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    तीन माह में एक भी नहीं बनाई नाली, स्वच्छता अभियान फेल

    Published: Sat, 20 May 2017 01:09 AM (IST) | Updated: Sat, 20 May 2017 01:09 AM (IST)
    By: Editorial Team
    16months19 20 05 2017

    0 45 नाली निर्माण के लिए निकाली गई थी करीब दो करोड़ रुपए की निविदा

    रायगढ़ । नईदुनिया प्रतिनिधि

    तीन माह पहले नगर निगम में 45 नालियों के निर्माण का ठेका निकला था, जिसे 25 प्रतिशत न्यूनतम दर में ठेका लिया गया था, लेकिन लागत न पड़ने से ठेकेदार ने अब तक एक भी नाली का निर्माण नहीं किया। नाली न बनने से शहर के स्वच्छता पर भी असर पड़ रहा है। कहा जाता है कि इस काम का ठेका एक ठेकेदार ने दूसरे ठेकेदार को नीचा दिखाने के लिए लिया था लेकिन ठेकेदारी के आपसी खुन्नस का शिकार शहर बन रहा है।

    शहर विकास में नगर निगम के ठेकेदार बाधा बन रहे है। तीन माह पूर्व नाली निर्माण के लिए टेंडर निकाला गया था। ठेकेदारों ने निविदा लेने के बाद वर्क आर्डर जारी भी करा लिया था, लेकिन लागत दर से बहुत ही न्यूनतम दर में निविदा लेने के कारण काम शुरू ही नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि अलग-अलग वार्ड में 45 नाली निर्माण के लिए करीब दो करोड़ का निविदा निकाला गया था। बीते 3 साल से नगर निगम में विकास काम ठप पड़ा है क्योंकि निगम में बजट का रोना रोया जा रहा था। ऐसे में शासन से बजट मिलने के बाद भी काम नहीं हो रहा है। इसका कारण नगर निगम के ठेकेदार है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्र में 45 स्थानों पर नाली निर्माण कराने के लिए करीब दो करोड़ का निविदा निकाला गया था। उस निविदा को ठेकेदारों ने 25 से 27 प्रतिशत बिलो में लिया गया। जिसके बाद 35 ठेकेदारों को वर्क आर्डर भी जारी कर दिया गया है। उसके बाद भी ठेकेदार काम करने में रुचि नहीं दिखाया है। जिसके कारण नाली निर्माण का काम अटका हुआ है। ऐसे में ठेकेदारों की मनमानी के कारण नगर निगम का विकास काम अधूरा है। आयुक्त द्वारा ठेकेदारों को काम शुरू करने के लिए कई बार बोलने बाद भी उनके द्वारा काम तो काम निविदा की अन्य प्रक्रिया करने में रुचि नहीं है।

    प्रतियोगिता को लेकर 27 प्रतिशत बिलो में डाली गई निविदा

    करीब दो करोड़ का नाली निर्माण के लिए निगम द्वारा निविदा निकालने के बाद ठेकेदारों द्वारा टेंडर पाने के लिए दौड़ सी मची हुई थी कि काम हमकों मिलना चाहिए। उन निविदा को लेने के लिए 15 से 20 ठेकेदार ने आवेदन किया था। वहीं निविदा पाने के होड़ में 25 से 27 प्रतिशत बिलो में निविदा ले लिया गया। जब निविदा मिल गया तो अब काम करने में उनकी रुचि नहीं दिखा रहे है। जिसके कारण नाली निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है।

    35 लोगों को किया गया था वर्कआर्डर

    इस संबंध में नगर निगम के अधिकारी का कहना है कि 45 में से 35 लोगों ने सारी दस्तावेज जमा करने के बाद उनको वर्कआर्डर जारी भी करा लिया था लेकिन उसमें से 10 ठेकेदार ने कोई दस्तावेज ही पेश नहीं किया है। जिसके कारण उनको वर्क आर्डर जारी नहीं की गई है। उन 10 लोगों को प्रक्रिया पूरी करने को लेकर नोटिस दिया गया है।

    अंतर की राशि जमा करने 10 ठेकेदारों को दिया नोटिस

    नगर निगम द्वारा नाली निर्माण के लिए निकाले गए निविदा को बिलो में लिया गया है। ऐसे में निविदा के एसओआर अंतर की राशि जमा करने 10 ठेकेदारों को नोटिस दिया है। जिसमें कमल अग्रवाल, श्याममूणत दुबे, शांति कंस्ट्रकंशन, विरोट कंस्ट्रक्शन ने अंतर की राशि जमा नहीं किया गया है। जिससे निगम ने उनको कई बार बोलने के बाद भी अबतक जमा करने की प्रक्रिया नहीं की गई है।

    स्वच्छता का निकला जनाजा

    शहर में नालियों के निर्माण नहीं होने से सरकार के स्वच्छता अभियान का जनाजा निकल गया है। ज्यादातर जगहों नालियां जाम हैं और शहर का कचरा यत्र-तत्र बिखरा पड़ा रहता है। कई मोहल्लों में पानी का निकासी भी नहीं हो पा रहा है। पानी के निकासी न होने से मोहल्लेवासियों को असुविधा हो रही है क्योंकि मोहल्ले का पानी मोहल्ले की गलियों और घरों में चला जा रहा है। ऐसे में आए दिन मोहल्लेवासी आयुक्त के नाम ज्ञापन देने भी आ रहे हैं।

    फटकार का भी कोई असर नहीं

    कहा जाता है कि एक माह से लगातार आयुक्त द्वारा ठेकेदारों को लगातार बुलाकर इस बावत समझाया गया और फटकार भी लगाई जा चुकी है बावजूद इसके न तो ठेकेदार मानने को तैयार हैं न ही काम शुरू किया जा सका है। कहा जा रहा है ठेकेदारों ने स्पष्ट मना कर दिया कि लागत ही नहीं पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब ठेकेदारों को लागत ही नहीं पड़ रहा था तब उन्होंने ज्यादा न्यूनतम दर पर निविदा ली ही क्यों थी।

    45 नाली निर्माण कराने के लिए निविदा निकाली गई थी। ठेकेदारों ने बिलो में लेने के बाद भी काम अभी तक शुरू नहीं किया गया है। जिससे काम अटका हुआ है। ठेकेदारो को निर्देश देने के बाद भी कोई रुचि नहीं ले रहे है।

    विनोद पाण्डेय

    आयुक्त, नगर निगम

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