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    हाथी प्रभावित घटवन,धवईपानी,महादेवडांड़ को कराना पड़ा खाली

    Published: Mon, 14 Aug 2017 04:02 AM (IST) | Updated: Mon, 14 Aug 2017 04:02 AM (IST)
    By: Editorial Team

    अंबिकापुर/उदयपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    उदयपुर व लखनपुर विकासखंड में 17 हाथियों द्वारा मचाई जा रही तबाही को देखते हुए प्रशासन ने तीन बस्तियों को खाली करा दिया है। ग्राम पंचायत पटकुरा के आश्रित ग्राम घटवन के अलावा ग्राम पंचायत मरेया के धवईपानी व महादेवडांड़ बस्ती को खाली करा प्रभावित ग्रामीणों के आवास और भोजन की व्यवस्था प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थान पर कराया गया है। जब तक इलाके में हाथियों की मौजूदगी रहेगी तब तक प्रभावित ग्रामीणों को इन सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की समझाईश दी जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित ग्रामीणों को अतिशीघ्र मुआवजा राशि प्रदान किए जाने का भी प्रयास चल रहा है। शनिवार की रात हाथियों ने धवईपानी बस्ती में पुनः धावा बोलकर आठ ग्रामीणों का घर ढहा फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। हाथी अभी भी सरगुजा और रायगढ़ के सीमावर्ती जंगल में ही डटे हुए हैं।

    लगभग 20 दिन पहले धर्मजयगढ़ वन मंडल के कापू वन परिक्षेत्र से मैनपाट होते 17 हाथियों का दल लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पटकुरा के कुकुरटांगा और घटवन पहुंचा था। तभी से हाथियों का यह दल लखनपुर और उदयपुर विकासखंड दूरस्थ ग्रामों में लगातार तबाही मचा रहा है। पटकुरा के कुकुरटांगा में एक दर्जन से अधिक घरों में तोड़फोड़ के अलावा पहाड़ पर बसे घटवन बस्ती को भी लगभग उजाड़ दिया गया है। इस इलाके में लोगों द्वारा भी शुरुआती दिनों में हाथियों की घेराबंदी और असुरक्षित तरीके से खदेड़ने की कोशिश से हाथियों के आक्रामक होने की दलील दी जा रही थी। हाथियों द्वारा उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मरेया की बजबहरी बस्ती को भी उजाड़ दिया गया है। डेवापारा में भी हाथियों द्वारा तोड़फोड़ मचाई गई है। हाथियों द्वारा लगातार इन गांवों में घुसपैठ कर नुकसान पहुंचाया जा रहा है जिससे ग्रामीणों में भय व दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथियों को सुरक्षित तरीके से रायगढ़ जिले में प्रवेश कराने की मंशा से वन विभाग प्रयास में लगा हुआ है। इस अभियान में आबादी क्षेत्र में निवासरत लोग बाधा न बनें और उनके कारण हाथियों का रास्ता न रुके इसे देखते हुए सुरक्षा की दृष्टिकोण से रविवार को घटवन तथा धवईपानी व महादेवडांड़ बस्ती को खाली करा दिया गया। घटवन पहाड़ी पर बसे ग्रामीणों के आवास और भोजन की व्यवस्था पटकुरा के मैदानी क्षेत्र में सुरक्षित तरीके से कराया गया है। वहीं धवईपानी व महादेवडांड़ बस्ती के लोगों के लिए ग्राम पंचायत केशमा के सरकारी भवन में आवास और भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। प्रभावित ग्रामीणों को समझाईश दी जा रही है कि जब तक इलाके में हाथियों की मौजूदगी रहे तब तक वे प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई व्यवस्था में ही निवासरत रहें।

    धवईपानी में आठ घर क्षतिग्रस्त किया-

    17 हाथियों के दल ने शनिवार की रात ग्राम पंचायत मरेया के आश्रित ग्राम धवईपानी में आठ ग्रामीणों का घर क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रभावित ग्रामीणों में मनोज उरांव, लिबेसाय उरांव, जगदीश उरांव, हीरालाल, कमल साय, परवतिया, जुगलाल व मुन्ना राम तिग्गा शामिल हैं। रविवार को वन विभाग के मोहन लाल, पीसी मेहता, सुरेन्द्र सिंह, सियाराम वर्मा, अमरनाथ राजवाड़े, राकेश राजवाड़े, रामबिलास सिंह आदि की टीम हाथियों द्वारा पहुंचाए गए नुकसान का आंकलन करने में जुटी रही।

    रायगढ़ जिले की सीमा में प्रवेश कराने प्रयास-

    17 हाथियों के जिस दल द्वारा सरगुजा जिले के लखनपुर व उदयपुर विकासखंड के दूरस्थ ग्रामों में तबाही मचाई जा रही है वह दल लंबे समय तक रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ वन मंडल के जंगलों में विचरण कर रहा था। यह इलाका हाथियों का पुराना रुट है। इस रुट से हाथी आते-जाते रहे हैं लेकिन इस बार घुसपैठ के बाद प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण अपने स्तर से कोशिश कर रहे हैं कि उनके घर व बस्ती तक हाथी न पहुंच सके, इसी प्रयास में उनके द्वारा हाथियों पर पत्थरों से हमला व रातभर ट्रैक्टर का साईलेंसर खोलकर आवाज करने जैसा प्रयास हाथियों को खदेड़ने में किया जा रहा है। ग्रामीणों की इसी कोशिश ने हाथियों को आक्रामक कर दिया है।

    और जानें :  # hathi prabhavit ghatvan
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