क है। एक ओर बैंक लोगों से सुविधाओं के नाम पर कई तरह का कर वसूला है तो वहीं डाकघर में बहुत सी सुविधाएं निःशुल्क हैं। जबकि कुछ सुविधाओं पर नाम मात्र शुल्क लिया जाता है।

    डाकघर में मिलने वाली सुविधा के समकक्ष ही बैंकों में सुविधाएं मुहैय्या कराई जाती है, लेकिन उसके नाम पर उपभोक्ताओं की जेब ढीली करने में सरकारी बैंक पीछे नहीं है। बैंक अधिकारियों की मानें तो बैंकों में मिलने वाली सुविधाएं बगैर भारत सरकार के सहयोग से मिलती है।

    वहीं डाकघर में सारी सुविधाओं में प्रत्यक्ष रूप से सरकार का सहयोग होता है। बैंकों में ब्याज की दर से लगभग आधा प्रतिशत ज्यादा ब्याज डाकघरों में मिलता है, जो तिमाही, छहमाही व सालाना अवधि के होते हैं।

    मिनिमम बैलेंस में फर्क

    केंद्र सरकार ने नोटबंदी के बाद महानगरीय, कस्बाई व ग्रामीण इलाकों के बैंकों के लिए बचत खाता में मिनिमम बैलेंस का दायरा निर्धारित कर दिया है। सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल सीनियर मैनेजर (रायपुर) दिनेश यादव की माने तो सेन्ट्रल बैंक में कम से कम दो हजार की राशि खाते में रखना अनिवार्य है।

    इसी तरह देना बैंक के मुख्य प्रबंधक जेसी पाण्रिगही ने बताया कि एसबीआई में मिनिमम बैलेंस तीन हजार रुपए खाताधारक को रखने पड़ते हैं। दूसरी ओर डाकघर के प्रवर अधीक्षक बीएल जांगडे ने बताया कि डाकघरों में खाताधारक को मिनिमम बैलेंस 50 रुपए ही रखने पड़ते हैं।

    बैंकों में एसएमएस अलर्ट सशुल्क, डाकघर में निःशुल्क

    सेन्ट्रल बैंक के रीजनल मैनेजर दिनेश यादव ने बताया कि सरकारी उपक्रम वाले बैंकों में शार्ट मैसेज सर्विस (एसएमएस) अलर्ट का अलग-अलग चार्ज लिया जाता है। सेन्ट्रल बैंक में 10 पैसा प्रति एसएमएस के रूप में लिया जा रहा है। वहीं एसएमएस अलर्ट की सुविधा खाताधारकों को डाकघरों में पूरी तरह निःशुल्क मिल रही है। वहीं निजी बैंकों में एसएमएस चार्ज वसूलने के अपने अलग ही नियम है।

    डाकघर के एटीएम उपयोग की सुविधा निःशुल्क

    डाकघर के सहायक अधीक्षक केसी राय ने बताया कि किसी भी बैंक का खाताधारक जितने बार चाहे डाकघर के ऑटोमेटेड ट्रेलर मशीन (एटीएम) का उपयोग कर सकता है। यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त है। वहीं डाकघर का खाताधरक किसी बैंक के एटीएम का उपयोग चार या पांच (सभी बैकों के अलग नियम) से अधिक करता है तो संबंधित बैंक द्वारा उपभोक्ता के खाते से 15 से 25 रुपए कांट लिया जाता है।

    बैंकों में एटीएम चार्ज, डाकघर में फ्री

    सेन्ट्रल बैंक के मैनेजर सीएम गुप्ता ने बताया कि उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले एटीएम सुविधा के खातिर सालाना 100 रुपए की राशि रेंटल लिया जाता है। उन्होंने बताया कि निजी बैंकों की अपनी अलग नीति है। वहीं डाकघर दुर्ग डिविजन के प्रवर अधीक्षक बीए जांगडे ने बताया कि डाकघरों में एटीएम की सुविधा पूरी तरह मुफ्त है।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें