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    हाथियों का झुंड अब महानदी के तटीय गांवों में कर रहा विचरण

    Published: Fri, 21 Apr 2017 10:40 PM (IST) | Updated: Fri, 21 Apr 2017 10:45 PM (IST)
    By: Editorial Team
    elephant 21 04 2017

    महासमुंद,बिरकोनी । बारनयपारा, सिरपुर और तुमगांव क्षेत्र में करीब दो साल से आबादी क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथी इन दिनों महानदी तट के गांवों में रोज उत्पात मचा रहे हैं। ग्रीष्मकालीन धान, सब्जी की खेती को चौपट करने के अलावा आसपास के गांवों में दहशत मचा रखा है। इस समस्या का निवारण कर पाने में वन विभाग लाचार साबित हो रहा है।

    गर्मी बढ़ने के साथ ही चारा-पानी की तलाश में जंगली हाथी अब विचरण क्षेत्र का दायरा लगातार बढ़ाते जा रहे है। शुक्रवार को अलसुबह करीब साढ़े 5 बजे 16 हार्थियों का दल महानदी किनारे के गांव अछरीडीह, नयापारा, बड़गांव और बरबसपुर तक पहुंच गया। हाथियों ने इन गांवों में रबी फसल को नुकसान पहुंचाया ।

    मनरेगा की मजदूरी छोड़कर भागे श्रमिक

    हाथियों के उत्पात से ग्रामीण दहशत में हैं । मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण के काम में लगे करीब ढाई सौ श्रमिक काम छोड़कर बड़गांव तालाब से बस्ती की ओर भागे । जानकारी के अनुसार गुरूवार रात को कुकुराडीह से

    निकलकर 16 हाथियों का दल भोंरिंग, अछोली, बेलटुकरी होते हुए कोडार नाला पर कर अछरीडीह सरहद तक पहुंचा। महानदी के किनारे-किनारे होते हुए नयापारा-बड़गांव और बरबसपुर तक हाथियों ने विचरण किया।

    महानदी का पानी पीकर हाथी सुबह फिर उसी रास्ते से भोरिंग होते हुए कुकराडीह बंजर की ओर लौट गए छरीडीह के ग्रामीणों ने बताया कि उन्होने रात करीब 12 बजे हाथियों की चिघांड़ सुनी । पूरी रात हाथी अछरीडीह, नयापारा के खेतों में घूमते रहे और रबी फसलों को पैरों से रौंदते रहे ।

    किसानों की फसल को रौंद डाला

    अछरीडीह के छबिराम साहू नलकूप के सहारे 11 एकड़ में धान की फसल लगाए हैं। उनके खेतों को हार्थियों ने रात भर रौंद डाला । वहीं डेरहा राम साहू के सात एकड़ सहित लखन पटेल, बालाराम साहू आदि कई किसानों की फसल को हाथियों ने रौंद डाला । इसके बाद हाथी तड़के 4 बजे बड़गांव की ओर बढ़े, जहां करीब ढाई सौ मजदूर रोजगार गारंटी से चल रहे तालाब निर्माण कार्य में लगे थे। चिंघाड़ते हुए हाथी बहुत तेजी से उनके करीब पहुंच गए । मजदूरों ने गैंती-फावड़ा फेंकर जान बचाने के लिए सरपट भागे।

    बाद में सरपंच प्रतिनिधि ऋषि चक्रधारी ने सबको छुटटी दे दी । बड़गांव से होते हुए हाथी बरबसपुर की ओर बढ़े। वहां के लोगों को बड़गांव के लोगों ने पहले ही सतर्क कर दिया था । फटाखा और लोगों को इकट्ठा कर सरपंच बलीराम निषाद ने हाथियों को बस्ती से दूर रखने की पूरी तैयारी कर ली थी।

    हाथी बस्ती से तो दूर रहे, लेकिन कटीले तार-बाड़े को तोड़ते हुए खेतों में घुसकर भारी उत्पात मचाया। यहां रेखु चंद्राकर के 10 एकड़, अजय चंद्राकर के 10 एकड़, सरपंच बलीराम निषाद के डेढ़ एकड़, प्रहलाद सोनवानी के चार एकड़ सहित चंदूलाल सतनामी व अन्य किसानों की रबी फसल और नोहर निषाद की बाड़ी में टमाटर की फसल को रौंद डाला। बरबसपुर में महानदी के सरार का पानी पीकर हाथी फिर उसी रास्ते से वापस लौटै।

    इनका कहना है

    सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भेजी गई थी । टीम पहुंची तब तक हाथी वहां से आगे बढ़ चुके थे। फसल क्षति का आंकलन पटवारी से शनिवार कोे किया जाएगा। हाथी का लोकेशन वर्तमान में (शुक्रवार रात 9 बजे) कुकराडीह है।

    - मानस राय, रेंजर-महासमुंद,


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