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    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आज हजारों लोग करेंगे योगाभ्यास

    Published: Wed, 21 Jun 2017 12:04 AM (IST) | Updated: Wed, 21 Jun 2017 12:04 AM (IST)
    By: Editorial Team

    महासमुंद। नईदुनिया प्रतिनिधि

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बुधवार सुबह 7 बजे से 8 बजे तक जिला मुख्यालय के हाईस्कूल प्रांगण में 3 हजार विद्यार्थी, शिक्षक, नागरिक, जनप्रतिनिधि, अफसर योगाभ्यास करेंगे। योग प्रशिक्षक गणेश कोसरे, तुलेंद्र सागर के अनुसार 60 मिनट के इस कार्यक्रम में 34 आसन कराए जाएंगे। प्रार्थना से कार्यक्रम की शुरुआत होगी एवं संकल्प व शांतिपाठ से कार्यक्रम का समापन होगा।

    कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी होंगी । अध्यक्षता विधायक डॉ विमल चोपड़ा करेंगे। विशिष्ट अतिथि क्रेडाध्यक्ष पुरंदर मिश्रा, माटीकला बोर्ड अध्यक्ष चंद्रशेखर पा़ंडे, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिता पटेल, नपाध्यक्ष पवन पटेल, जनपद अध्यक्ष धरमदास महिलांग, पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर आदि होंगे। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि 60 मिनट के कार्यक्रम में शिथिलीकरण अभ्यास के 8 आसन कराए जाएंगे। खड़े होकर 5 आसन, बैठकर 7 आसन, पेट के बल लेटकर 4 आसन, पीठ के बल लेटकर 5 आसन इसी तरह प्राणायाम के 5 आसन होंगे। योग शिक्षकों ने बताया कि योग के सभी मुद्राओं आसन का विशेष लाभ है। ताड़ासन मेरूदंड से संबंधित नाड़ियों के रक्त संचय को ठीक करने में सहयोग करता है। वृक्षासन तंत्रिका से संबंधित स्नायुयों के समन्वय को बेहतर बनाता है। पादहस्तासन मेरूदंड को लचीला बनाता है। जठराग्नि प्रदीप्त करता है। अर्ध चक्रासन ग्रीवा की मांसपेशियों को मजबूत करता है श्वसन क्षमता बढ़ाता है। त्रिकोणासन से पैर के तलवों से संबंधित विसंगतियां दूर होती है। भ्रदासन शरीर को दृढ़ रखता है एवं मस्तिष्क को स्थिर रखता है। अर्ध उष्ट्रासन कब्ज एवं पीठ दर्द से मुक्ति दिलाता है। शंशाकासन तनाव, क्रोध को कम करता है। जनन अंग संबंधी व्याधि से मुक्ति दिलाता है। योग शिक्षकों ने बताया कि सभी आसन शरीर की तरह-तरह की व्याधियों से मुक्ति दिलाने में सहायक है।

    विश्व बंधुत्व के लिए की जाएगी प्रार्थना

    संस्कृताचार्य सुखेंद्र द्विवेदी ने बताया कि योग दिवस पर विश्व बंधुत्व के लिए प्रार्थना भी कराया जाएगा। संस्कृत में उल्लेखित प्रार्थना का भाव है कि-हम साथ-साथ चलें, साथ बोलें, हमारा चिंतन समान हो। जिस प्रकार देवताओं की समान स्थिति होती है, हम उसी प्रकार सबके साथ समानता का भाव रखें, व्यवहार करें। कार्यक्रम में संकल्प लिए जाएंगे जिसमें देश और समूचे विश्व के लिए शांति, स्वास्थ्य एवं सौहार्द्र के लिए हम सभी के लिए कृत संकल्पित हों। अंत में शांतिपाठ में सभी के सुखी रहने, निरोगी रहने, सब में समानता हो, सब अच्छा देखें एवं किसी को कभी कोई दुःख न हो इस भाव को लेकर शांतिपाठ किया जाएगा। कार्यक्रम के लिए व्यापक तैयारियां की गई है।

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