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    एलईडी की खरीदी कर फर्जी ड्राफ्ट थमाया

    Published: Mon, 14 Aug 2017 04:02 AM (IST) | Updated: Mon, 14 Aug 2017 04:02 AM (IST)
    By: Editorial Team

    अंबिकापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    नगर के दो इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान के संचालकों से एलईडी टीवी की खरीदी कर फर्जी ड्राफ्ट थमाने के मामले में पुलिस ने बस से 21 नग एलईडी टीव्ही ले जा रहे कटिहार बिहार निवासी आरोपी मनीष कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है। बरामद की गई एलईडी टीव्ही की कीमत लगभग नौ लाख रुपए है। आरोपी ने स्वयं को भारतीय रेलवे विभाग बिश्रामपुर का सेक्शन इंजीनियर बता दुकानदारों से मिला व स्कूल रोड स्थित अंबर लाइट एंड इलेक्ट्रॉनिक्स व महामाया चौक के लक्जर इंटरप्राइजेज में विभिन्न साइज व मॉडलों के एलईडी टीवी का आर्डर दिया था। आरोपी ने भारतीय रेल का मोनोयुक्त सेक्शन इंजीनियर के लेटरपैड में बकायदा सामग्री सप्लाई का आर्डर व सेंट्रल बैंक का ड्राफ्ट भी दुकान संचालकों को दिया था। ड्राफ्ट के फर्जी होने का संदेह होने पर दुकान संचालकों ने इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट पर धारा 420 कायम कर आरोपी को बस से एलईडी लेकर बिहार जाने के दौरान धर दबोचा।

    स्कूल रोड में स्थित अंबर लाइट एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक गुरमीत सिंह जुनेजा पिता स्व.सरदार प्रीतम सिंह जुनेजा 47 वर्ष ने पुलिस को जानकारी दी थी कि आठ अगस्त को उनके दुकान में राजेश राय नामक रेलवे का कथित सेक्शन इंजीनियर बिश्रामपुर से पहुंचा था और एलईडी टीवी क्रय करने के लिए कोटेशन मांगा था। युवक ने कोटेशन की स्वीकृति के बाद एलईडी टीवी का उठाव करने और क्रय किए गए सामान का भुगतान ड्राफ्ट के माध्यम से करने की बात कही थी। 12 अगस्त को दोपहर लगभग 12.30 बजे छोटा हाथी लेकर रवि गुप्ता नामक युवक दुकान में सामान सप्लाई का आर्डर लेकर पहुंचा, जिसमें एलजी कंपनी का 32 इंच का आठ नग व 43 इंच के दो नग एलईडी टीवी की डिलेवरी देने के लिए कहा गया था। आर्डर के साथ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का तीन लाख 91 हजार 800 रुपए का 11 अगस्त को जारी ड्राफ्ट क्रमांक 02-28427-00561 संलग्न किया गया था। सामान की डिलेवरी देने के बाद दुकान संचालक ने ड्राफ्ट को देखा, तो उसे संदेह हुआ और कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दिया। लाखों की गड़बड़ी का मामला सामने आने पर पुलिस ने इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक राधेश्याम नायक को दी थी, जिस पर उन्होंने ड्राफ्ट की वास्तविकता को परखने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू व नगर पुलिस अधीक्षक आरएन यादव के निर्देशन में कोतवाली व क्राइम ब्रांच पुलिस की टीम को पतासाजी के निर्देश दिए थे।

    इस मामले की विवेचना में पुलिस लगी ही थी कि महामाया चौक के पास स्थित लक्जर इंटरप्राइजेज के संचालक कलीराम अग्रवाल पिता स्व.किशोरी लाल अग्रवाल ने पुलिस को इसी तर्ज पर ड्राफ्ट थमाकर 11 नग एलईडी टीवी ले जाने की जानकारी रविवार को कोतवाली पहुंचकर दी। उन्हें 11 अगस्त को सेक्शन इंजीनियर बिश्रामपुर छग के लेटरपैड में राजेश राय का हस्ताक्षरयुक्त पत्र देते हुए लक्जर इंटरप्राइजेज के संचालक से 32 इंच का छह नग, 43 इंच का 4 नग एवं हायर कंपनी का 55 इंच का एक टीवी देने का आग्रह किया गया। सभी एलईडी टीवी की कीमत चार लाख 27 हजार रुपए का भुगतान ड्राफ्ट से देने व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया अंबिकापुर के ड्राफ्ट क्रमांक ''005612'' 000056110, रुपए चार लाख 27 हजार देकर दोपहर दो बजे चला गया। 12 अगस्त को छोटा हाथी क्रमांक सीजी 15एसी 1817 का चालक श्याम सैमसंग कंपनी का 32 इंच का एलईडी छह नग, 43 इंच का चार नग और हायर कंपनी का 55 इंच का एक नग एलईडी लेकर चला गया। सामान की डिलेवरी देने के बाद सेंट्रल बैंक का एक कर्मचारी लक्जर इंटरप्राइजेज में किसी काम से आया, जिस पर दुकान संचालक ने उसे ड्राफ्ट दिखाया। ड्राफ्ट देखने के बाद उक्त कर्मचारी ने संदेह व्यक्त किया और फर्जी होने की बात कही। दुकान संचालक ने जब प्रदीप नामक रेलवे के कर्मचारी से मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो नंबर बंद बता रहा था। इसके बाद दुकान संचालक ने कोतवाली पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। इसके पहले आरोपी पुलिस के हाथ लग गया और पुलिस ने बस में एलईडी लेकर जा रहे युवक को बस एजेंटों से संपर्क कर गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई में कोतवाली निरीक्षक नरेश कुमार चौहान, उपनिरीक्षक प्रमोद यादव, सउनि बृजकिशोर पांडेय, आरक्षक अभय चौबे, प्रवींद्र सिंह, राजकुमार यादव, अमृत सिंह, क्राइम ब्रांच से प्रभारी सउनि भूपेश सिंह, प्रधान आरक्षक धीरज गुप्ता, रामअवध सिंह, आरक्षक उपेंद्र सिंह, विकास सिंह, विवेक राय, बृजेश राय, भोजराज पासवान, राकेश शर्मा, अमित विश्वकर्मा, मनीष यादव, जितेश साहू शामिल थे।

    एक और आरोपी की तलाश

    कोतवाली टीआई नरेश कुमार चौहान ने बताया कि मामले में ड्राफ्ट की वास्तविकता से अवगत होने का प्रयास किया गया। अवकाश होने व बैंकों के बंद होने के कारण दिक्कत हो रही थी। ड्राफ्ट के सौ फीसदी फर्जी होने का दावा करने के बाद पुलिस ने बस से हिरासत में लिए गए आरोपी युवक से पूछताछ शुरू की तो उसने सामान की खरीदी के बारे में किसी प्रकार की जानकारी नहीं होने की बात कही। आरोपी युवक का कहना है कि उसके चाचा के लड़के पंकज ने उक्त एलईडी की खरीदी की है। ड्राफ्ट में बिश्रामपुर स्थित बैंक की शाखा से जारी करने का उल्लेख है। ऐसे में पुलिस के हाथ मुख्य आरोपी नहीं लग पाया है। आरोपी राजहंस बस से एलईडी लेकर निकल पाता, इसके पहले गिरफ्त में आ गया।

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