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    लोगों की शिकायतों के बाद भी नशीली दवा के सौदागरों पर नकेल नहीं

    Published: Mon, 20 Mar 2017 11:32 PM (IST) | Updated: Tue, 21 Mar 2017 03:29 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    जगदलपुर। शहर में कोडीनयुक्त दवाओं के अवैध विक्रय पर औषधि विभाग का नियत्रंण नहीं है। भारी जनविरोध के बाद दो साल में केवल एक मेडिकल संचालक पर लाइसेंस संस्पेंड की कार्रवाई की गई है। वहीं बीते नवम्बर से अब तक संभाग के चार जिलों के 30 मेडिकल दुकानों को कारण बताओ नोटिस दी गई है। विभागीय अधिकारी शहर में अवैध रूप से दवा विक्रय से ही इंकार करते हैं जबकि बीते एक माह में क्राइम स्क्वॉड ने दर्जन भर आरोपियों को दवा समेत पकड़ा है।

    शहर में स्मल एरिया के छोटे बच्चों समेत स्कूल व कालेज विद्यार्थियों द्वारा लंबे समय से कफ सीरप व अन्य दवाओं का उपयोग नशे के रूप में किया जा रहा है। इन्हें एक सिंडीकेट के द्वारा दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इन दवाओं के अत्यधिक उपयोग के चलते दर्जन भर युवकों की मौत भी हो चुकी है।

    मेडिकल होल सेलर्स की भूमिका संदिग्ध

    इस गोरखधंधे में कुछ मेडिकल स्टोर्स एवं होलसेलर्स की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। इनके द्वारा अधिक कीमत में नशीली दवाओं के सप्लायर्स को दवा उपलब्ध करवाई जाती है। सूत्रों की मानें तो लिमिट से अधिक मात्रा में इनके द्वारा कोडीनयुक्त दवाओं का स्टाक मंगवाया जाता है। बस्तर में औषधि प्रशासन की इकाई होने के बावजूद इस कृत्य पर नकेल नहीं कसा जा सका है। हांलाकि पुलिस के द्वारा बीते एक माह में दर्जन भर दवा तस्करों को पकड़ा गया है।

    प्रभारी क्षेत्रीय औषधि निरीक्षक महेश नागवंशी से सीधी बात

    -शहर में लंबे समय से कोडीनयुक्त दवाओं की अवैध बिक्री जारी है और बच्चे नशे के रूप में इसका सेवन कर रहे हैं। आखिकर प्रभावी कार्रवाई क्यों नही हो रही?

    -ऐसा कुछ भी नहीं है। दुकानों की हम जांच करते हैं। कार्रवाई भी हुई है।

    - यदि अवैध कारोबार नहीं हो रहा तो क्राइम स्क्वॉड ने माह में दर्जन दफे मेडिसीन समेत युवकों को कैसे गिरफ्तार किया है?

    -- जी देखिए। आप लोग पुलिस से यह भी पूछें कि जब्ती के बाद आखिर क्या कार्रवाई हुई। हम जब एफआईआर करवाने जाते हैं तो पुलिस इंकार कर देती है। जांच के दौरान भी हमारे अधिकारियों को साथ नहीं रखा जाता।

    - जी उनसे भी जरूर पूंछेगे। वैसे अब तक कितने मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई हुई?

    - संभाग के बीजापुर,बस्तर,दंतेवाड़ा व सुकमा जिलों में 30 दुकान संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। वहीं एक मेडिकल संचालक का लाइसेंस निलंबित किया गया है।

    ये हैं दवा विक्रय के प्वाइंट

    ठाकुर रोड, शांतिनगर, संतोषी वार्ड, बैला बाजार, पनारापारा स्थित गुमटी, पथरागुड़ा

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