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    कलेक्टर बनकर चमकना चाहता है सूरज

    Published: Sat, 22 Apr 2017 04:01 AM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 04:01 AM (IST)
    By: Editorial Team

    क्रेन ऑपरेटर के बेटे ने दसवीं बोर्ड की राज्य प्रावीण्य सूची में बनाया पांचवां स्थान

    किरोड़ीमल नगर के आदर्श ग्राम्य भारती स्कूल में पढ़ता था

    पᆬोटो क्रमांक 11 आरजीएचपी 20 (अपने होनहार पूत्र का मुंह मीठा कराते माता पिता)

    रायगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

    माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित दसवीं बोर्ड की परीक्षा में किरोड़ीमल नगर के जिंदल आदर्श ग्राम्य भारती स्कूल के छात्र सूरज प्रजापति ने राज्य की प्रावीण्य सूची में पांचवां स्थान बनाया है। सूरज प्रजापति मूलतः उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर अंतर्गत ग्राम अष्टाबाद का रहने वाला है। सूरज के पिता जेएसपीएल में क्रेन ऑपरेटर हैं। मां प्रमिला प्रजापति गृहणी है। छोटे भाई सुधीर प्रजापति ने इस वर्ष आठवीं की परीक्षा दी है। सूरज कलेक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहता है।

    सूरज तीन दिन पहले ही अपने परिवार के साथ अपने गृह ग्राम गया है। वहां उसे मोबाइल पर नईदुनिया ने राज्य प्रावीण्य सूची में पांचवे स्थार पर आने की खुशखबरी दी। सूरज के चयन से रायगढ़ ही नहीं उनका गृहगांव भी गौरवान्वित है। सूरज प्रजापति जिले का एकमात्र ऐसा विद्यार्थी है जिसने प्रावीण्य सूची में अपना नाम दर्ज किया है। मोबाइल पर नईदुनिया से चर्चा में सूरज ने बताया कि जिस तरह से उन्होंने मेहनत की थी उससे उन्होंने अंदाजा था कि अच्छे नंबर लेकर पास होंगे। सूरज एक दिन में 10- 12 घंटे पढ़ाई करता था। इस कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि 97 प्रतिशत अंक पा सका। सूरज ने बताया कि वह आईएएस अधिकारी बनकर लोगों की सेवा करना चाहता है। इसके लिए जितनी भी कड़ी मेहनत करना पड़े वह पीछे नहीं हटेगा। सूरज के पिताजी जगदीश प्रसाद प्रजापति ने बातया कि वे अपने होनहार पुत्र के सपनों को जरुर पंख लगाएंगे।

    कैसे करता था पढ़ाई

    सूरज ने बताया कि स्कूल से लौटने के बाद पूरा ध्यान पढ़ाई में ही लगाता था। गृहकार्य पूरा करने के बाद नुरावृत्ति के लिए रात 9 बजे के बाद बैठता था। अध्ययन की बारीकियां सीखने लगातार शिक्षकों के संपर्क में रहा, जहां पर भी कठिनाई आई उसे शिक्षकों के समक्ष रहा । इसके अलावा वह सुबह चार बजे उठकर भी पढ़ाई करता था ।

    एपीजे अब्दुल कलाम हैं आदर्श

    सूरज ने बताया कि शुरु से ही उसके आदर्श पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम हैं। जिस प्रकार वे कठिन परिश्रम से ऊंची मुकाम तक पहुंचे, उसी तरह सूरज भी कठिन परिश्रम करना चाहता है। सूरज ने बताया कि स्कूल में हिंदी शिक्षक टीसी साहू का उसपर विशेष प्रभाव रहा वे हमेशा उसका उत्साहवर्धन करते थे।

    परिवार में पहला टॉपर

    सूरज अपने परिवार का पहला टॉपर है। जगदीश प्रजापति बताते हैं कि उसका पूरा परिवार उत्तर प्रदेश में रहता है। जहां आज तक किसी ने भी इस तरह की सपᆬलता अर्जित नहीं की है। सूरज के प्रावीण्य सूची में नाम आने की सूचना से परिवार में खुशी की लहर है।

    और जानें :  # COLLECTOR SURAJ
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