Naidunia
    Friday, July 21, 2017
    PreviousNext

    पार्षदों ने ओडीएफ के प्रस्ताव को सिरे से किया खारिज

    Published: Fri, 19 May 2017 11:44 PM (IST) | Updated: Fri, 19 May 2017 11:44 PM (IST)
    By: Editorial Team

    पेंड्रा। नईदुनिया न्यूज

    नगर पंचायत पेंड्रा मे स्वच्छता अभियान में लगातार गड़बड़ियां सामने आयी है। प्रशासनिक कसावट के बाद अभियान की धज्जियां उड़ाई गई। सीएमओ द्वारा फिर से विशेष सत्र बुलाकर परिषद के सामने ओडीएफ का प्रस्ताव रखा गया जिसे परिषद द्वारा शौचालयों के भौतिक सत्यापन और जांच की बात कहकर फिर से प्रस्ताव को नकार दिया। इन सबके बाद भी सीएमओ शौचालयों के भौतिक सत्यापन के लिए तैयार नहीं हुए।

    पेंड्रा नगर पंचायत में जमीनी स्तर पर शौचालयों के नाम में जमकर गड़बड़ी सामने आयी। नगर के कई वार्ड में एक शौचालय बनाकर उसमें नाम मिटाकर एक से ज्यादा बार उसके पैसे आहरित करना, पुराने शौचालयों को नया बताकर राशि आहरित करना,आधे अधूरे शौचालय बनाए गए वहीं कई हितग्राही शौचालय से वंचित रह गए। इसकी शिकायत की गई। इसे देखते हुए सीएमओ द्वारा आनन-फानन में नगर पंचायत परिषद की बैठक में पेंड्रा नगर पंचायत को ओडीएफ घोषित करने का प्रस्ताव रख दिया गया जिसे बैठक में उपस्थित सभी पार्षदों ने एक सिरे से नकार दिया। उन्होंने नगर के शौचालय की दुबारा गणना करने और आधे -धूरे शौचालयों को पूर्ण करने की बात कही। इस दौरान पार्षदों द्वारा दो महीने का अल्टीमेटम भी दिया गया। लेकिन नगर पंचायत द्वारा बिना जांच कराए फिर से परिषद की आपातकालीन बैठक बुलायी गई और फिर से नगर को ओडीएफ करने का प्रस्ताव रख दिया जिसे पार्षदों ने नकार दिया। पार्षदों ने शौचालयों की गुणवत्ता एवं भौतिक जांच की मांग की। राजेश सोनी, शकुंतला रजक सहित पार्षदों ने एक स्वर में नगर पंचायत अध्यक्ष और सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए ठेकेदार से मिली-भगत कर गड़बड़ी करने की बात कही। पार्षदों ने कहा जांच होने के बाद ही ओडीएफ घोषित करने दिया जाएगा।

    पार्षदों का फूटा गुस्सा

    इस संबंध में वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद राजेश सोनी का कहना है नगर पंचायत में भी शौचालय चोरी होने की बात सामने आ रही है और सीएमओ सारी बातें जानकर भी ओडीएफ घोषित करना चाहते हैं। यह संभव नहीं है। इसी प्रकार वार्ड 3 की पार्षद शकुंतला रजक का कहना है पहले अधूरे शौचालयों को बनाएं इसके बाद ही ओडीएफ घोषित करने के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

    पेंड्रा को ओडीएफ घोषित करने का प्रस्ताव बैठक में लाया गया था। नगर पालिका के पार्षदों को ओडीएफ के लायक नहीं लगा इसलिए नकार दिया गया।

    - विजय पांडेय, सीएमओ पेंड्रा

    अगर परिषद किसी भी बात की मांग कर रही है तो सीएमओ का कर्तव्य है कि उनकी बातों को सुनकर नगर में बने शौचालयों की जांच कराए और उसके बाद ही ओडीएफ का प्रस्ताव लाए। सीएमओ से इस संबंध में जानकारी ली जाएगी।

    - डॉ. रोहित यादव, विशेष सचिव, नगरीय निकाय विभाग

    परिषद ने पूर्व बैठक में ही जांच करने की बात कही है। फिर से बैठक बुलाकर पुनः प्रस्ताव रखा जाना ठीक नहीं है। शौचालयों के भौतिक सत्यापन के बाद ही प्रस्ताव लाया जाए।

    - रामजी श्रीवास, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, वर्तमान एल्डरमैन

    शौचालयों की जांच एवं गिनती और गड़बड़ी सामने आने पर सुधार के बाद ही ओडीएफ प्रस्ताव लाना उचित होगा।

    - ओमप्रकाश बंका विधायक प्रतिनिधि कोटा

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      अटपटी-चटपटी