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    स्टील प्लांट के कमीशनिंग की तैयारी शुरू, आस्ट्रेलिया से मंगाया कोकिंग कोल

    Published: Wed, 13 Sep 2017 11:15 PM (IST) | Updated: Wed, 13 Sep 2017 11:15 PM (IST)
    By: Editorial Team

    जगदलपुर। बस्तर में स्थापित हो रहे पहले ऑयरन एंड स्टील प्लांट की कमीशनिंग की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कमिशनिंग से पहले की जरूरी कार्रवाई तेज की जा रही हैं। चार से छह माह का समय कमिशनिंग से पहले के प्रोसेस पूरे करने में लगते है। कमीशनिंग का समय स्टील प्लांट प्रोजेक्ट की तकनीकी सलाहकार कंपनी मेकॉन तय करेगी। इस बीच स्टील प्लांट के लिए आस्ट्रेलिया से शुरूआती तीन माह के लिए दो लाख टन कोकिंग कोल के आयात के लिए पिछले सप्ताह एनएमडीसी ने टेंडर जारी कर दिया है। दुबई से हार्ड लाइम स्टोन के आयात के लिए भी जल्दी ही टेंडर जारी किए जाएंगे। स्टील प्लांट के लिए ज्यादा मात्रा में जरूरी लौह अयस्क की आपूर्ति एनएमडीसी बैलाडीला स्थित अपनी खदानों से करेगा। डोलोमाईट की आपूर्ति विशाखापट्टनम और देश के कुछ अन्य स्थानों से प्रस्तावित की गई है। एनएमडीसी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार स्टील प्लांट में प्रयुक्त होने वाल कोकिंग कोल देश में काफी कम मात्रा में ही उपलब्ध होने से बाहर से आयात करना पड़ता है। देश की दूसरे स्टील प्लांटों के लिए भी विदेश से ही कोकिंग कोल मंगाया जा रहा है। एनएमडीसी भी नगरनार स्टील प्लांट के लिए आस्ट्रेलिया से इसका आयात करने का फैसला किया है।

    अयस्क के बाद सबसे अधिक कोक की जरूरत होगी

    स्टील प्लांट के लिए सबसे अधिक लौह अयस्क की जरूरत होगी। तीन मिलियन टन सलाना उत्पादन क्षमता के नगरनार स्टील प्लांट के लिए करीब साढ़े पांच मिलियन टन लौह अयस्क, 15 लाख टन कोकिंग कोक और करीब 12 लाख टन लाइम स्टोन की जरूरत होगी। स्टील प्लांट की क्षमता भले ही तीन मिलियन टन की है पर इसमें उत्पादन सलाना 2.89 मिलियन टन का होगा। करीब 18 हजार करोड़ रूपए की लागत से निमार्णाधीन स्टील प्लांट एनएमडीसी का अपना खुद का देश का पहला स्टील प्लांट है। जिसके विनिवेश का फैसला केन्द्र सरकार ने किया है।

    दिसंबर में रेललाइन जून तक पाइप लाइन बिछेगी

    इसी साल दिसंबर तक केके रेललाइन से लिंक करके नगरनार तक करीब पौने दो किलोमीटर की रेललाइन बिछानें का काम पूरा हो जाएगा। रेललाइन बिछाने के बाद सामग्रियों कोकिंग कोक, लौह अयस्क, लाइम स्टोन, डोलोमाईट व अन्य सामग्रियों को स्टील प्लांट तक पहुंचाने का काम शुरू हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि केके रेललाइन से नगरनार स्टील प्लांट तक और स्टील प्लांट के अंदर बिछाई जाने वाली पटरियों की कुल लंबाई करीब 54 किलोमीटर लंबी होंगी। सबरी नदी से 63 मिलियन क्यूबिक मीटर वार्षिक जलादोहन के लिए पाइप लाइन बिछाने का काम भी अगले साल जून तक पूरा करने का लक्ष्य एनएमडीसी ने रखा है।

    मानसून के बाद युद्घस्तर पर होगा काम

    बरसात का सीजन होने के कारण स्टील प्लांट का काम इन दिनों थोड़ी धीमी रफ्तार से चल रहा है। मानसून सीजन खत्म होने के बाद इसमें तेजी आने की बात अधिकारी कह रहे हैं। स्टील प्लांट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 9 मेजर और 57 माइनर पैकेज में काम चल रहा है। कमीशनिंग की शुरूआत कोक ओवन प्लांट से होगी। कोक ओवन के साथ सिंटर प्लांट, ब्लास्ट फर्नेस आदि का काम अंतिम चरण में है। कमीशनिंग की समय स्टील प्लांट प्रोजेक्ट की तकनीकी सलाहकार कंपनी मेकॉन तय करेगी। अगले साल की शुरूआत के दो-तीन माह के भीतर कभी भी इसके लिए समय निर्धारित किया जा सकता है।

    'स्टील प्लांट के लिए आस्ट्रेलिया से कोकिंग कोल का आयात किया जाएगा। इसके लिए कंपनी मुख्यालय हैदराबाद से टेंडर जारी किया जा चुका है। डोलोमाईट, लाइम स्टोन आदि की आपूर्ति के लिए भी कार्रवाई चल रही है।'

    -प्रशांत दास, कार्यपालक निदेशक एनएमडीसी स्टील प्लांट नगरनार।

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