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    मृत नर्स की मां ने कहा पुत्री की हत्या हुई

    Published: Sat, 22 Apr 2017 03:59 AM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 03:59 AM (IST)
    By: Editorial Team

    अंबिकापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    बलरामपुर जिला के रामचंद्रपुर थाना अंतर्गत ग्राम गाजर के उप स्वास्थ्य केंद्र में नर्स के पद पर कार्यरत संगीता तिर्की की सुनियोजित तरीके से हत्या करके शव को फांसी पर लटकाने का आरोप परिजनों ने लगाते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज से मृतिका पुनः पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। परिजनों ने अस्पताल के ही कुछ कर्मचारियों पर पुत्री को परेशान करने और मोबाइल में आपत्तिजनक मैसेज करने का आरोप लगाते हुए रामचंद्रपुर पुलिस पर हत्या के मामले को आत्महत्या में तब्दील करने का आरोप लगाया है। इसकी जानकारी मृतिका की मां ने विस के नेता प्रतिपक्ष के अलावा रामानुजगंज विधायक को देकर न्याय की गुहार लगाई है।

    कन्या शिक्षा परिसर अंबिकापुर में पदस्थ मृतिका संगीता तिर्की की मां बेरोनिका तिर्की पति स्व.मनकू तिर्की ने बताया कि उनकी पुत्री का बलरामपुर जिला मुख्यालय से गाजर उप स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरण हुआ था। माह भर भी नहीं हुआ था कि उप स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। 27 मार्च को इसकी जानकारी उनकी पुत्री ने मोबाइल फोन पर रात आठ बजे संगीता ने दी थी, उसने स्पष्ट बताया था कि कभी भी उसके साथ कोई हादसा हो सकता है। 28 मार्च की सुबह जब वह अपनी पुत्री से मोबाइल पर फोन किया तो फोन रिसिव्ह नहीं हुआ।

    इसी दिन शाम को लगभग चार बजे उप स्वास्थ्य केंद्र गाजर के एक कर्मचारी ने फोन पर संगीता के कमरे का दरवाजा बंद होने और फांसी के फंदे पर लटके होने की जानकारी दी। 29 मार्च को जब परिजन गाजर ग्राम के उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित संगीता के शासकीय आवास में पहुंचे, तो रामचंद्रपुर थाना प्रभारी की मौजूदगी में शव को उतारा गया। मृतिका की मां बेरोनिका तिर्की ने बताया कि उनकी पुत्री के शव को जब फांसी से उतारा गया था, तो दोनों हाथ को ऐंठकर तोड़ना प्रतीत हो रहा था व गुप्तांग से खून निकल रहा था। गर्दन चारों ओर गोल घूम रहा था। अस्पताल की महिला कर्मचारी के साथ बड़ी घटना होने के बाद भी सीएमएचओ डॉ.बखला व बीएमओ डॉ.त्रिपाठी घटनास्थल पर उपस्थित नहीं थे। इनके आवास में ताला लटक रहा था। जानकारी मिली कि घटना की जानकारी मिलने पर 28 मार्च को दोनों अधिकारी घटनास्थल गए और थोड़ी देर में ही चले गए थे। मृतिका की मां का आरोप है कि बड़ी और संदिग्ध मौत होने के बाद भी कराए गए पोस्टमार्टम की फोटोग्राफी नहीं कराई गई। पुलिस ने उनकी पुत्री का मोबाइल फोन सहित कुछ सामान अपने कब्जे में लिया था। उनकी पुत्री द्वारा विभाग के तीन कर्मचारियों के द्वारा परेशान करने की जानकारी दी गई थी, जिसका नामजद उन्होंने उल्लेख किया, फिर भी पुलिस के द्वारा इन्हें अभयदान दे देकर मामले को आत्महत्या से जुड़ा बताया जा रहा है। जबकि इनके द्वारा मोबाइल में आपत्तिजनक चीजें भेजने की जानकारी उनकी पुत्री संगीता ने दी थी।

    ग्रामीणों ने भी जताया हत्या का संदेह-

    मृतिका की मां बेरोनिका तिर्की ने बताया कि रामचंद्रपुर पुलिस के असहयोगात्मक रूख को देखते हुए उन्होंने रामानुजगंज के विधायक बृहस्पति सिंह से भी मुलाकात की थी और उन्हें पुत्री की मौत के बारे में पूरी जानकारी दी थी। विधायक ने सरपंच सहित शव को देखे ग्रामीणों से भी चर्चा की, जिस पर उन्होंने हत्या कर उनकी पुत्री के शव को लटकाने का संदेह जाहिर किया था। वहीं थानेदार से जब विधायक ने चर्चा की, तो उन्होंने मामले को आत्महत्या बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। घटना से आईजी के अलावा विस में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंह देव को भी अवगत कराया गया है।

    और जानें :  # nurse mother
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