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    घबराने की जरूरत नहीं, धीरज रखें इंजीनियरिंग के स्टूडेंट, क्वालिटी पर दें ध्यान

    Published: Tue, 21 Mar 2017 03:53 AM (IST) | Updated: Tue, 21 Mar 2017 03:53 AM (IST)
    By: Editorial Team

    - सब- हेडिंग- आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर प्रोफेसर रजत मूना ने संभाली जिम्मेदारी

    - आईआईटी में एंटरप्रेंयोरशिप पर रहेगा फोकस

    0 फोटो- आज की तारीख रिपोर्टर

    रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर प्रोफेसर रजत मूना सोमवार को पदभार संभालने के साथ पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने आईआईटी भिलाई का खुद का कैम्पस न होने पर चिंता जताई। उनका सबसे पहला टारगेट इंफ्रास्ट्रकचर जल्द से जल्द तैयार करना और क्वालिटी एजुकेशन पर ध्यान देना। उन्होंने शिक्षण संस्थानों को लेकर चिंता जाहिर की और कहा स्किल डेवलेपमेंट की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा जिस वजह से अच्छे इंजीनियर तैयार नहीं हो रहे और जॉब नहीं मिल पा रही।

    सवालः आईआईटी भिलाई में डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभालते ही सबसे पहला फोकस क्या रहेगा?

    जवाबः सबसे पहला फोकस खुद का कैम्पस जल्द से जल्द तैयार करना। छत्तीसगढ़ शासन से तीन जगहों पर जमीन मिल गई है। 350 एकड़ भिलाई, 88 एकड़ सिरस गांव के पास, 10 एकड़ नया रायपुर में स्वीकृत है। इसके अलावा फैकल्टीज व अन्य स्टाफ की नियुक्ति करना प्राथमिकता रहेगी।

    सवालः एजुकेशन में क्या अलग करने का प्लान है?

    जवाबः देशभर में 23 आईआईटी संस्थान हैं, इनसे अलग करने की पूरी प्लानिंग है। सबसे ज्यादा फोकस रिसर्च और एंटरप्रेंयोरशिप पर फोकस रहेगा। बीटेक के साथ एमटेक भी इसी सत्र से शुरू किया जा रहा है।

    सवालः इंजीनियरिंग को लेकर जिस तरह से रूझान कम हो रहा ऐसे में शिक्षण संस्थानों को और स्टूडेंट्स को क्या करना होगा?

    जवाबः इंजीनियरिंग की फील्ड में रूझान कम होने की वजह क्वालिटी एजुकेशन बड़ी वजह है। इंजीनियर्स की डिमांड तेजी से बढ़ी है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसे प्रोग्राम के बाद बूम आई है। इंजीनियरिंग कॉलेजों की महत्वपूर्ण भूमिका है, स्टूडेंट्स को क्वालिटी एजुकेशन दें, और स्टूडेंट्स भी धैर्य रखें, घबराएं न, पीजी और रिसर्च की ओर ध्यान दें बेहतर ऑप्शन मिल सकते हैं।

    सवालः कम्प्यूटर सिक्योरिटी पर आप ने महारत प्राप्त कर रखी है। हमारे देश का सिक्योरिटी सिस्टम कितना सेफ है और लोग ई-पेमेंट या फिर अन्य बैंकिंग फ्रॉड से कैसे बच सकते हैं?

    जबाब- जी हां, कम्प्यूटर सिक्यूरिटी मेरा सबसे पसंदीदा रहा है। और बात करें हमारे देश की कम्प्यूटर सिक्योरिटी की तो पूरी तरह से सिक्योर है। लेकिन लोगों को बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए सबसे पहले अनोन जगह से पेमेंट न करें। किसी को भी बैंकिंग से संबंधित जानकारी न दें।

    सवाल : माइनिंग इंजीनियरिंग की डिमांड है क्या यहां ब्रांच खुलेगी।

    जवाब- एजुकेशन काउंसिल तैयार की जाएगी। वह रिसर्च करेगी और जिस फील्ड की डिमांड होगी वह ब्रांच जरूर शुरू होगी।

    सवालः आईआईटी में प्रवेश के लिए जेईई की परीक्षा में स्टूडेंट्स क्या करें जिससे वो बेहतर नंबर प्राप्त कर सकें?

    जवाबः आईआईटी में प्रवेश के लिए जो स्टूडेंट जेईई एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं वो कॉन्सेप्चुअल पढ़ाई पर ध्यान दें, प्रैक्टिस पर ज्यादा ध्यान न दें।

    प्रो. रजत मूना की उपलब्धियां और उनके बारे में

    - सी-डैक के महानिदेशक के रूप में प्रोफेसर मूना ने सुपर कम्प्यूटर, राष्ट्रीय सुपर कम्प्यूटिंग ग्रिड, बहुभाषी कम्प्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और एम्बेडेड सिस्टम्स, सूचना और साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सूचना विज्ञान इनकी उपलब्धियों में शामिल है। प्रो. रजत मुना आईआईटी कानपुर से बीटेक उत्तीर्ण हैं। उन्होंने कंप्यूटर वैज्ञानिक प्रो. वी. राजा रमन के गाइडेंस में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलोर से पीएचडी की। 1991 में उन्होंने आईआईटी कानपुर में बतौर प्राध्यापक सेवाएं शुरू की। 2011 में सीडेक के डायरेक्टर जनरल बने। उनके 30 से ज्यादा रिसर्च पेपर हैं। 6 से ज्यादा राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हैं।

    - 20 दीपक शुक्ला, सं. 03

    - समय रात 10 बजे

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