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    OMG! यहां तो बेवड़ों को देखकर बच्चे सीखते हैं क ख ग

    Published: Thu, 14 Sep 2017 07:57 AM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 02:04 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    रायपुर। रेयान इंटरनेशनल स्कूल हरियाणा में छात्र की हत्या के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया। असर हुआ कि आनन-फानन में राजधानी में पुलिस प्रशासन ने स्कूल संचालकों की कार्यशाला आयोजित कर सुरक्षा गाइड लाइन जारी की।

    आईजी ने पाठशाला के बाहर संचालित शराब की दुकानों को हटाने का भरोसा दिलाया। जबकि रायपुर में कई पाठशालाओं के पास मधुशालाएं चल रही हैं। स्कूल के आस-पास खुली पान गुमटियां और शराब दुकानें बच्चों के लिए खतरे की घंटी बजा रही हैं। अब नईदुनिया का सवाल है कि क्या जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग शराब दुकानों को यहां से दूसरी जगह शिप्ट करेगा या फिर बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ देगा?

    इन क्षेत्रों में शराबियों का जमावड़ा

    1. भाटागांव (काठाडीह) के रास्ते पर शराब की दुकान है। यहां से लगभग 300 से 400 मीटर दूर एक निजी स्कूल और दूसरा सरकारी स्कूल है। सुबह 10 बजे से यहां शराबियों का जमावड़ा रहता है। छात्रों से बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि यहां से निकलने में डर लगता है। लोग घूरते रहते हैं। कई बार तो मेन रोड पर ही शराबी खड़े रहते हैं। गाली गलौज करते हैं। यह इलाका काफी दूर तक सुनसान है।

    2. अवंति विहार क्षेत्र : यहां एक नामी निजी स्कूल है। स्कूल से कुछ दूर पहले ही शराब की नई दुकान खोली गई है। जहां सुबह से नशेड़ी जमा रहते हैं। शराब दुकान को लेकर स्कूल प्रबंधन ने शिकायत भी लेकिन अब तक उसे हटाने की कोई कवायद नहीं की गई। नईदुनिया टीम ने स्कूल की छुट्टी के दौरान दोपह 12 बजे वहां पहुंची। हालात काफी गंभीर थे। लोग खुले में शराब वहीं पी रहे थे। दुकान रोड़ से लगी हुई है। शराबी रोड में पहुंच रहे थे। अभिभावकों से बातचीत हुई तो पता चला कि शराबियों से उन्हें रोज पाला पड़ रहा है।

    पुलिस की बैठक में स्कूलों ने जताई चिंता

    मंगलवार को पुलिस विभाग ने सभी निजी स्कूलों की बैठक ली। जिसमें सुरक्षा संबंधी गाइडलाइन जारी की गई। इस दौरान निजी स्कूल संचालक के एक प्राचार्य ने पुलिस के संज्ञान में लाया कि स्कूल के पास शराब की दुकान हैं। ड्राइवर सुबह बच्चों को छोड़ने के बाद 5 घंटे तक खाली रहते हैं। शराब दुकान पास होने की वजह से वह वहीं शराब पीने पहुंच जाते हैं। इस ओर भी ध्यान देना होगा और शराब दुकानों को वहां से हटाया जाए।

    - अगर निजी स्कूलों के बाहर पान की दुकानें संचालित हैं तो निश्चित तौर पर यह प्रशासन की नाकामी है। प्रशासन भी जब कोई घटना होती है तो कुछ दिनों के लिए सक्रिय हो जाता है। लेकिन उसके बाद मामला शांत हो जाता है। निजी स्कूलों की बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी। इसमें जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी भी होंगे। - बीडी द्विवेदी, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ एजुकेशन सोसायटी

    - मामला गंभीर है। जल्द ही टीम का गठन किया जाएगा और स्कूलों के आस-पास से पान गुमटियां हटाई जाएंगी। -एएन बंजारा, जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर

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