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    कारोबारी को मिली छूट जनता तक पहुंचे तो मिलेगी महंगाई से राहत

    Published: Sat, 20 May 2017 07:36 AM (IST) | Updated: Sat, 20 May 2017 07:36 AM (IST)
    By: Editorial Team

    - जीएसटी से छत्तीसगढ़ में अनाज और दूध जैसी वस्तुओं पर नहीं पड़ेगा असर, सजना-संवरना 10 फीसदी तक हो जाएगा महंगा

    रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी लागू होने से आम लोगों को महंगाई से थोड़ी राहत मिल सकती है। जीएसटी में रोजमर्रा की वस्तुओं को सबसे कम टैक्स के दायरे में रखा गया है। अनाज और दूध समेत दैनिक उपयोग की कुछ और वस्तुओं को टैक्स फ्री कर दिया गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इन वस्तुओं की कीमत पर कोई विशेष असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यहां पहले से ही इन पर टैक्स नहीं है। जीएसटी की दर सजने-संवरने वालों पर भारी पड़ेगा। कॉस्मेटिक और ब्यूटी प्रोड्क्ट्स पर जीएसटी की दर 28 फीसदी रखी गई है। पहले इन वस्तुओं पर लगभग 17 फीसदी टैक्स लगता था। साथ ही ब्यूटी पार्लर सेवा की श्रेणी में है और जीएसटी में सेवा कर भी बढ़ा दिया गया है।

    जीएसटी काउंसिल ने 1205 वस्तुओं पर टैक्स तय कर दी है। इन दरों से छत्तीसगढ़ के मार्केट और आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा, अर्थशास्त्री, कर सलाहकार, मार्केट के जानकार और व्यापारियों के जरिए 'नईदुनिया' ने इसकी पड़ताल की। इनकी राय में जीएसटी की दरों से आम लोग विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग को महंगाई से थोड़ी राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों कहते हैं कि यह तभी संभव है, जब टैक्स में की गई कमी का लाभ व्यापारियों तक ही न रह जाए, इसका फायदा आम लोगों का मिले। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जीएसटी में लग्जरी चीजें महंगी होगी यानी शो ऑफ (दिखावा) करने वालों पर भारी पड़ेगा।

    बढ़ेगी मिठास, प्रति किलो 5 रुपए तक सस्ती हो सकती है चीनी

    बीते कई महीने से 42-43 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रही चीनी करीब 5 रुपए प्रति किलो तक सस्ती हो सकती है। शक्कर पर अभी कुल 18.1 फीसदी टैक्स लग रहा है। जीएसटी में केवल 5 फीसदी टैक्स लगेगा।

    जीएसटी लागू होने से चीनी (शक्कर) की कीमतें कम होगी।

    महंगे होंगे घी और जैम, जेली

    जीएसटी लागू होने से घी, चीज, बटर ऑयल सात फीसदी जैम व जेली आधा फीसदी महंगे हो जाएंगे। घी पर अभी 5 फीसदी वैट लगता है, लेकिन जीएसटी में इस पर 12 फीसदी टैक्स लगाया जा रहा है। इसी तरह जैम- जेली उत्पाद और वैट समेत 11.5 फीसदी टैक्स लगता है। इस पर भी जीएसटी 12 फीसदी लगाई गई है।

    शैम्पू से लेकर सेविंग क्रीम तक महंगा

    मेकअप के सामान, शैम्पू, क्रीम, डीयो, सेविंग क्रीम और सनक्रीम जैसी वस्तुओं पर 28 फीसदी जीएसटी लगेगी। अभी मार्केट में बिक रहे इन उत्पादों के दाम में केवल 17 फीसदी टैक्स शामिल है। इसमें केन्द्री और राज्य दोनों कर शामिल है। यानि ये उत्पाद करीब 9 फीसदी महंगे होंगे। मसलन अब तक 117 रुपए में मिलने वाली लिपिस्टिक जीएसटी लागू होने के बाद 128 रुपए से अधिक महंगा हो जाएगा।

    चार लाख की कार 10 हजार तक हो सकती सस्ती

    टैक्स जानकारों के अनुसार छोटी कार जिनकी कीमत 5 लाख रुपए के अंदर है, वो 10 हजार रुपए तक सस्ती हो सकती है। अभी तक पांच लाख रुपए तक की कार पर एक्साइज, वैट, सेस और इंट्री के रुपए में करीब साढ़े 31 फीसदी टैक्स लग रहा है। जीएसटी में इस श्रेणी की कारों पर 28 फीसदी टैक्स और 1 फीसदी सेस लगा है यानि कुल 29 फीसदी टैक्स लगेगा।

    मौजूदा टैक्स व्यवस्था

    अभी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट / सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्जरी टैक्स समेत अन्य टैक्स हैं।

    रोजमर्रा की वस्तुओं पर न्यूनतम चार कर

    अभी आम उपभोक्ता वस्तुओं पर चार तरह के टैक्स लगे हैं। इनमें एक्साइज, वैट, सेस और इंट्री शामिल हैं। इनमें ज्यादातर वस्तुओं पर सेस और इंट्री 1 फीसदी ली जाती है। एक्साइज और वैट की दर अलग- अलग है।

    ऐसे समझे टैक्स और जीएसटी का गणित

    विशेषज्ञों के अनुसार एक उत्पाद पर करीब 18 तरह के टैक्स लगते हैं। उत्पाद के फैक्ट्री से निकलते ही इस पर सबसे पहले लगती है एक्साइज ड्यूटी। कई मामलों में एडिशनल एक्साइज ड्यूटी भी लगती है। जैसे ही उत्पाद एक राज्य से दूसरे राज्य में जाता है तो सबसे पहले एंट्री टैक्स लगता है। इसके अलावा अलग-अलग मामलों में अलग-अलग सेस भी लगता है। एंट्री टैक्स के बाद उस राज्य में वैट यानी सेल्स टैक्स लगता है। जो राज्य में अलग-अलग होता है। इसके अलावा अगर इन सामान का मनोरंजन से जुड़ से है तो एंटरटेनमेंट या लग्जरी टैक्स भी लगता है। साथ ही कई मामलों में परचेज टैक्स भी देना होता है। इसके अलावा अन्य कई छोटे-छोट टैक्स भी हैं। जीएसटी लागू होने से किसी भी वस्तु पर बस एक बर टैक्स लगेगा।

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    आम लोगों को राहत, सख्ती होगी तभी मिलेगा फायदा

    जीएसटी को लेकर यह धारणा थी कि इससे महंगाई बढ़ेगी, लेकिन जो दर तय की गई है, उसे देखकर नहीं लग रहा है कि इसका बाजार पर कोई विपरीत असर पड़ेगा। जीएसटी में आम उपयोग की वस्तुओं पर या तो टैक्स खत्म कर दिया गया है या कम रखा गया है। इससे आम लोगों विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी, लेकिन यह तभी हो पाएगा जब टैक्स में की गई कमी का फायदा सीधे आम लोगों को मिले। वरना यहां तो इंस्पेक्टर राज चलता है और टैक्स राहत का फायदा व्यापारी उठा लेते हैं। विलासिता की वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाया गया है। इसके जरिए सरकार टैक्स कम करने से होने वाली क्षति की पूर्ति करने की कोशिश की है।

    -डॉ. जेएल भारद्वाज, अर्थशास्त्री

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    जीएसटी से मार्केट में होगा ग्रोथ

    जीएसटी के लागू होने से मार्केट में ग्रोथ होगा। विभिन्न तरह की सर्विस (सेवा) थोड़ी महंगी होगी, लेकिन आम लोगों के जरुरत की वस्तुएं सस्ती होगी। कुल मिलाकर इससे लागू होने से महंगाई से राहत मिलेगी।

    -चेतन तारवानी, टैक्स सलाहकार

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    ऑटो मोबाइल सेक्टर में खास फर्क नहीं

    जीएसटी से ऑटो मोबाइल सेक्टर में कोई विशेष फर्क पड़ने की संभावना नहीं दिख रही है। जीएसटी के साथ सेस भी लगाया गया है। जीएसटी की दर का डिटेल आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

    -अनिल अग्रवाल, संचालक स्काय ऑटो मोबाइल

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    आरटीएफ

    संजीत 19 मई 01

    समय- 8.50

    सं. आरकेडी

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