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    मरने के बाद देहदान करना चाहती थी मां, बेटे ने पेश की मिसाल

    Published: Fri, 14 Jul 2017 01:00 AM (IST) | Updated: Fri, 14 Jul 2017 09:16 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    रायगढ़ । सिख समाज की एक महिला ने मृत्यु उपरांत अपने शरीर को मेडिकल कॉलेज को देने की इच्छा जताई थी। मां की इस इच्छा को पूरा करते हुए उनके बेटे ने शहर के मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को अपनी मां के पार्थिव शरीर दान में दिया। मौके पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन सहित सिख समाज के लोग मौजूद रहे। शहर में यह पहली बार हुआ है कि किसी महिला के शरीर को चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए दान में दिया गया।

    सिख समाज की महिला मरने के बाद देहदान कर एक मानवता की मिशाल कायम कायम किया है। शहर की शांति कौर संधु के पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज में किया गया दान। नगर के सिख समाज की महिला शांति कौर संधु के परिवार ने उनके पार्थिव शरीर को स्व. लखीराम अग्रवाल मेमोरियल मेडिकल कॉलेज को दान कर एक अनुकरणीय कार्य किया है। स्व शांति कौर संधु 78 वर्ष की थी।

    शांति कौर संधु का बीते दिवस दोपहर में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में निधन हो गया था। उनके पुत्र सुरेन्द्र सिंह संधु जो की एक प्राइवेट कंपनी में वाइस प्रेसिडेंटउन के पद पर बैंगलोर में पदस्थ हैं।

    उनकी मां का बीते कुछ दिनों से स्वास्थ्य खराब होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ में इलाज चल रहा था इसी दौरा 12 जुलाई को उनका निधन हो गया। मां की अंतिम इच्छा के अनुसार उनके मरने के बाद उनका शरीर मेडिकल कॉलेज को को दान किया गया।

    सुरेन्द्र सिंह संधु ने बताया कि वे 2 साल के थे जब उनके पिता भूपेन्द्र सिंह संधु का देहांत हो गया था और वे सिविल कांट्रेक्टर थे। जिसके बाद से उनकी मां ने उनका पालन पोषण कर यहां तक इस मुकाम तक पहुंचाया।

    कायम की मिसाल

    शांति कौर संधु बाजीरावपारा का निधन के बाद उनके पुत्र सुरेन्द्र सिंह संधु द्वारा अपनी मां की अंतिम इच्छा के अनुसार जब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से देहदान की बात कही तब यह समूचे शहर में फैल गई। हर किसी ने मां की इच्छा के अनुसार संधु के फैसले की सराहना करते हुए एक मिशाल कायम करने की बात कही।

    पुत्र सुरेन्द्र संधु का कहना है कि उनकी मां की आखरी इच्छा थी कि उनके मरने के बाद उनके शरीर को दान दे दिया जाए ताकि उनका शरीर जरूरतमंदों के काम आ सके। उनकी इस सोच को पूरा करते हुए उनके पुत्र सुरेन्द्र सिंघ संधु ने मेडिकल कॉलेज को उनके पार्थिव शरीर को दान दे दिया।

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