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    कलाकारों ने बिखेरी छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा

    Published: Thu, 16 Feb 2017 12:23 AM (IST) | Updated: Thu, 16 Feb 2017 12:23 AM (IST)
    By: Editorial Team

    राजिम। राजिम महाकुंभ में प्रतिदिनि रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंच पर पाचवें दिन राज्य के अनेक क्षेत्रों से आए कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की पंरपरा कर्मा, ददरिया, पंडवानी, जसगीत, फागगीत, सुआ, डंडा नृत्य प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ गौरव गाथा को मुख्य मंच पर बिखेरा। एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मनमोह लिया। बेमेतरा की जमुना बाई ने कबीर भजनों द्वारा कबीर की महिमा गुणगान किया जिसे सुनकर दर्शक झूम उठे। नवापारा के सुगम गायक इकबाल खान ने 14 फरवरी को मातृपितृ दिवस पर माता पिता को समर्पित गीत जैसे करनी वैसी भरनी गीत जैसे ही प्रस्तुत किया दर्शक दीर्घा जोरदार तालीयो गड़गड़ाहट के साथ अपने स्थान उनके स्वर में स्वर मिलाकर नाचने लगे। छत्तीसगढ़ी गीत मया होगे रे तोर संग मया होगे गीत को सुनकर सभी दर्शक उत्साहित होकर झूमकर गुनगुनाने लगे।

    परसट्ठी करूद से विष्णुप्रसाद साहू ने पंडवानी की प्रस्तुति दी। साजा से आए भारत लाल पटेल ने जसगीत से माता के महिमा के बखान किया। उमरदा करूद से हुमन चंद्राकर के समधुर भजनो से मत्रमुग्ध हो गए। राजिम की फागमंडली भारत धीवर ने राजिम महाकुभ के मंच को फागमय बनाकर फाग गीत प्रस्तुत किया गया। निशा चौबे ने लोककला मंच प्रस्तुत कर दर्शको की वाहवाही लूटी। मेडेसरा से आई श्रीमती लक्ष्मी द्वारिका साहू ने लोक नृत्य प्रस्तुत कर डंडा नृत्य के माध्यम से बस्तर की पंरपरा को उजागर किया। कवर्धा के कौशल साहू और अनुज श्रीवास्तव लाफ्टर शो के माध्यम से आशाराम बाबू, कृपालु दास महाराज, श्रीश्री रविशंकर महाराज, बाबा रामदेव, तरुण सागर महाराज, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह, लाल कृष्ण अडवानी की मिमेकरी कर कुछ ऐसी बाते बताई, जिसे दर्शक हस-हसकर कर लोटपोट हो गए।

    कल निकलेगी नागा-साधुओं की पेशवाई शोभायात्रा

    महाकुंभ कल्प में 18 फरवरी से विराट संत समागम प्रारंभ हो रहा है। जिसमें देशभर से अनेक राज्यों से महामंडलेश्वर, आचार्य, संत-महात्माओं की टीली, नागा-साधुओं उपस्थित रहेंगे। इसी तारतम्य में 14 फरवरी शाम को संत समागम स्थित कंट्रोल रूम में राजिम कुंभ मेला के सदस्य सचिव व ओएसडी गिरीश बिस्सा नागा-साधुओं के बीच बैठक कर उनके अनेक धार्मिक आयोजनों की तैयारियों की समीक्षा की। नागा साधुओं ने बताया कि 17 फरवरी को सुबह 10 बजे दत्तात्रेय मंदिर राजिम से पूजा अर्चना कर पेशवाई शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सभी नागा साधु शामिल रहेंगे।

    18 से विराट संत समागम

    18 फरवरी से शुरू होने वाले विराट संत समागम की तैयारियां पूर्णता की ओर है। संत समागम में पहुंचने वाले साधु-सतों, महामंडलेश्वरों, आचार्य महात्माओं के लिए विशाल डोम, कुटिया तथा यज्ञ शाला का निर्माण किया गया है। जिसमें बाहर से आने वाले सभी संत महात्माओं के लिए सुविधा युक्त ठहरने की व्यवस्था की गई है। कुंभ में नागाओं की शाही सवारी व शाही स्नान के लिए भी शासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है।

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