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    500 से ज्यादा सांप पकड़ लिए हैं पर कोबरा ने तो ...!

    Published: Sun, 19 Mar 2017 09:33 PM (IST) | Updated: Mon, 20 Mar 2017 09:55 AM (IST)
    By: Editorial Team
    korbasnake 2017319 214021 19 03 2017

    कोरबा। नाग, करैत, रेटल स्नेक जैसे जहरीले सांप काबू करने में माहिर स्नेकमेन अविनाश इस बार खुद स्नेक बाइट का शिकार हो गए। हमेशा की तरह मोबाइल अलर्ट आते ही मदद के लिए निकले अविनाश ने महज 5 मिनट में झाड़ियों में छिपे कोबरा को तो ढूंढ़ निकाला, लेकिन जरा सी चूक का खामियाजा उसे भुगतना पड़ा और कोबरा ने उसे डस लिया। अब तक 500 से ज्यादा सांपों को काबू कर जंगल में छोड़ चुके अविनाश 13 साल में पहली बार किसी सर्प ने काटा है। हालांकि सूखा बाइट होने के कारण वह खतरे से बाहर हैं।

    सीएसईबी पूर्व कॉलोनी में रहने वाले अविनाश यादव (26) ने महज 13 साल की उम्र में पहली बार एक जहरीले सांप को कॉलोनी के एक मकान से पकड़कर बाहर निकाला था। इसके बाद तो जैसे उसे सांपों से प्यार हो गया और जहां भी उसे सांप देखे जाने की खबर मिलती, वह तुरंत वहां पहुंच जाता।

    लोगों की मदद के साथ-साथ वह न केवल विषैले जीव को पॉश इलाकों से निकालकर दूर छोड़ आता, लोगों के सामने महत्वपूर्ण जानकारियां शेयर करते हुए उन्हें जागरूक भी करता। सांपों से नफरत कर मारने की बजाए वह लोगों को उसे बचाने की अपील जैसे जीवन का मकसद बन गया है। साल दर साल सांपों को पकड़ने के हुनर ने उसे कोरबा व आसपास के जिलों में स्नेकमेन की पहचान दी।

    किसी आम सूचना की तरह रविवार की दोपहर अविनाश को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी रामपुर में किसी ने फोन कर जहरीले सर्प देखे जाने की सूचना दी। अविनाश करीब 15 मिनट में मौके पर पहुंच गए और सांप की तलाश शुरू कर दी। बताए गए लोकेशन पर तलाश शुरू करते हुए उसने बमुश्किल 5 मिनट के भीतर झाड़ियों में छिपे गेहुंए रंग के कोबरा को खोज कर पकड़ लिया।

    हाथ में सांप को लिए वह एक मकान के बरामदे पर पहुंचकर उसे अपने साथ लाए डिब्बे में बंद करने की तैयारी कर ही रहा था कि ऐसा कुछ हो गया जो पिछले 13 साल में नहीं हुआ था। हाथ में तिलमिलाते सांप ने फूंफकारते हुए उसके दाहिने हाथ पर वार कर दिया। अविनाश ने बताया कि सांप को पकड़कर झोले में डालने वह कुंडली मार रहे सांप को सीध्ाा करने फर्श पर रख रहा था। फर्श गर्म होने के कारण उसे जलन हुई और तिलमिलाकर उसे काटने की कोशिश की। इस दौरान वह घायल हो गया।

    अस्पताल की बेड पर अविनाश, नीचे डिब्बे में कोबरा

    अविनाश ने बताया कि कोबरा के वार से सूखा बाइट होने के कारण उसे ज्यादा चोट नहीं लगी। सांप के दांत रक्तवाहिनियों के संपर्क में आकर शरीर में जहर नहीं उतार सके, फिर भी एहतियातन वह जिला अस्पताल पहुंच गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे खतरे से बाहर बताया है, पर अगले 24 घंटों के लिए अस्पताल में ही निगरानी पर रख लिया गया है।

    अविनाश को अस्पताल के मेल वार्ड में बेड नंबर-26 में भर्ती किया गया है और स्लाइन भी लगाई गई है। खास बात यह है कि अपने साथ झोले में भरकर लाए कोबरा को अविनाश ने अस्पताल में अपने पास ही रखा है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद अविनाश ने कोबरा को झोले से निकालकर एक डिब्बे में बंद कर दिया है। इतना ही नहीं अविनाश बेड के ऊपर लेटा है तो डिब्बे में बंद कोबरा बेड के नीचे आराम फरमा रहा है।

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