Naidunia
    Friday, December 15, 2017
    PreviousNext

    टीवी सीरियल की तर्ज पर बिलासपुर से उद्योगपति का अपहरण

    Published: Thu, 09 Jul 2015 11:20 AM (IST) | Updated: Thu, 09 Jul 2015 11:22 AM (IST)
    By: Editorial Team
    kidnaps 201579 112247 09 07 2015

    बिलासपुर (निप्र)। अपराध से जुड़े टीवी सीरियल की तर्ज पर शहर के गंगानगर निवासी उद्योगपति का अपहरण कर फिरौती वसूलने का मामला सामने आया है। अपहरणकर्ताओं ने उसे बंधक बनाकर 10 लाख स्र्पए की फिरौती भी ले ली। अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुटकर पीड़ित उद्योगपति ने पुलिस अफसरों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के खिलाफ जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मूलत: मुंगेली निवासी स्वप्निल उर्फ डनेश्वर साहू पिता धनीराम साहू (32) सिविल लाइन क्षेत्र के गंगानगर में रहता है। वह फ्लाई एश ब्रिक्स मशीन लगाने का काम करता है। यहां उनकी फैक्ट्री है और वह ग्राहकों की मांग पर गांव-गांव जाकर मशीन स्थापित करता है। बीते 14 जून की सुबह करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम राहुल कुमार बताया। उसने बताया कि दोनों की मुलाकात डेढ़ साल पहले हुई थी।

    लेकिन, उस समय लोन का इंतजाम नहीं हुआ। इसलिए एस ब्रिक्स मशीन नहीं लगवा सका था। अब लोन का प्रबंध हो गया है। लिहाजा, वह बिहार के पटना के पास अपने खुद का फ्लाई एश ब्रिक्श लगाना चाहता है। पहली बार काल आया तो स्वप्निल ने नजर अंदाज कर दिया। लेकिन, राहुल कुमार लगातार तीन-चार दिनों तक उससे संपर्क करता रहा और साइड देखने के बहाने पटना बुलाया।

    बार-बार आग्रह करने व नया ग्राहक मिलने की आस में स्वप्निल बीते 21 जून को ट्रेन से पटना जाने के लिए निकल गया। पटना पहुंचने के बाद राजेंद्र नगर टर्मिनल के सामने हॉटल में कमरा लिया। फिर फ्रेश होने के बाद राहुलकुमार से संपर्क किया। इस बीच राहुल लगातार उसका लोकेशन लेता रहा। उसके तैयार होने के बाद राहुल कुमार ने एक युवक को उसे लेने भेजा। उसके पास कोई साधन नहीं था। लिहाजा, स्वप्निल ने गाड़ी किराया किया। फिर दोनों किसी अनजान जगह पर चले गए।

    चूंकि स्वप्निल के लिए पटना नई जगह थी, तो उसे समझ नहीं आया कि युवक उसे कहां लेकर जा रहा है। करीब 5 किलोमीटर दूर जाने के बाद युवक ने गाड़ी स्र्कवा दी। फिर पैदल एक गली में ले गया। एकदम सकरी गली में जाने के बाद एक छोटे से मकान में दो युवक उनका इंतजार कर रहे थे। जैसे ही स्वप्निल वहां पहुंचे उसे छोटे से कमरे में बंद कर दिया।

    फिर तीनों युवकों ने मिलकर उसकी पिटाई की। उसके मोबाइल व पर्स छीनकर तलाशी ली। फिर उसके हाथ-पैर बांधकर मुंह में पट्टी लगा दिए। इस दौरान उसे जान से मारने की धमकी देने लगे। इस बीच युवक उससे फिरौती की मांग करने लगे। स्वप्निल ने उन्हें दो लाख देने की बात कही। इस पर युवक 30 लाख की मांग करने लगे। किसी तरह उनके बीच 10 लाख स्र्पए में सौदा तय हुआ। सौदा तय होने के बाद स्वप्निल ने अपने भाई से संपर्क किया और रकम लेकर आने कहा। उनके भाई ट्रेन से जाने की तैयारी में थे। इस पर स्वप्निल ने खुद की गाड़ी में आने कहा। इस पर उनके मन में आशंका हुई। फिर भी उसके दो भाई सहित अन्य रकम लेकर पटना के लिए रवाना हो गए।

    22 जून की सुबह उनके भाई रकम लेकर पटना पहुंचे तो स्टेशन के पास एक युवक ने रकम लिया। रकम मिलते ही अपहरणकर्ताओं ने स्वप्निल को छोड़ दिया। अपहरणकर्ताओं की पिटाई से वह घायल हो गया था। रास्ते में उसने आप बीती अपने भाइयों को बताया। शहर पहुंचने के बाद स्वप्निल व परिजन दहशत में थे।

    किसी तरह उन्होंने घटना की सूचना पुलिस के आला अधिकारियों को दी। आईजी पवन देव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए। पीड़ित स्वप्निल ने इस मामले की शिकायत मुंगेली थाने में दर्ज कराई थी, जिसे सिविल लाइन थाना भेजा गया है। पुलिस ने इस मामले में धारा 120बी, 364क, 506बी, 294, 323, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

    दहशत में है स्वप्निल व परिजन

    इस घटना के बाद स्वप्निल के साथ ही परिजन दहशत में आ गए हैं। पहले वह शिकायत करने के लिए तैयार नहीं था। स्वप्निल अपहरणकर्ताओं की हरकतों को देखकर सिहर उठता है। अपहरणकर्ताओं ने उसके हाथ व पैर को रस्सी से कसकर बांध दिया, जिससे उसके दम घुटने जैसी स्थिति बन गई थी। पिटाई से उसके हाथ-मुंह सहित जगहों से खून निकल रहा था। उनके चंगुल से छुटने के बाद उसकी जान में जान आई। घटना की सच्चाई जानने के बाद परिजन भी दहशत में आ गए। शुरूआत में परिजन भी शिकायत करने से डर रहे थे। बाद में उन्होंने हिम्मत दिखाई और पुलिस से शिकायत की।

    परिजनों को नहीं लगी भनक

    अपहरणकर्ताओं की जबरदस्त प्लानिंग के चलते स्वप्निल उनके झांसे में फंस गया। स्वप्निल को यह भरोसा ही नहीं था कि पटना में उसके साथ ऐसी कोई घटना हो जाएगी। स्वप्निल ने परिजनों ने 10 लाख स्र्पए रकम मंगाई, तब भी उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि स्वप्निल अपहरणकर्ताओं के चंगुल में फंस गया होगा। हालॉकि, उनके धंधे में इस तरह से रकम का लेनदेन होता रहता है। इसके चलते भी परिजन ऐसी कोई घटना होने का अंदाजा नहीं लगा सके।

    अपहरण व हत्या के हैं शातिर अपराधी

    अपहरणकर्ता शातिर व आदतन अपराधी हैं। स्वप्निल से बात करते व धमकी देते समय युवक उसे कई नेता, उद्योगपति सहित अन्य लोगों की तस्वीरें दिखाते और डराने की कोशिश करते रहे कि रकम नहीं देने पर उनकी हत्या कर दी गई। आपस में चर्चा के दौरान अपहरणकर्ता रकम मिलने के बाद उसकी हत्या करने का भय दिखाते रहे। इस पर स्वप्निल रकम देने के बाद छोड़ने के लिए आग्रह करता रहा।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें