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    लॉ कमीशन के चेयरमैन को बर्खास्त करने की उठी मांग

    Published: Sat, 22 Apr 2017 03:59 AM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 03:59 AM (IST)
    By: Editorial Team

    अंबिकापर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    लॉ कमीशन ऑफ इंडिया के द्वारा प्रस्तुत अधिवक्ता अधिनियम संद्याोधन बिल 2017 के विरोध में शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ता न्यायालयीन कार्यों से पृथक रहते हुए नगर के गांधी चौक में धरना-सभा का आयोजन किया। अधिवक्ताओं ने अपने उद्बोधन में प्रस्तावित बिल का विरोध किया और लॉ कमीशन के चेयरमैन बीएस चौहान को बर्खास्त करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने प्रस्तावित बिल की प्रतियों को भी जलाने के बाद पैदल मार्च करते हुए न्यायालय परिसर के पास जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित एसडीएम पुष्पेंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपा।

    इंडिया बार कौंसिल नई दिल्ली के द्वारा लिए गए निर्णय के आधार पर राज्य अधिवक्ता परिषद बिलासपुर के निर्देद्याानुसार जिला अधिवक्ता संघ सरगुजा के अधिवक्ता, प्रस्तावित अधिवक्ता अधिनियम संद्याोधन बिल 2017 के विरोध में गांधी चौक में एकजुट हुए। न्यायालयीन कार्यों से पृथक रहने के कारण शुक्रवार को पक्षकार भटकते रह गए। अधिवक्ताओं ने बिल के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से एक दिवसीय धरना देते हुए सभा की। अधिवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार दुबे, प्रवीण गुप्ता, जनार्दन त्रिपाठी, अरविंद सिंह गप्पू, सीपी शुक्ला, डीपी यादव, उदयराज तिवारी सहित अन्य ने अपने उद्बोधन में लॉ कमीशन ऑफ इंडिया के द्वारा प्रस्तावित संशोधन बिल 2017 को कूड़ेदान में डालने का आग्रह करते हुए बिल को पूर्णतः निरस्त करने व चेयरमैन बीएस चौहान को निरस्त करने की मांग की गई। इसके अलावा लॉ कमीशन ऑफ इंडिया में वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं में से चेयरमैन नियुक्त करने, लॉ कमीशन द्वारा प्रस्तुत अधिवक्ता अधिनियम के तहत्‌ प्रस्तावित संशोधन बिल में अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु आकस्मिक मृत्यु, बीमारी दुर्घटना को ध्यान में रखकर सामाजिक एवं पारिवारिक सुरक्षा व बीमा, मेडी क्लेम, पेंशन, फेमिली पेंशन, प्रशिक्षु अधिवक्ताओं के लिए मानदेय की व्यवस्था करने सहित अधिवक्ताओं के हित में सुविधाएं दिलाने की मांग की है। तत्संबंध में ज्ञापन पत्र राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया है। अधिवक्ताओं ने सभा के बाद लॉ कमीशन ऑफ इंडिया के अधिवक्ता अधिनियम 1961 के प्रस्तावित संशोधित बिल की प्रतियां भी जलाई। राष्ट्रपति से मांग की गई है कि लॉ कमीशन के प्रस्तावित संशोधन बिल को खारिज किया जाए। इस मौके पर वक्ता अधिवक्ताओं के अलावा केएन तिवारी, एसपी तिवारी, रमेश शुक्ला, उमंग दुबे, दुर्गाशरण सिंह, अमित मंदिलवार, विनोद शर्मा, धनसाय ठाकुर, अभिषेक कश्यप, इंदु हरायण, ज्योति सिंह, हेमंत तिवारी, मनोज तिवारी, दिलीप सिंह, संजय अंबष्ट, अनिल श्रीवास्तव, गणपत गुप्ता, निर्मल सिंह, सीडी कुमार, मृगेंद्र सिंह देव, सुशील शुक्ला, मिथलेश पांडे, आफताब सिद््‌दीकी, रमेश बारी, व्हीके शर्मा, विनय दुबे, बेला कुशवाहा, दिलीप विश्वास, अशोक सिंह, एजी कुरैशी, नसीम मंसूरी, डीके पुरिया, शिवशंकर सिंह, नीरज वर्मा, अशोक चौधरी, कमरूद्दीन अंसारी, विजय तिवारी, अमित विश्वकर्मा, श्याम नारायण पांडे सहित काफी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित थे।

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