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    128 बच्चों पर 10 शिक्षक तो 142 को पढ़ा रहा सिर्फ एक

    Published: Tue, 12 Sep 2017 03:50 AM (IST) | Updated: Tue, 12 Sep 2017 03:50 PM (IST)
    By: Editorial Team
    chhattisgarh school 2017912 154939 12 09 2017

    रायपुर। शिक्षकों की नियुक्ति करने के पहले वितरण व्यवस्था में ही मनमानी की जा रही है। विभाग ने स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यकता पर नहीं, उनकी एप्रोच के आधार पर की है। कुछ ने घर से नजदीक स्कूलों में ही अपनी पोस्टिंग करा ली है। लिहाजा आवश्यकता वाले स्कूलों में शिक्षकों का टोटा है।

    नईदुनिया ने पड़ताल की तो यह खुलासा हुआ। दरअसल कहीं आवश्यकता से अधिक तो कहीं जरूरत के अनुरूप बच्चों के हिसाब से शिक्षकों की संख्या नगण्य है। ऐसे में शिक्षकों के पुनर्वितरण की जरूरत महसूस की जा रही है। स्कूल शिक्षा सचिव विकास शील का कहना है कि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर आवश्यकता वाले स्कूल और अतिरिक्त शिक्षकों के स्कूल को चयनित करने के लिए कहा गया है।

    शिक्षकों की सुविधा पर पोस्टिंग

    शिक्षकों की नियुक्ति में बच्चों के बजाय शिक्षकों का ख्याल अधिक रखा गया है। किसी ने अपने गांव में तो किसी ने घर के पास पोस्टिंग करा ली है। राजधानी के ही प्राइमरी स्कूल डोंगीतराई में कुल 125 बच्चे हैं। यहां 6 शिक्षक कार्यरत हैं। 2 शिक्षक अतिरिक्त हैं। इसी तरह प्राइमरी स्कूल डूंडा में 128 बच्चों के लिए 10 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि मापदंड के हिसाब से 5 शिक्षक होने चाहिए।

    6 शिक्षक अतिरिक्त हैं। वहीं सरकारी प्राइमरी स्कूल जरवाय, रायपुर में पहली से लेकर पांचवीं तक स्कूल संचालित हो रहा है। लेकिन यहां पढ़ाने वाले सिर्फ एक ही शिक्षक की नियुक्ति हो सकी है। अकेला शिक्षक 120 छात्रों को चार-चार अलग-अलग विषयों और पांच कक्षाओं को पढ़ा रहा है।

    प्राइमरी स्कूल कबीर नगर में 160 छात्रों के लिए एक शिक्षक, प्राइमरी स्कूल नालापारा सुनीता पार्क में 106 छात्रों के लिए 02 शिक्षक हैं, जबकि 60 छात्रों पर ही दो शिक्षक चाहिए। इसी तरह नवीन गुरु घासीदास गुढ़ियारी स्कूल में 151 के लिए 02 शिक्षक पढ़ा रहे हैं।

    केस1

    218 बच्चों के लिए 12 शिक्षक

    राजधानी के शासकीय प्राइमरी स्कूल बोरियाखुर्द में पहली से पांचवीं तक कुल 218 बच्चे हैं। यहां प्रधानपाठक समेत पढ़ाने के लिए 12 शिक्षक कार्यरत हैं। प्राइमरी स्कूलों में प्रति इनमें अतिरिक्त 5 अतिरिक्त हैं। ज्यादातर एप्रोच करके बैठ गए हैं।

    केस 2

    128 के लिए 10 शिक्षक

    प्राइमरी स्कूल डूंडा में कुल 128 बच्चे हैं। यहां 10 शिक्षक कार्यरत हैं। 6 शिक्षक अतिरिक्त हैं। इसी तरह प्राइमरी स्कूल डोंगीतराई में कुल 125 बच्चे हैं। यहां 06 शिक्षक कार्यरत हैं। 2 शिक्षक अतिरिक्त हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग इन शिक्षकों को कम शिक्षकों के स्कूलों में नहीं भेजा है।

    केस 3

    यहां आवश्यकता से ज्यादा शिक्षक

    राजधानी के प्राइमरी स्कूल शहीद भगत सिंह पंडरी में 2 , प्राइमरी स्कूल कन्या पंडरी में 3, प्राइमरी स्कूल गंज 2, प्राइमरी स्कूल खोखोपारा में 2, नवीन सुंदर नगर एसएसए में 2, प्राइमरी स्कूल छोटापारा में 3, प्राइमरी स्कूल विवेकानंद नगर में 2, प्राइमरी स्कूल भनपुरी, ब्राहण पारा आदि स्कूल में 2 मापदंड के बाद अतिरिक्त शिक्षक के तौर पर पदस्थ हैं।

    प्राइमरी स्कूलों के लिए मापदंड

    छात्रों की संख्या शिक्षकों की संख्या

    60 02

    91 से 120 तक 03

    121 से 150 तक 04

    151 से 180 तक 05

    181 से 210 तक 06

    (इन शिक्षकों की संख्या प्रधानपाठक को मिलाकर है।)

    15 सितम्बर तक फिर से युक्तियुक्तकरण का निर्देश

    - 15 सितम्बर तक सभी स्कूलों से अतिशेष शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया करने के लिए कहा गया है। जहां कम बच्चे ज्यादा शिक्षक हैं उन्हें हटाकर दूसरी जगह किया जाएगा ।- विकास शील, सचिव, स्कूल शिक्षा

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