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    एसबीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर 1.20 करोड़ की ठगी

    Published: Sat, 15 Apr 2017 09:02 PM (IST) | Updated: Mon, 17 Apr 2017 10:27 AM (IST)
    By: Editorial Team
    bhilaicrime 15 04 2017

    भिलाई। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में क्लर्क की नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से ठगी करने वाले गिरोह को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। सरगना महज सातवीं पास है। आरोपियों ने बताया कि यूट्यूब में वीडियो देखकर उन्होंने ठगी का तरीका सीखा।

    हाईटेक जानकारी के चलते ग्रेजुएट युवकों को शिकार बनाया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह ने छत्तीसगढ़ के करीब 49 युवाओं से 1 करोड़ 20 लाख 90 हजार रुपए की ठगी की है। यूपी, बिहार, आंध्रप्रदेश और दिल्ली के युवकों को भी ठगा। ज्यादतार पीड़ित दुर्ग जिले के बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक पीड़ितों व ठगी की रकम बढ़ सकती है।

    शनिवार को पत्रकारवार्ता में दुर्ग सिटी एएसपी राजेश अग्रवाल व क्राइम डीएसपी डीआर पोर्ते ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी दिलाने के नाम पर वर्ष 2015 से ठगी करने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।

    सरगना राहुल श्रीवास्तव नाम बदलकर प्रभात रंजन के नाम से घटना को अंजाम दिया। उसके साथी अंकित चौहान ने भी खुद को आदित्य श्रीवास्तव बताकर ठगी में साथ दिया। दोनों ने एसबीआई दिल्ली के करोलबाग स्थित शाखा के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट में केलीवेंचर कंपनी के अधिकारियों अमित कुमार पांडेय, निखिल कुमार, इरशाद खान, चंदन कुमार और रायपुर निवासी लखन साहू को अपने गिरोह में शामिल किया।

    आरोपियों ने अखिल भारतीय प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से एसबीआई में नौकरी लगवाने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट, ओएलएक्स और अन्य माध्यमों पर विज्ञापन दिया और युवकों से ठगी की। पुलिस ने राहुल श्रीवास्तव, अंकित चौहान, अमित कुमार पांडेय और लखन साहू को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी) और 34 (सामूहिक रूप से) के तहत कार्रवाई की है। गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।

    ऐसे करते थे ठगी

    आरोपी पीड़ितों को अखिल भारतीय प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से मंत्री और अन्य बड़े अफसरों के कोटे से सीधी भर्ती कराने का झांसा देते थे। इसके एवज में 4 लाख रुपए अधिकारियों व स्वयं के लिए 75 हजार रुपए कमीशन मांगते थे। आरोपी पीड़ितों को दिल्ली बुलाकर वहां के होटल शांति पैलेस महिपाल नगर में फर्जी साक्षात्कार कराने के बाद अपने खातों में रुपए जमा करा लेते थे। रुपए मिलने के बाद आरोपी अपना मोबाइल बंद कर देते थे।

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