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    एक शिक्षक के भरोसे चल रहा स्कूल

    Published: Wed, 22 Jun 2016 04:01 AM (IST) | Updated: Thu, 23 Jun 2016 10:34 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    कोतबा, नई दुनिया न्यूज। जिले में शिक्षा गुणवत्ता का स्तर सुधारने और मेरिट लिस्ट में स्थान दिलाने के लिए प्रशासन इन दिनों यशस्वी जशपुर के नाम से विशेष अभियान चला रहा है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के साथ नगरीय क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षक व भवन सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है।

    शिक्षकों की कमी से परेशान नगरवासियों ने पिछले शिक्षा सत्र के दौरान स्कूल का बहिष्कार कर दिया था। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए वार्डवासियों ने तात्कालिन कलेक्टर एचएस गुप्ता से लिखित आवेदन भी किया था। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

    असमंजस में नगर पंचायत और शिक्षा विभाग

    नगर पंचायत कोतबा के वार्ड 10 में स्थित शासकीय मिडिल में इस वक्त 102 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। कक्षा 6 वी से 8 वीं तक के छात्रों यहां पदस्थ एकमात्र शिक्षिका पढ़ा रही है। शासन ने इस मिडिल स्कूल के लिए शिक्षकों के 5 पद स्वीकृत किए हैं। पिछले सत्र तक इस स्कूल में दो शिक्षक पदस्थ थे। लेकिन शिक्षक तिलक पैंकरा के सेवानिवृत्त होने के बाद नगर का यह मिडिल स्कूल एक शिक्षक हो गया है। मिडिल स्कूल के एकमात्र शिक्षक के कंधे पर पढ़ाई के साथ तमाम सरकारी डाक तैयार करने के साथ बैठक में शामिल होने की जिम्मेदारी आ गई है। इन परिस्थितियों में इस मिडिल स्कूल में पढ़ाई की क्या स्थिति होगी,इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। शिक्षक की कमी को दूर करने के लिए प्रयास करने के बजाए नगर पंचायत और शिक्षा विभाग एक दूसरे पर बला टालने कर मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश में लगे हुए है। पत्थलगांव के बीईओ का कहना है कि नगर पंचायत के अधीन होने के कारण शिक्षकों की नियुक्ति करना नगर पंचायत का दायित्व है। वहीं नगर पंचायत शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शासन से स्वीकृति ना मिलने की बात कह रहा है।

    शिक्षक पदस्थ न हुए तो स्कूल का बहिष्कार

    शिक्षा सत्र 2015-16 के दौरान शिक्षकों की कमी से नाराज छात्राओं ने इस मिडिल स्कूल का बहिष्कार कर दिया था। छात्राओं के बहिष्कार से सकते आए अधिकारियों ने आनन-फानन में प्राइमरी स्कूल के 2 शिक्षकों को अस्थायी रूप से यहां पदस्थ कर दिया था।

    काफी समझाइश के बाद स्कूल की छात्रा व अभिभावक बहिष्कार खत्म करने के लिए राजी हुए थे। लेकिन यहां के प्रधान पाठक तिलक सिदार के सेवानिवृत्त होने के बाद एक बार फिर स्कूल में शिक्षकों की कमी से लोगों में नाराजगी है। शिक्षकों की कमी से आए दिन हो रही अध्यापन कार्य प्रभावित होने से परीक्षा परिणाम में कम अंक आने से यहां पढ़ने वाली छात्राओं में निराशा व्याप्त है।

    छात्राओं ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए उन्होनें पिछले साल ही तात्कालिन कलेक्टर एचएस गुप्ता को आवेदन दिया था। लेकिन नया सत्र शुरू होने के बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। एक शिक्षक होने के बाद पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताते हुए छात्राओं का कहना था कि शासन बेटी पढ़ाओं का नारा तो खूब लगा रही है लेकिन बिना गुरु के बेटियां स्कूलों में कैसे पढ़ेगी,इसके बारे में कोई सोचने को तैयार नहीं है। स्कूल में व्याप्त अव्यवस्था से नाराज अभिभावक व छात्राएं एक बार फिर स्कूल के बहिष्कार का मन बना रहे हैं।

    स्कूलों में शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखा गया है, शासन से स्वीकृति मिलने से यहां शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।

    सुशील तिर्की, सीएमओ नपं कोतबा।

    शिक्षकों की नियुक्ति नगर पंचायत द्वारा की जाएगी। इस मामले में शिक्षा विभाव व जिला पंचायत कुछ नहीं कर सकती है। नगर पंचायत को शिक्षकों की नियु क्ति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजना चा हिए।

    - बीएस पैकरा बीईओ पत्थलगांव

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