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    कहीं आपका बैंक खाता भी मिनिमम बैलेंस के फेर में तो नहीं फंसा

    Published: Sat, 09 Sep 2017 01:00 PM (IST) | Updated: Mon, 11 Sep 2017 11:48 AM (IST)
    By: Editorial Team
    bank account 09 09 2017

    रायगढ़। मिनीमम बैलेंस की प्रक्रिया ने एक ओर जहां बैंकों को आंशिक राहत दी है तो दूसरी ओर इस प्रक्रिया से ग्राहकों के जेबें कट रही है। गौरतलब हो कि विगत 1 अप्रैल से बैंकों के नए नियमों के अनुसार सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले बचत खाताधारकों को खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने जरूरी है।

    ऐसा न करने पर खाता मेनटेंस चार्ज के रूप में राशि ली जाएगी। शुरुआत में इन सब पर किसी का ध्यान नही गया, परंतु समय बीतते ही अब लोगों को यह प्रक्रिया समझ में आ गई है। चूंकि अब चालू खाते को स्थाई बनाए रखने के लिए सभी बैंकों ने अलग-अलग राशि क्षेत्रों के आधार पर तय कर रखी है।

    अब उन खातों में न्यूनतम राशि न होने से खाते से पैसे की कटौती हो रही है। जो कि ग्राहको को तकलीफ दे रही है। गौरतलब हो कि सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक हर महीने सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर पेनाल्टी ले रही हैं, जिससे आम आदमी को चूना लग रहा है।

    वहीं बैंक और सरकार दोनों फायदे में हैं। सभी बैंकों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खाते पर मिनिमम बैलेंस रखने की दर अलग-अलग है। जैसे कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में सेविंग अकाउंट शहरी क्षेत्र में 3 हजार रुपए, ग्रामीण इलाके में 1 हजार रुपए मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य है।

    वहीं एचडीएफसी बैंक शहर में 10 हजार और गांव में ढाई हजार मिनिमम बैलेंस अकाउंट में रखना जरूरी है। ऐक्सिस बैंक में बचत खाते में शहर में 10 हजार, ग्रामीण इलाके में ढाई हजार रु (छमाही आधार पर), पीएनबी में शहर में 1 हजार और गांव में 500 रुपए (तिमाही आधार पर) और बैंक ऑफ बड़ौदा में भी मेट्रो में 1 हजार, शहर में 1 हजार और ग्रामीण इलाके में 500 रुपए (तिमाही आधार पर) मिनिमम बैलेंस बचत खाते में रखना है।

    गौरतलब है कि अगर कस्टमर बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो इससे बैंकों को नुकसान होता है। अकाउंट मेन्टेन करने पर बैंकों को पैसा खर्च करना पड़ता है। मिनिमम बैलेंस मेंटेन न होने पर बैंक पेनाल्टी के जरिए लागत की भरपाई करते हैं, लेकिन अब बात करें आर्थिक रूप से कमजोर लोगों, गरीबों या फिर मिडिल और लोवर मिडल क्लास फैमिली की, तो मिनिमम बैलेंस यही वर्ग नहीं मेंटेन कर पाता है।

    ऐसे में उन्हें काफी नुकसान होता है, जबकि बैंक अपनी इनकम में पेनाल्टी को डालती हैं। इस तरह लगता है पेनाल्टी मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर अगर पेनाल्टी की बात करें, तो एसबीआई शहर में 40 से 80 रुपए, और ग्रामीण इलाके में 20 से 50 रुपए काटता है। एचडीएफसी में 150 से 600 रुपए, ग्रामीण इलाके में 270 से 450 रुपए पेनाल्टी लेता है।

    वहीं आईसीआईसीआई की बात करें, तो मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर शहर में 350 से 450 रुपए, गांव में 250 से 350 रुपए ले रहा है। वही एक्सिस बैंक शहर में 350 रु, गांव में 250 रु, बैंक ऑफ बड़ौदा शहर में 100 रुपए और ग्रामीण इलाके में 100 रुपए पेनाल्टी काटता है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक लोकेशन के आधार पर तिमाही बेसिस पर मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर 15 से 250 रुपए तक का चार्ज लेता है।

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    • mahendra agrawal MAIHAR11 Sep 2017, 06:30:03 PM

      इसमे सरकार की कोई भी गल्ती नहीं , सरकार को तो जनता ने ही बैठाया है |

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