Naidunia
    Saturday, December 16, 2017
    PreviousNext

    सांप के काटने पर मुंह से चूसा जहर और पहुंच गया अस्पताल

    Published: Thu, 10 Aug 2017 04:00 AM (IST) | Updated: Thu, 10 Aug 2017 04:14 PM (IST)
    By: Editorial Team
    snake 2017810 123946 10 08 2017

    पाली। घर के पीछे बाड़ी से थरहा निकाल रहे एक 70 साल के किसान के हाथ में जहरीले सर्प ने काट लिया। जहर शरीर में फैलता इससे पहले बुजुर्ग ने सूझबूझ का परिचय देते हुए खुद ही मुंह से जहर चूस कर बाहर फेंक दिया और पैदल चलकर अस्पताल जा पहुंचा। अस्पताल के बाहर ही बरामदे में बैठक स्थल में लेट गया और इलाज करने को कहा।

    ग्राम पंचायत निरधी के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 13 में निवासरत रतिराम पिता सुखीराम (70) बुधवार को घर के पीछे बाड़ी में काम कर रहा था। इस बीच झाड़ियों में छिपे एक जहरीले सांप ने रतिराम के हाथ को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि काटने के तुरंत बाद सांप झाड़ियों में ही ओझल हो गया।

    इधर रतिराम ने बिना समय गवाएं ही हाथ के उस स्थल को मुंह से चूसकर जहर निकाल लिया, जहां सांप ने काटा था। उसे यह जानकारी थी कि सांप के काटते ही जहर चूस लेने से शरीर में नहीं फैलता। यह सतर्कता बरतने के साथ ही वह पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा।

    बताया जा रहा है कि एंबुलेंस या किसी अन्य वाहन की जगह खुद ही पैदल चलकर अस्पताल पहुंचा और अस्पताल परिसर के चबूतरे में लेट गया। तत्काल नर्स मौके पर पहुंची। जैसे ही सर्पदंश पीड़ित होने की जानकारी मिली तो बिना समय गवाएं एंटी बायोटिक इंजेक्शन लगाया गया।

    जमीन में सोई 5 साल की बच्ची की सर्पदंश से मौत

    पाली क्षेत्र में ही सर्पदंश की हुई एक अन्य घटना में 5 साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। यह मामला अल्गीडांड के आश्रित मोहल्ला बगदरीडांड की है। बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात को यहां रहने वाले रोहिदास परिवार के सदस्य जमीन पर सोए हुए थे।

    इस बीच 5 साल की बरखा रोहिदास की रात करीब 2 बजे चीख की आवाज सुनकर परिजनों की नींद खुल गई। तब देखा कि एक सर्प बरखा के शरीर के ऊपर से गुजर रहा था।

    उन्हें समझते देर नहीं लगी कि सर्प ने बरखा को अपना निशाना बनाया है। सांप को मौके पर ही मार दिया गया। ग्रामीणों का मानना है कि काटने वाला सांप जितना चलता है, उतनी तेजी से पीड़ित के शरीर में जहर फैलता है।

    रात में बरखा को पाली अस्पताल ले जाने 108 डायल किया गया, पर संजीवनी एक्सप्रेस नहीं पहुंचा। तब बाइक से ही बच्ची को अस्पताल लेकर परिजन पहुंचे। यहां इलाज के दौरान बच्ची की तड़के 4 बजे मौत हो गई।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें