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    जांच के बाद शुद्घ पेयजल की आपूर्ति का दावा

    Published: Sat, 22 Apr 2017 04:01 AM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 04:01 AM (IST)
    By: Editorial Team

    बिश्रामपुर। नईदुनिया न्यूज

    एसईसीएल कंपनी वेलफेयर बोर्ड की टीम की जांच में एसईसीएल के बिश्रामपुर स्थित फिल्टर प्लांट से श्रमिक कालोनियों में अमानक स्तर का दूषित जल आपूर्ति किया जाना पाए जाने से मचे बवाल के बीच शुक्रवार को क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा श्रमिक प्रतिनिधियों के समक्ष पीएच मीटर से फिल्टर प्लांट के पानी की जांच करने के बाद श्रमिक कालोनियों में शुद्ध जल की आपूर्ति किए जाने का दावा किया है। बताया गया कि गुरुवार को कंपनी वेलफेयर बोर्ड की टीम द्वारा टीडीएस मीटर से पानी की जांच किए जाने के कारण भ्रम की स्थिति निर्मित हुई थी।

    गौरतलब है कि बीते गुरुवार को एसईसीएल की कंपनी वेलफेयर बोर्ड की टीम ने उच्चाधिकारियों के साथ एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के फिल्टर प्लांट सहित श्रमिक कालोनियों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान फिल्टर प्लांट पहुंची टीम ने फिल्टर प्लांट से श्रमिक कालोनियों में किए जा रहे जल आपूर्ति की शुद्धता जांच करने पर पाया था कि श्रमिक कालोनियों में अमानक स्तर का दूषित जल आपूर्ति किया जा रहा है, इस पर कंपनी वेलफेयर बोर्ड की टीम के साथ ही कंपनी मुख्यालय से आए अधिकारियों ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई थी। निरीक्षण में डिसेंट हाउसिंग योजना के तहत श्रमिक कालोनियों का कायाकल्प करने करोड़ों रुपए लागत से कराए जा रहे कायोर् में भी नियमों की अनदेखी करते हुए भारी भ्रष्टाचार किया जाना पाया था।

    उक्ताशय का जांच प्रतिवेदन कंपनी के आला अधिकारियों सहित कोयला मंत्रालय के पोर्टल में भी प्रेषित कर दिया गया था। इस दौरान इंद्रजीत सिंह स्टाफ अफिसर सिविल सहित सिविल अधिकारी सिलवा राजू, डी.दामोदरन, ओवरसियर फिरोज खान, जगन्नाथ नंदी, अखिलेश सिन्हा एवं श्रमिक प्रतिनिधियों में डीएस सोढ़ी, परमजीत सिंह, महेश गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद, नरेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद थे।

    मानक स्तर के शुद्ध जल की आपूर्ति का दावा-

    शुक्रवार को सिविल अधिकारियों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पीएच मीटर से फिल्टर प्लांट के पानी की जांच करने पर पाया गया कि फिल्टर प्लांट से श्रमिक कालोनियों में शुद्ध जल की आपूर्ति की जा रही है। जांच के बाद इंद्रजीत सिंह स्टाफ अफिसर सिविल ने बताया कि गुरुवार को वेलफेयर टीम द्वारा टीडीएस मीटर से पानी की जांच किए जाने के कारण भ्रम की स्थिति निर्मित हुई थी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पानी की सही जांच करने के लिए कुम्दा फिल्टर प्लांट से पीएच मीटर लाकर फिल्टर प्लांट के पानी की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पानी का पीएच वैल्यू 7.2 है। जबकि टीडीएस मीटर से जांच करने पर वैल्यू 87 पाई गई। वही पीएच मीटर से वाटर की जांच करने पर उसकी पीएच वैल्यू 6.8 पाई गई,जबकि टीडीएस मीटर से जांच करने पर वैल्यू 89 पाई गई।

    हैंडपंपों से निकल रहा है अमानक पानी-

    एसईसीएल के क्षेत्रीय स्तर के सिविल अधिकारियों ने श्रमिक कालोनियों में नगर पंचायत द्वारा बोरिंग करा कर लगाए गए हैंडपंपों में से आफिसर्स कालोनी में क्वार्टर नंबर 2ए-66 के सामने मैदान के पास लगे हैंडपंप के पानी की भी जांच की। जांच में पाया गया कि हैंडपंप से निकलने वाले पानी की पीएच वैल्यू 5.5 है। हैंडपंप से एसिडिक पानी निकल रहा है,जिसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

    और जानें :  # pure water
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