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    रायपुर में फिल्म की तर्ज पर रेड, फर्जी अफसरों ने कारोबारी से 25 लाख लूटे

    Published: Thu, 16 Feb 2017 07:27 PM (IST) | Updated: Fri, 17 Feb 2017 10:09 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    रायपुर । फाफाडीह में बुधवार शाम अहमदाबाद, गुजरात के एक कारोबारी से फिल्म स्पेशल 26 की तर्ज पर लूट हुई। इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच अफसर बनकर पहुंचे चार युवकों ने रेड डाली। जाते ही दुकानदार और साथ बैठे 4 व्यापारियों के मोबाइल जब्त कर लिए। फिर घंटेभर तक जांच-पड़ताल की, दस्तावेज खंगाले और नोट समेटकर चले गए। दिनदहाड़े घटी इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है, कारोबारी दहशत में हैं।

    पुलिस का दावा है कि शातिरों ने व्यापारी से ढाई लाख नहीं बल्कि 25 लाख रुपए लूटे। इतनी बड़ी रकम का हिसाब-किताब न होने से कारोबारी रकम कम बता रहे हैं। शुरुआत में मामले को संदेहास्पद मानकर पुलिस एफआईआर दर्ज करने से कतराती रही। क्राइम ब्रांच दफ्तर में पीड़ित को आधी रात तक बैठाकर पूछताछ की गई और जब यह तस्दीक हो गई कि वास्तव में घटना सही है, तब लूट के बजाय पैसा उगाही (धारा 384, 34 ) का केस दर्ज किया गया। आरोपियों का सुराग नहीं मिल पाया है।

    गंज टीआई केआर सिन्हा ने नईदुनिया को बताया कि कारोबारी पंकज कांतिलाल पटेल (30) पिता बलदेव कुछ दिनों पहले टाइल्स के कारोबार के सिलसिले में रायपुर आए थे। फाफाडीह चौक के पास टूटेजा गली में राजेश अग्रवाल के मकान में उनका दफ्तर और निवास दोनों है। बुधवार की शाम 5.30 बजे पंकज अन्य 4 कारोबारियों और सहयोगियों के साथ बैठे बातचीत कर रहे थे, तभी 25 से 40 साल के बीच के चार युवक दफ्तर में घुसे। खुद को अधिकारी बताते हुए कहा- बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति रखे हो, दफ्तर की तलाशी लेनी है। पंकज ने आई कार्ड दिखाने को कहा तो उन लोगों ने धमकाते हुए सभी का मोबाइल ले लिया। फिर दफ्तर में लगे डीवीआर, सीसीटीवी कैमरे का कनेक्शन उखाड़ दिए।

    क्राइम ब्रांच दफ्तर चलने कहा, फाफाडीह चौक से लौटा दिया

    पंकज ने बताया कि युवकों ने जबरिया गल्ले से 2 लाख 40 हजार रुपए निकाल कर लिए। कागजात देखे और बिल मांगा। कई तरह की खामियां बताते हुए कहा कि सख्त कार्रवाई होगी। इससे वे डर गए। फिर उन्होंने मामले को रफ-दफा करने के एवज में रिश्वत मांगी। मना करने पर साथ में क्राइम ब्रांच दफ्तर चलने को कहा। पंकज उनके साथ पैदल फाफाडीह चौक तक पहुंचे तो उन्हें वापस लौटने को कहा। पंकज ने पैसा, डीवीआर, पांच सिम लौटाने को कहा तो झूठे मामले में फंसाकर जेल में डालने की धमकी दी, जिससे वे डर कर लौट गए।

    हवाला का पैसा होने का शक

    पुलिस सूत्रों का दावा है कि पंकज पटेल हवाला कारोबार से जुड़ा है। हवाला का भुगतान लेने दिगर जिलों से कारोबारी उनके दफ्तर पहुचे थे। इस बात की भनक जालसाजों को लग गई थी।

    पुलिस की वसूली गैंग फिर सक्रिय, पहले भी हो चुकी है वारदात

    जानकार सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के बाद से ही राजधानी में पुलिस की ही एक वसूली गैंग सक्रिय है, जो हवाला के पैसों की जानकारी मिलते ही फुल प्रूफ प्लान के साथ कई कारोबारियों को धमकाकर पैसे वसूल चुकी है। सिविल लाइन थाने का एक सिपाही इसी गैंग से जुड़ा निकला था। उसने दो महीने पहले दुर्ग के एक कारोबारी के मुंशी से लाखों रुपए जब्त कर अपने पास रख लिया था।

    मीडिया में जब मामला उछला तब बदनामी के डर से सिपाही को पकड़ा गया। सिपाही अभी जेल में है, जबकि उसके सहयोगी अब तक फरार हैं। इस केस में विभिन्ना थाने में पदस्थ कई कर्मचारियों के नाम भी सामने आ चुके हैं, लेकिन मामले को दबा दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि बुधवार की घटना गंज थाना और क्राइम ब्रांच दफ्तर के पास घटी। लिहाजा आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों के संबंध इन दोनों दफ्तरों से जरूर होंगे। हालांकि पुलिस अफसर इस बात से इनकार कर रहे हैं।

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