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    दसवीं बोर्ड टॉप 10 में प्यून का बेटा और टेलर की बेटी

    Published: Fri, 21 Apr 2017 05:27 PM (IST) | Updated: Fri, 21 Apr 2017 06:35 PM (IST)
    By: Editorial Team
    raj 21 04 2017

    कोरबा। सीजीबीएसई की दसवीं बोर्ड की मेरिट सूची में कोरबा के चार विद्यार्थियों ने नाम दर्ज कराया है। इनमें दो विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जिनके माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में दिन-रात कड़ा संघर्ष करते हैं।

    मेरिट सूची में 6वां स्थान प्राप्त करने वाले छात्र राज पटेल की मां एक निजी कोचिंग संस्था में साफ-सफाई का कार्य करतीं हैं, तो 9वां स्थान पाने वाली मुस्कान एक दर्जी की बेटी है। भविष्य की उम्मीद बनकर अपने माता-पिता की आंखों का सपना पूरा करने दोनों ही मेधावी कड़ा परिश्रम कर रहे।

    छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने शुक्रवार को दसवीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम घोषित किए। राज्य की मेरिट सूची में जिले के चार विद्यार्थियों ने जगह बनाई है। टॉप-10 सूची में 6वां स्थान बनाने वाला राज पटेल सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल सीएसईबी पूर्व का छात्र है। राज ने 96.83 फीसदी अंक हासिल किए हैं। उसकी मां श्रीमती शकुंतला पटेल एक निजी कोचिंग संस्था में प्यून का काम करती हैं।

    उन्होंने बताया कि जब राज 3 साल का था, तभी उसके पिता का देहांत हो गया। तब से अपने बेटे का लालन-पालन के लिए वह हर संभव कोशिश कर रहीं। उन्होंने कहा कि आज उनकी मेहतन सफल होती दिखाई दे रही है। शुरू से ही होनहार छात्र रहे राज की काबीलियत को देखकर स्कूल प्रबंधन ने छठवीं कक्षा से ही उसकी फीस माफ कर रही है।

    राज गणित विषय लेकर आगे की पढ़ाई करना चाहता है। रसायन विषय में सबसे ज्यादा रूची रखने वाला राज एमएससी की डिग्री लेकर एक आईएस अफसर बनना चाहता है। उसने बताया जिले की पूर्व कलेक्टर श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले उनकी प्रेरणा हैं, जिनके कार्यों से प्रोत्साहित होकर उसने कलेक्टर बनने का लक्ष्य बनाया।

    बेटी के सपने को बनाया अपनी जिम्मेदारी

    राज्य की मेरिट लिस्ट में 9वां स्थान प्राप्त करने वाली मुस्कान सर्वमंगला विद्या निकेतन पंखादफाई-1 की छात्रा है। उसके पिता घनश्याम प्रसाद साहू टेलरिंग का कार्य करते हैं। मुस्कान ने 96.33 फीसदी अंक हासिल किया है। उसने बताया कि वह आगे की पढ़ाई जीवविज्ञान लेकर करना चाहती है। एक सफल चिकित्सक बनकर देश व समाज की सेवा करना ही उसके जीवन का लक्ष्य है।

    उसने बताया कि पिता घनश्याम ने उसे घर का कोई भी काम करने से मना कर रखा है। वे कहते हैं कि अगर मुस्कान को डॉक्टर बनना है तो वह सिर्फ मनलगाकर पढ़ाई करे। घर के कामकाज में उसके हिस्से का काम भी वे कर लेंगे। जिस दिन वह डॉक्टर की डिग्री हासिल करेगी, उस दिन वे अपने संघर्ष को सफल मानेंगे। उसकी पढ़ाई में कोई व्यवधान न पड़े, इसलिए वे घर पर सिलाई मशीन भी नहीं चलाते।

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