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    45 हजार ने भरा पुनर्मूल्यांकन फॉर्म, विवि ने 10 मूल्यांकनकर्ताओं को हमेशा के लिए बाहर

    Published: Fri, 17 Feb 2017 03:58 AM (IST) | Updated: Fri, 17 Feb 2017 08:55 AM (IST)
    By: Editorial Team

    0 राज्य के दो और राज्य के बाहर के आठ प्राध्यापक मूल्यांकन पैनल से बाहर

    0 दो छात्रों ने वापस की डिग्री

    रायपुर । निप्र

    उत्तरपुस्तिका जांचने में लगातार हो रही गड़बड़ियों को देखते हुए रविवि की कार्यपरिषद ने कड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को आयोजित बैठक में राज्य के दो और राज्य के बाहर के 8 मूल्यांकनकर्ताओं को हमेशा के लिए पुनर्मूल्यांकन पैनल से बाहर कर दिया गया है।

    बीते वर्ष पुनर्मूल्यांकन के लगभग 45 हजार आवेदन आए थे। इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए कार्य परिषद ने उत्तरपुस्तिका जांचने वाले प्राध्यापकों की जांच के लिए टीम का गठन किया। टीम ने 10 प्राध्यापकों द्वारा लापरवाही बरतना पाया। इसके बाद परिषद ने इनके खिलाफ कदम उठाया।

    इन्हें किया गया बाहर

    डॉ रजनीश कांत तिवारी प्राध्यापक अंग्रेजी शासकीय महविद्यालय अर्जुंदा, डॉ आरपी टंडन प्राध्यापक हिंदी महिला महाविद्यालय कांकेर को पुनर्मूल्यांकन पैनल से बाहर करने के साथ दो साल के लिए परीक्षा कार्य से भी वंचित कर दिया गया है। वहीं राज्य के बाहर के डॉ. रानू राठौर, माता गुजरी महाविद्यालय जबलपुर, वहीं के डॉ. कीर्ति बाजपेयी, डॉ. हरलिन रूपराह माता गुजरी महाविद्यालय, वहीं के डॉ. शिबानी बासू को बाहर किया गया है। माता गुजरी महाविद्यालय जबलपुर की डॉ. सपना श्रीवास्तव, डॉ. रानु राठौर, डॉ. पूनम शर्मा, डॉ. गुरप्रीत दुआ, डॉ. दिप्ती मिश्रा को बाहर किया गया है।

    दो छात्रों ने सरेंडर की डिग्री

    पंडित सुंदर लाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी से बीएससी करने वाले उत्तम कुमार धु्रव ने बीए और एमए अर्थशास्त्र और मनोज कुमार सलामे ने बीए की अंकसूची सरेंडर की। इन दोनों ने ओपन यूनिवर्सिटी से बीएससी भी की है। इसलिए रविवि की डिग्री वापस कर दी।

    16 शुक्ला 10, समय 10.34 बजे - संतोष

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