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    नतीजे में 4.58 अंक का सुधार पर 5421 फेल

    Published: Fri, 21 Apr 2017 10:55 PM (IST) | Updated: Fri, 21 Apr 2017 10:55 PM (IST)
    By: Editorial Team

    0 61.01 फीसदी रहा 10वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम

    0 छत्तीसगढ़ में कोरबा की स्थिति 14वें नंबर पर

    फोटो नंबर-21केओ26- (फाइल फोटो)

    कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

    10वीं के नतीजों में पिछले साल के मुकाबले इस बार 4.58 अंक का सुधार दर्ज किया गया है। पिछले साल जहां जिले का परीक्षा परिणाम 56.43 फीसदी था, इस साल बढ़त दर्ज करते हुए 61.01 फीसदी छात्र-छात्राओं ने सफलता पाई है। लगभग साढ़े चार फीसदी के इस सुधार के बावजूद जिले में 5 हजार 421 विद्यार्थी फेल हो गए हैं, जो दर्शाता है कि शिक्षा विभाग को व्यवस्था और संसाधनों में कसावट लाने प्रयास अभी और तेजी से करना होगा।

    दसवीं बोर्ड के नतीजों में पिछले तीन साल से बड़ी उथल-पुथल देखी जा रही। साल 2013-14 में जहां जिले का परीक्षा परिणाम 51.84 फीसदी था, 2014-15 में 9.8 फीसदी उछलकर 61.64 फीसदी जा चढ़ा है। बोर्ड में बेहतर परिणाम हासिल करने तब जिला प्रशासन ने कई नए प्रयोग आजमाए थे। विद्यार्थियों को एक्सट्रा क्लास में पढ़ाया, मेधावी छात्रों की विशेष तैयारी कराई। नतीजा यह हुआ कि वर्ष 2015 में दो सरकारी स्कूलों समेत पांच बच्चे टॉप-10 में रहे। इसके बाद पिछले साल ऐसा कुछ नहीं हुआ और जिले का परीक्षा परिणाम 5.21 फीसदी पर लुढ़क गया और मात्र 56.43 रह गया। इस बार पुनः आजमाए गए पुराने नुस्खे काम आए और 4 विद्यार्थियों ने मेरिट अंक हासिल किया और साथ ही जिले के परीक्षा परिणाम में भी 4.58 अंक सुधार दर्ज करते हुए 61.01 फीसदी रहा। वर्ष 2016-17 में दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं में कुल 17 हजार 107 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इनमें से 4 हजार 598 बालक व 5 हजार 815 बालिका समेत कुल 10 हजार 413 बच्चे उत्तीर्ण हुए हैं। शेष 5 हजार 425 विद्यार्थी फेल हो गए और एक हजार 269 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता दी गई है।

    बाक्स

    62.89 फीसदी के साथ छात्राएं आगे

    दसवीं बोर्ड में पास हुए छात्र-छात्राओं की कुल संख्या 10 हजार 413 रही। इनमें 4 हजार 598 बालक व 5 हजार 815 बालिकाओं ने बाजी मारी। इस साल भी दसवीं बोर्ड में जिले की छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया। दसवीं में इस वर्ष जहां 58.78 फीसदी बालक सफल रहे, वहीं परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाली बालिकाओं की संख्या 62.89 फीसदी रही। जिले का औसत परीक्षा परिणाम राज्य और संभाग के मुकाबले बेहतर रहा। दसवीं में राज्य का परीक्षा परिणाम इस बार 61 फीसदी रहा। राज्य की सफलता से की तुलना की जाए तो जिले का परीक्षा परिणाम राज्य के मुकाबले ज्यादा दर्ज किया गया है।

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    2175 विद्यार्थियों ने बनाया प्रथम स्थान

    दसवीं बोर्ड में प्रथम श्रेणी से पास हुए छात्र-छात्राओं की कुल संख्या 2175 रही। इनमें 1007 बालक व 1168 बालिकाओं ने बाजी मारी। इस साल भी दसवीं बोर्ड में जिले की छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया। वर्ष 2015 के मुकाबले इस बात मेरिट सूची में भी जिले को दोगुनी सफलता मिली है। वर्ष 2015 में जहां मात्र दो ने मेरिट सूची में जगह बनाई थी, इस बाल चार बच्चों ने मान बढ़ाया है। परीक्षा में 8 हजार 139 बालक व 9 हजार 390 बालक समेत कुल 17 हजार 529 परीक्षार्थियों ने फॉर्म भरते हुए पंजीयन कराया था। बोर्ड परीक्षा में पंजीयन के विपरीत 422 बच्चे परीक्षा में शामिल होने केंद्र नहीं पहुंचे।

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    आंकड़ों में नतीजे

    दर्ज विद्यार्थी17529

    बालिकाएं9390

    बालक8139

    शामिल परीक्षार्थी17102

    बालिका9265

    बालक7842

    उत्तीर्ण परीक्षार्थी10413

    प्रतिशत61.01 फीसदी

    बालिका5815

    प्रतिशत62.89 फीसदी

    बालक4598

    प्रतिशत58.78 फीसदी

    प्रथम श्रेणी2175

    बालिका1168

    बालक1007

    द्वितीय श्रेणी3780

    तृतीय श्रेणी4365

    रोके गए परिणाम2 बालक 2 बालिका

    पूरक1269

    बालिका734

    बालक535

    फेल5421

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    चार वर्ष के परिणाम पर एक नजर

    वर्षपरिणामबालिकाएंबालकफेलपूरक

    2016-1761.0162.8958.7854211269

    2015-1656.4358.0754.4557881743

    2014-1561.6462.7460.4058951011

    2013-1451.84

    और जानें :  # natiza me 4
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