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    कंपनी को हर्जाना सहित बीमा राशि देने कहा

    Published: Fri, 19 May 2017 11:49 PM (IST) | Updated: Fri, 19 May 2017 11:49 PM (IST)
    By: Editorial Team

    दुर्ग। बीमा अवधि में मौत के बाद भी बीमा राशि न देने पर उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को बीमा राशि देने का आदेश दिया है। कंपनी ने जमा कराने के बाद भी पर दस्तावेज न होने की बात कहकर परिवादी को टरका दिया था।

    सेक्टर-7 भिलाई निवासी पूर्णिमा सिरमौर ने शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक सेक्टर-10 भिलाई और मुख्य प्रबंधक एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड मुंबई के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम दुर्ग में परिवाद पेश किया। परिवादी ने बताया कि उसके पति किशोर कुमार का एसबीआई शाखा में बचत खाता संचालित था।

    इसमें से अनावेदक द्वारा 200 रुपए प्रीमियम राशि 25 नवंबर 2013 को काटकर व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कराया था। बीमा अवधि के दौरान खातेदार की दुर्घटना में मुत्यु होने पर चार लाख रुपए दिए जाने थे। 18 नवंबर 2014 को परिवादी के पति किशोर कुमार की वाहन दुर्घटना में अत्यधिक चोट आने के कारण सेक्टर-9 अस्पताल भिलाई में मौत हो गई। इसकी रिपोर्ट भिलाई नगर थाने में दर्ज कराई गई। 6-7 मार्च 2015 को होली पर घर की सफाई के दौरान परिवादी को अपने पति का बचत खाता प्राप्त हुआ इसमें दुर्घटना बीमा के संबंध में उसे जानकारी मिली। परिवादी ने इसकी जानकारी अनावेदक को मौखिक रूप से दी। इसके बाद 22 मई 2015 को दस्तावेजों सहित क्लेम के लिए दावा किया, लेकिन बीमा कंपनी ने परिवादी द्वारा दस्तावेज जमा नहीं कराए जाने की बात कहकर क्लेम निरस्त कर दिया। इसमें फोरम ने बीमा कंपनी के खिलाफ पारित आदेश में परिवादी को बीमा की राशि चार लाख रुपए ब्याज सहित देने कहा है। इसके अलावा मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 50 हजार एवं वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए अलग से भुगतान करने कहा है।

    और जानें :  # CG News # Dug News
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