Naidunia
    Monday, November 20, 2017
    PreviousNext

    8वीं पास ठगों ने अमिताभ बच्चन को भी नहीं छोड़ा

    Published: Fri, 14 Jul 2017 06:41 PM (IST) | Updated: Sat, 15 Jul 2017 11:17 AM (IST)
    By: Editorial Team
    amitabh  bachchan news bilaspur 2017715 111729 14 07 2017

    बिलासपुर। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है। गिरोह के सदस्य खुद को बैंक अफसर बनकर मोबाइल से संपर्क करते थे और एटीएम का पिन नंबर हासिल कर खाते से रकम निकाल लेते थे।

    वे महज 8वीं-10वीं पास हैं और पढ़े-लिखे लोगों को आसानी से अपना शिकार बना रहे थे। गिरोह ने फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन को भी 1 लाख रुपए की चपत लगाई है। पुलिस की विशेष टीम ने इस गिरोह के 8 सदस्यों को झारखंड के जंगली व धुर नक्सल प्रभावित इलाके से पकड़कर लाई है।

    मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अफसरों ने शुक्रवार को बताया कि बिनोबा नगर स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी व एसईसीएल के रिटायर्ड कर्मी सजल क्रांति सरकार ने बीते 30 जून को सरकंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने बताया कि 17 जून को किसी अनजान आदमी ने उनके मोबाइल पर कॉल किया और खुद को बैंक अफसर बताते हुए एटीएम कार्ड का डिटेल ले लिया।

    थोड़ी देर में उसके मोबाइल पर 1 लाख 33 हजार 999 रुपए निकाले जाने का मैसेज आया। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। शहर के साथ ही जिले के ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही ठगी के इस मामले को एसपी मयंक श्रीवास्तव ने गंभीरता लिया। उन्होंने एडिशनल एसपी शहर नीरज चंद्राकर, एडिशनल एसपी ग्रामीण अर्चना झा और कोतवाली सीएसपी शलभ सिन्हा के नेतृत्व में टीम बनाकर साइबर सेल के साथ जांच करने की जिम्मेदारी दी। पुलिस की साइबर सेल ने बैंक स्टेटमेंट की बारीकी से जांच की।

    तब पता चला कि ठगों ने अकाउंट और एटीएम की गोपनीय पिन व ओटीपी हासिल कर इलेक्ट्रानिक वालेट में रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए हैं और अलग-अलग खातों से रकम निकाले हैं। इसी आधार पर दूसरे मामलों की पड़ताल की गई। इससे पता चला कि ठगी की रकम झारखंड में धनबाद जिले के सरायढेला स्थित स्टेट बैंक के खाताधारक मुकेश मिस्त्री और देवेंद्र मंडल के खाते में जमा हुई है। इसकी निकासी गोविंदपुर, संग्रामडीह,और ताराटांड के अलग-अलग एटीएम बूथ से अलग-अलग एटीएम कार्ड के जरिए की गई है।

    गिरोह के इस इलाके में सक्रिय होने की खबर मिलते ही पुलिस अफसरों ने साइबर सेल प्रभारी प्रभाकर तिवारी, एसआई युवराज तिवारी, आरक्षक बलवीर सिंह, राहुल जगत व लक्ष्मी कश्यप की टीम बनाकर संबंधित इलाके में भेजा। टीम 12 दिन तक वहां रहकर गिरोह की पतासाजी करती रही। टीम के सदस्य धनबाद जिले के टूंडी थाना इलाके के गांव करमाटांड सहित नक्सली इलाकों में आरोपियों की पतासाजी करते रहे। आखिर इस वारदात के मास्टर माइंड सहित 8 लोगों को पकड़ने में टीम ने कामयाबी हासिल की।

    पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य महज 8वीं-10वीं तक पढ़े हैं और देशभर में शिक्षित वर्ग के लोगों को ठगी का शिकार बनाते रहे हैं। पूछताछ में उन्होंने फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन को भी ऑनलाइन ठगी के जरिए एक लाख स्र्पए की चपत लगाने की बात कही है। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को कोर्ट में पेश किया। उन्हें पूछताछ व माल बरामद करने के लिए 19 जुलाई तक रिमांड पर लिया गया है।

    ये हैं पकड़े गए आरोपी

    पकड़े गए आरोपियों में मुकेश मिस्त्री, देवानंद मंडल , बंदू मंडल, खूबलाल कुमार मंडल, दीपचंद मंडल, महेंद्र कुमार मंडल, नंद किशोर मंडल और नवीन मंडल शामिल हैं। उनके पास से बोलेरो गाड़ी, 50 हजार नगद, 13 मोबाइल और कई पासबुक जब्त किए गए हैं।

    4 हजार लोगों को बनाया है शिकार

    पुलिस ने बताया कि यह गिरोह मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब 4 हजार लोगों को मोबाइल के जरिए ठगी का शिकार बना चुका है। पकड़े गए लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस ने बताया कि करमाटांड गांव में 20 से ज्यादा लोग अलग-अलग ग्रुप में ऑनलाइन ठगी करते थे। उनकी पहचान हो गई है। साथ ही धनबाद के पड़ोसी जिले बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, जामताड़ा के कई गांवों से जानकारी जुटाई जा रही है। वे देशभर में बैंक अफसर बनकर ठगी करते रहे हैं।

    नक्सलियों के चंगुल में फंसी पुलिस तो बन गए बीएसएनएल कर्मी

    बीहड़ नक्सल इलाकों में पुलिस की टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 12 दिन तक टीम के सदस्यों को वहां रहकर गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों की रैकी करनी पड़ी। इस दौरान पुलिस की टीम नक्सलियों के चंगुल में फंस गई थी। नक्सलियों की पूछताछ में उन्होंने बताया कि सभी बीएसएनएल के कर्मचारी हैं और मोबाइल टावर लगाने के काम से आए हैं।

    2013 में पहली बार पकड़े गए थे

    पुलिस की विशेष टीम ने इससे पहले भी इस गिरोह के सदस्यों को वर्ष 2013 में गिरफ्तार किया था। उस समय ऑनलाइन ठगी के कारोबार की शुरुआत हुई थी। हालांकि, उस कार्रवाई में पुलिस को बड़ी सफलता नहीं मिल पाई। लेकिन, पिछली कार्रवाई के दौरान मिले क्लू के आधार पर उनकी खोजबीन की गई।

    बताते हैं कि उस समय गिरोह के सदस्य जामताड़ा गांव में झोपड़ियों में रहते थे। लेकिन, अब यहां अधिकांश लोग पक्के मकान बना चुके हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य ऑनलाइन ठगी कर पक्के मकान बना रहे हैं। गिरोह के पकड़े गए आधा दर्जन सदस्यों का मकान निर्माणाधीन है।

    गिरोह का जनक है सीताराम मंडल

    पुलिस अफसरों ने बताया कि झारखंड इलाके से शुरू हुए इस ठग गिरोह का जनक ग्राम फुलची निवासी सीताराम जनक है। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को कई अहम जानकारियां दी है, जिसके आधार पर सीताराम सहित अन्य की पतासाजी की जा रही है।

    बताते हैं कि सीताराम का आलीशान मकान है, जिसके दरवाजे रिमोट कंट्रोल से ऑपरेट होते हैं। पकड़े गए गिरोह का सरगना महेंद्र कुमार मंडल है, जिसका पैर कट गया है। पैर कटने के बाद से ही वह इस गिरोह का सरगना बन गया और युवकों को शामिल कर ठगी का कारोबार शुरू कर दिया।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें