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    सगाई के बाद किशोरी की शादी प्रशासन ने रुकवाई

    Published: Sat, 22 Apr 2017 04:01 AM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 04:01 AM (IST)
    By: Editorial Team

    बिश्रामपुर। नईदुनिया न्यूज

    नाबालिक किशोरी की सगाई कर 10 दिनों बाद उसका विवाह करने की सूचना पर ग्राम पचिरा पहुंची प्रशासनिक टीम ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर किशोरी के बालिग होने के बाद उसका विवाह करने के लिए राजी किया। गौरतलब है कि सूरजपुर जिले में बाल विवाह के मामले की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच कर अधिनियम एवं अपराध की जानकारी देकर समझाइश दे रही है।

    प्रशासनिक टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम पंचायत पचिरा में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की सगाई होने जा रही है और आगामी लगन में विवाह कर दिया जाएगा। इस पर महिला बाल विकास विभाग, चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंची,जहां दस्तावेजों से पता चला की बालिका मात्र 17 वर्ष की है। लड़की की सगाई एवं विवाह तिथि का निर्धारण होने वाला था। दोनों पक्ष आगामी 10 दिनों में विवाह की चर्चा कर रहे थे। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत्‌ सभी को सजा हो सकती है। बाल विवाह एक गंभीर अपराध है। बालिका की उम्र 18 होने से पहले यदि विवाह होता है तो परेशानी बढ़ सकती है। बालिका के बालिग होने के बाद ही विवाह की तिथि तय करने की समझाइश दी गई। तब दोनों पक्ष एक वर्ष बाद विवाह करने को राजी हो गए। किशोरी पक्ष एवं लड़का पक्ष का संयुक्त पंचनामा तैयार कर विवाह एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया।

    वहीं ग्राम पंचायत डुमरिया में एक 16 वर्षीय बालिका के विवाह की सूचना पर टीम ने जाकर समझाइश दी कि बालिका का कम उम्र में विवाह करना उसके लिए कितना नुकसानदायक है। मौके पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य पंकज तिवारी ने भी घर वालों एवं ग्रामीणों को समझाइश दी। बाल विवाह की सूचना पर टीम ने महगांव में जांच की तो पाया कि तीन में से दो बालिका नाबालिग हैं। दोनों पक्षांें के समक्ष टीम ने समझाइश देकर तिथि बदलवाई। दोनों पक्षों को नाबालिगों के विवाह पर वार्ड पार्षद एवं अन्य के समक्ष पंचनामा तैयार किया गया और दोनों नाबालिगों ने अभिभावकों को एक वर्ष इंतजार कर अगले वर्ष विवाह करने की समझाइश दी गई। सभी बाद में सहर्ष विवाह नहीं करने को तैयार हो गए। चार बाल विवाह रुकवाने में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, विधिक सह परीविक्षा अधिकारी अमित भारिया, पर्यवेक्षक सुशीला लकड़ा, सामाजिक कार्यकर्ता अंजनी साहू, चाइल्ड लाइन से आनंद सिंह, सोनू, कृष्णकांत, हरकेष, विमला राजवाड़े, बालिन्द प्रसाद सिंह इत्यादि थे।

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