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    रेलवे को जमीन देने के लिए ग्रामसभा की इजाजत जरूरी नहीं

    Published: Thu, 14 Sep 2017 01:08 PM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 01:11 PM (IST)
    By: Editorial Team
    indian rail 14 09 2017

    जगदलपुर। जगदलपुर- निर्माण से पहले ही बस्तर की लाइफ लाइन का दर्जा प्राप्त रावघाट रेललाइन के लिए जमीन अधिग्रहण कार्रवाई शुरू करने रेलवे बोर्ड ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर बस्तर और कोंडगांव के जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है।

    जमीन का अधिग्रहण रेलवे एक्ट के तहत की जाएगी। इसमें ग्रामसभाएं आयोजित कर जमीन अधिग्रहण के लिए ग्रामसभा की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती है। पिछले सप्ताह जारी गजट नोटिफिकेशन में प्रथम चरण में बस्तर और कोंडगांव जिले में 91 किलोमीटर की रेललाइन के लिए जमीन का अधिग्रहण करने का उल्लेख है।

    बस्तर रेलवे प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दोनों कलेक्टर एक दो दिनों में जमीन अधिग्रहण के लिए गजट जल्दी से जल्दी गजट नोटिफिकेशन का अखबारों में प्रकाशन कर भू-स्वामियों से दावा आपत्ति लेने का काम शुरू करने कहा गया है।

    अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जगदलपुर सियाराम कुर्रे ने रेलवे से गजट नोटिफिकेशन की प्रति मिल गई है। उन्होंने दो तीन दिनों के भीतर इसका प्रकाशन करके रेलवे एक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। जनवरी में निर्माण कार्य शुरू होगा।

    854 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण

    एक सौ चालीस किलोमीटर लंबी जगदलपुर-रावघाट रेललाइन के लिए कुल 854 हेक्टेयर जमीन की जरूरत बताई गई है। रेल लाइन निर्माण के लिए गठित कंपनी बस्तर रेलवे प्रायवेट लिमिटेड के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार कंपनी में भागीदार इरकॉन को जमीन के चिंहाकन और रेललाइन निर्माण का काम सौंपा गया है।

    रेललाइन के अंतर्गत जगदलपुर कनेक्टिंग स्टेशन होगा। यहां से आगे पल्ली, कुडकानार, बस्तर, सोनारपाल, भानपुरी, दहिकोंगा, बनियागांव, कोंडागांव, जुगानी, चांदगांव, नारायणपुर, बारंडा, रावघाट मंे स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। पहले 12 स्टेशनों का प्रस्ताव था जो बढ़कर 13 हो गया है।

    जल्द निपट जाएगी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया

    एसडीएम सियाराम कुर्रे के अनुसार रेलवे एक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी करने में उतना समय नहीं लगेगा जितना की नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत आमतौर पर लगता है।

    नईदुनिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि नए भूमि अधिग्रहण कानून के अंतर्गत एक साल से अधिक का समय भूमि अधिग्रहण में लग जाता है पर यहां कार्रवाई इससे कम समय में पूरी हो जाएगी। बस्तर जिले में जगदलपुर और बस्तर दो राजस्व अनुविभाग आते हैं। संभवत: दोनों स्थानों में अपने-अपने क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित कार्रवाई वहां के एसडीएम करेंगे। अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी होने में 4 से 6 माह का समय लगेगा।

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