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    आउटसोर्सिंग की नीति अपना बेरोजगारों के साथ खिलवाड़

    Published: Sat, 22 Apr 2017 04:03 AM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 04:03 AM (IST)
    By: Editorial Team

    0 जनता यूनियन के प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक

    0 कई प्रस्ताव पर लगी मुहर

    0 अनिश्चितकालीन हड़ताल का लिया निर्णय

    कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

    हमारी मंशा नेक है, इसलिए कर्मियों का त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा। जिन कर्मचारियों ने प्रबंधन एवं तथाकथित यूनियनों के बहकावे में आकर अपने हक की लड़ाई में शामिल नहीं हुए, वो अपने जमीर से पूछे कि उनकी जायज मांगों को पूर्ण कराने का आंदोलन के सिवाय और कोई रास्ता शेष है। उन्होंने कहा कि जब सारी कंपनियां बिक जाएगी तब जागेंगे। जो संगठन आपके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत है, उसका खुलकर साथ दें। मुंह छिपाने से कुछ हासिल नहीं होना है। कंपनी प्रशासन नियमित पदों को समाप्त कर रहा है। ठेकेदारी आउटसोर्सिंग एवं संविदा की नीति अपनाकर छत्तीसगढ़ के लाखों बेरोजगारों के भविष्य से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा।

    उक्त बातें जनता यूनियन के प्रांताध्यक्ष सीके खांडे एवं महासचिव अजय बाबर ने जनता यूनियन के प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक रायपुर में कही। विद्युत कर्मचारियों की कई सालों से लंबित 12 सूत्रीय जायज मांगों को कंपनी प्रशासन के लगातार अनदेखी किए जाने से क्षुब्ध होकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के हजारों विद्युत कर्मियों ने 13 अप्रैल को एक दिन के कामबंद सांकेतिक हड़ताल किया था, जिसमें हजारों की संख्या में कर्मी शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाया। आंदोलन में शामिल समस्त विद्युत कर्मियों की सराहना की तथा आगे भी कर्मचारी एवं प्रदेश हित में आहुत किए जाने वाले आंदोलन में शत प्रतिशत शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ठेकाकर्मी का कोई भविष्य नहीं है। जब तक ठेकेदार मेहरबान है, तभी तक उसकी नौकरी है, उन्हें कभी भी निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्पादन संयंत्रों की उत्पादकता जान-बूझकर घटाई जा रही है, ताकि उन्हें बीमार बताकर पूंजीपतियों को बेचा जा सके। ऐसे ही अनेक षड्यंत्र करके छत्तीसगढ़ के जनता की संपत्ति को पूंजीपतियों को बेचने का खेल खेला जा रहा है। जनता यूनियन इनका कड़ा विरोध करता है। बैठक में आंदोलन के सभी पहलुओं पर सूक्ष्म समीक्षा कर आगे की रणनीति पर विचार कर सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया गया। जिन क्षेत्रों में संगठन के पदाधिकारी नहीं पहुंच सके थे, वहां पहुंचकर सघन सदस्यता अभियान चलाया जाए। वितरण केंद्र से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय तक उत्पादन, वितरण एवं पारेषण सभी कंपनियों में 15 दिन के भीतर पदाधिकारियों का चुनाव कराया जाए। आईडी एक्ट 1947 में दिए गए प्रावधानों का पालन करते हुए समस्त बिजली कामगारों की समस्याओं के निराकरण के लिए अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल का नोटिस प्रबंधन को दिया जाए। प्रांतीय बैठक में टीटी जॉन, दुखुराम गजभिए, जगदलपुर, सुब्रत राय, महेश श्रीवास बिलासपुर, रायपुर क्षेत्र से अरूण ठाकुर, संजय देसाई, अवधेश साहू, अनिल तिवारी, दुर्ग क्षेत्र से यतीश वर्मा, अमित खरे, बालोद से दशरथ ठाकुर, कोरबा पूर्व से पालेश्वर साहू, सुनील झा, एसपी साहू, सीसी बनर्जी, कोरबा पश्चिम से एसए सईद, अनिल द्विवेदी, धमतरी से डीपी उपाध्याय, सोहन धीवर, संदीप मेश्राम तथा प्रदेश के सभी रीजन के प्रांतीय पदाधिकारी शामिल हुए।

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