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    आधी फसल खेतों में, धान खरीदी आज से शुरू

    Published: Wed, 15 Nov 2017 12:39 AM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 12:39 AM (IST)
    By: Editorial Team

    जगदलपुर। शासकीय समर्थन मूल्य पर धान व मक्का की खरीदी 15 नवम्बर से शुरू हो रही है पर किसान अभी खेतों में व्यस्त नजर आ रहे हैं। अक्टूबर माह में हुई बारिश व मजदूरों की किल्लत की वजह से इस बार धान की कटाई लेट हो गई है और करीब 50 फीसदी फसल कटाई का कार्य अभी शेष है जिस वजह से शुरूआती दौर में खरीदी केन्द्र सूने रहने की संभावना खरीदी केन्द्र प्रभारी जता रहे हैं और खरीदी केन्द्रों में दिसम्बर माह में ही किसानों की हलचल देखी जा सकती है।

    जिलेवार लक्ष्य निर्धारित

    धान खरीदी के लिए बस्तर संभाग में जिलेवार अनुमानित लक्ष्य निर्धारित कर लिया गया है जिसके अनुसार बस्तर जिले में 85000, बीजापुर में 35000, दंतेवाड़ा में 8600, कांकेर में 220000, कोण्डागांव में 71000, नारायणपुर में 12000 तथा सुकमा जिले में 18000 मिट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए बस्तर जिले में 59, बीजापुर में 14, दंतेवाड़ा में 11, कांकेर में 111, कोण्डागांव में 43, नारायणपुर में 7 तथा सुकमा जिले में 12 कुल 257 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं।

    पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ी

    इन खरीदी केन्द्रों में धान वही किसान बेच पाएंगे जिन्होंने पूर्व में अपना पंजीयन कराया है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार बस्तर संभाग में वर्ष 2016-17 में 113990 पंजीकृत किसान और रकबा 215660.78 हेक्टेयर था जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 137418 किसान और रकबा 42441.83 हेक्टेयर हो गया है।

    आज होगा खरीदी का शुभारंभ

    समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुभारंभ 15 नवम्बर को खरीदी केन्द्रों में विधिवत कांटा-बांट की पूजा अर्चना कर किया जाएगा। खरीदी के लिए केन्द्रों में तैयारियां तेज कर दी गई है। साफ-सफाई के साथ खुले में स्थित खरीदी केन्द्रों में फैसिंग की गई है, साथ ही किसानों के विश्राम के लिए शेड और पेयजल की व्यवस्था की गई। सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने उपलब्ध करा दिए गए हैं। समितियों में उपलब्ध पुराने और नए दोनों बारदानों बराबर की मात्रा में किसानों को धान पलटी के लिए दिया जाएगा और खरीदी के बाद इसी अनुपात में नए और पुराने बारदानों में धान का परिदान होगा।

    समर्थन मूल्य में वृद्घि से किसानों में उत्साह

    पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष समर्थन मूल्य में वृद्घि हुई है साथ ही प्रति क्विंटल 300 रुपए बोनस भी मिलेगा जिसे देखते हुए धान बेचने वाले किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। पिछले वर्ष मोटे धान का समर्थन मूल्य 1470 रुपए था जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 1550 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह पतले धान का समर्थन मूल्य पिछले वर्ष 1510 रुपए था जिसे बढ़ाकर 1590 रुपए कर दिया गया है। मक्के का समर्थन मूल्य पिछले साल 1365 रुपए था जिसे बढ़ाकर 1425 रुपए कर दिया गया है।

    धान कटाई के लिए नहीं मिल रहे लेबर

    अक्टूबर माह में हुई बारिश की वजह से इस खरीफ सीजन में फसल कटाई में विलंब हो गया है। धान, मक्का, रागी, उड़द सभी फसलें एक साथ पककर तैयार हैं जिसकी वजह से फसल कटाई के लिए लेबरों की किल्लत हो गई है। बस्तर जिले में धान का रकबा करीब 114000 हेक्टेयर है पर 50 फीसदी फसल की कटाई भी नहीं हो पाई है। धान कटाई के लिए मजदूरी की दर 150 से 200 रुपए मांगी जा रही है। मजूदरों से एक एकड़ में धान कटाई की लागत करीब 1800 रुपए तो रीपर से 1200 रुपए पड़ रही है। जिले में वर्ष 2007-08 से अब तक अनुदान पर महज 61 रीपर ही किसानों को उपलब्ध कराए गए हैं। इसकी संख्या कम होने की वजह से मजबूरी में किसानों को लेबरों को अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

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