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    पत्थरों का सीना चीरकर बना लिया खेतों तक पानी लाने का रास्ता

    Published: Wed, 13 Sep 2017 06:32 PM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 08:35 AM (IST)
    By: Editorial Team
    dhamtari news 13 09 2017

    धमतरी। मगरलोड ब्लॉक के झांझरकेरा, धनबुड़ा, देवगांव और भालूचुवा के किसानों ने अल्पवर्षा से सूख रही धान फसल को बचाने के लिए शासन प्रशासन का मुंह नहीं ताका। बल्कि खुद ही पत्थरों का सीना चीरकर नाले का पानी खेत तक पहुंचाने रास्ता बनाने की ठान ली।

    समूह में किसान फावड़ा, कुदाली लेकर पत्थर तोड़ने में जुट गए और नाले का पानी खेतों तक पहुंचाने रास्ता बना रहे हैं। प्रतिदिन चारों गांव के 30-30 ग्रामीण श्रमदान करने पहुंचते हैं। अभी तक नाला से पत्थरों को काटते हुए डेढ़ किमी का रास्ता बनाया जा चुका है।

    5 किमी का रास्ता और बनाना हैं तब कहीं जाकर खेतों तक पानी पहुंच जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि सालों से स्टापडेम की मांग कर रहे हैं। लेकिन किसानों को शासन-प्रशासन से राहत नहीं मिली तो खुद ही खेतों तक पानी पहुंचाने में जुट गए। मगरलोड इलाके के किसान मानसून पर ही निर्भर रहते है। किसानों का कहना है कि अगर नाले का पानी खेतों तक पहुंचाने कामयाब हो जाते हैं तो क्षेत्र के 3 हजार एकड़ फसल की सिंचाई हो सकती है। किसान पत्थरों को काटकर खेतों तक पानी पहुंचाने की मुहीम में जुटे हुए हैं।

    ग्रामीणों ने बताया कि खरीफ धान की फसल को बचाने की कोशिश में गांव के युवा लगे हैं। किसान और युवा सामूहिक श्रमदान कर अमलीकोन्हा के नाला में व्यर्थ बह रहे पानी को पत्थरों व मिट्टी की नाली बनाकर खेतों तक पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं। ताकि फसल को सिंचाई पानी मिल सके।

    किसान रूप सिंग, देवनारायण, फूलचंद, रोशन, कुलेश्वर, राधेश्याम, महेत्तर, नरेश, मोनीन बाई, उर्मिला, लाभाराम,भागा बाई, धनेश, चंद्रहास, करण ने बताया कि अल्प वर्षा के चलते अंचल में अकाल की स्थिति निर्मित हो रही है। खेतो में पानी के अभाव में दरारें पड़ने लगी है।

    साथ ही धान के पौधे पीला पड़कर मरने लगे हैं। इसलिए खेतों को सिंचाई पानी देने पत्थरों से होकर गुजरने वाले नाला के पानी को खेतों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। क्षेत्र में चेकडेम निर्माण के लिए ग्रामीण कई बार कलेक्टर को आवेदन दे चुके हैं। लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।

    ग्रामीणों ने कहा कि चेकडेम का निर्माण किया जाता है तो लोगों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकता है। ग्राम पंचायत झांझरकेरा के उपसरपंच व धनबुड़ा निवासी रामनाथ धु्रव ने बताया कि अल्प वर्षा के चलते अकाल की स्थिति निर्मित हो रही है। अमलीकोन्हा में स्टापडेम व नाली निर्माण की मांग लगातार प्रशासन से की जा रही है। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्टाप डेम का निर्माण हो जाता तो लोगों को यह दिन देखना नही पड़ता।

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