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    जल संरक्षण व संवर्धन तालाब डबरी व कुआं निर्माण में सुस्ती

    Published: Tue, 20 Jun 2017 01:19 AM (IST) | Updated: Tue, 20 Jun 2017 01:19 AM (IST)
    By: Editorial Team

    रायगढ़ । नईदुनिया प्रतिनिधि

    जिले में मनरेगा योजना से जल संरक्षण व संवर्धन के लिए बड़ी संख्या में तालाब निर्माण, डबरी, कुआं निर्माण स्वीकृत हुआ था। लेकिन अब तक स्वीकृत कार्य में से आधे कार्य भी पूरे नहीं हो सके हैं और आधे कार्य तो अब तक शुरू भी नहीं हो सके हैं। बीते तीन साल में मनरेगा योजना से जल संरक्षण व संवर्धन के लिए विभिन्न प्रकार के 6 हजार से अधिक कार्य स्वीकृत हुए हैं जिसमें अब तक 3 हजार कार्य ही पूरे हो सके हैं और शेष बचे कार्य में से अधिकांश कार्य अब तक शुरू भी नहीं हो सके हैं कई कार्य जो शुरू नहीं हुए है उन्हें जिला प्रशासन द्वारा निरस्त करने का भी का सिलसिला शुरू कर दिया है।

    मनरेगा योजना से 2017-18 में 485 कार्य स्वीकृत किए गए थे। जिसमें से 174 कार्य ही चालू हो सके हैं। हालांकि मामले में जिला प्रशासन का तर्क है कि यह सब कार्य अभी हाल ही में स्वीकृत हुए हैं और अभी कई कार्य स्वीकृत हो रहे हैं जो बारिश के बाद शुरू किए जाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायत द्वारा जल संरक्षण व संवर्धन के लिए कृषिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए तालाब व कुंआ निर्माण की स्वीकृति दी गई है। दरअसल जिले में व्यापक पैमानें पर कृषकों द्वारा खेती किसानी के लिए बोर पम्प का खनन का इसका उपयोग करते हैं जिसकी वजह से जिले का भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। जिसे ध्यान में रखते हुए किसानों की सुविधा के लिए व्यापक पैमाने पर तालाब निर्माण व कुआं निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें जिले में कई कुआं का निर्माण कराया जा चुका है। लेकिन शासकीय दस्तावेजों के आंकड़ों की मानें तो बीते तीन वर्ष में स्वीकृत हुए जल संरक्षण व संवर्धन के लिए स्वीकृत कार्य में से 822 कार्य ऐसे हैं जो अब तक शुरू नहीं हो सके हैं। वहीं 181 ऐसे कार्य हैं जिन्हें प्रशासन द्वारा निरस्त भी कर दिया गया है।

    जनपद स्तर पर होती है लापरवाही

    दर असल जिला प्रशासन द्वारा कार्य को स्वीकृत कर दिया जाता है लेकिन समय सीमा में जनपद स्तर के अधिकारी न तो शुरू करा पाते हैं और न ही पूर्ण करा पाते हैं। हालाकि इन दिनों जिला पंचायत द्वारा सभी जनपदों पर लगाम कसने की तैयारी कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कृषि कार्य के लिए अब बोर पम्प पर निर्भरता को समाप्त करने के लिए कृषि विभाग के सहयोग से बड़े स्तर पर तालाब व कुआं निर्माण की स्वीकृति दी गई है जिसमें उपरकण कृषि विभाग का होगा और मजदुरी मनरेगा योजना से दी जाएगी।

    रिंग मॉडल पर तैयार हो रहें कुएं

    जिले में कृषि कार्य के लिए कुआं व तालाब निर्माण कराए जाने का सख्त निर्देश दिया गया है। इस वर्ष अब तक 161 कुआं निर्माण की स्वीकृति दी गई है। जिसमें से 24 कुआं निर्माण अपने अंतिम चरणों पर है तो कई कुआं निर्माण पूर्ण हो चुका है। ऐसे कुओं का निर्माण रिंग मॉडल पर तैयार कराए जा रहे हैं। जिसका इस्तेमाल कृषक आसानी से कृषि कार्य के लिए कर सकेंगे। कुआं निर्माण के अलावा तालाब, डबरी, स्टाप डेम, नाला बंधान आदि के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। जिसमें डबरी निर्माण व तालाब व कुआं निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। चालू हो चुके कार्य को बारिश के पूर्व पूर्ण कराने जिला पंचायत सभी जनपद सीईओ को फरमान जारी कर दिया गया है।

    समय पर कार्य पूरा न करने पर कार्रवाई

    मिली जानकारी के अनुसार जिले में व्यापक पैमाने पर कृषि कार्य के लिए बोर का उपयोग किए जाने से भूजल स्तर में गिरावट को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा जिले में अधिक से सिचाई संसाधन विकसित करने किसानों के खेत में बोर की जगह कुआं निर्माण कराने पर जोर दिया जा रहा है। यही वजह है कि प्रशासन द्वारा भी सभी जनपद सीईओ को कुआं निर्माण में लापरवाही न बरतने का फरमान जारी किया गया है। साथ ही पूर्व के वर्षों में स्वीकृत कार्य को बारिश के बाद शुरू कराकर पूर्ण करने का फरमान जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जल संरक्षण व संवर्धन के नाम पर स्वीकृत कार्य में लेट लतीफी व लापरवाही बरतने वाले जनपद सीईओ पर कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है।

    फैक्ट फाइल

    जल संरक्षण व संवर्धन के लिए स्वीकृत कार्य

    चालू वर्ष 2017-18

    स्वीकृत कार्य -485

    चालू कार्य-174

    आरंभ-310

    बीते 3 वर्षों में स्वीकृत कार्य - 6442

    पूर्ण हुए कार्य- 3018

    चालू कार्य- 2421

    अप्रारंभ कार्य -822

    निरस्त कार्य- 181

    हमारे कई कुएं बन कर तैयार हो गए हैं मुख्य मंत्री ने जिले में 5 सौ कुआं निर्माण कराने का इस साल का लक्ष्य दिया है। कई सारे कुएं अभी स्वीकृत हुए हैं जो बारिश के बाद शुरू होंगे। पिछले सालों के रुके कार्य को बारिश के बाद पूरा कराने सभी जनपद सीईओ को सख्त हिदायत दी गई है। जो कार्य शुरू हैं उन्हें बारिश के पहले-पहले पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।

    चंदन त्रिपाठी

    सीईओ जिला पंचायत

    और जानें :  # talab nirmad me susti
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