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    कंवर की धमकी, कलेक्टर को हटाओ वरना पीएम से करूंगा शिकायत

    Published: Sat, 20 May 2017 07:33 AM (IST) | Updated: Sat, 20 May 2017 12:55 PM (IST)
    By: Editorial Team
    nankiram kanwar 2017520 85930 20 05 2017

    रायपुर। प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने प्रधानमंत्री के नाम वाली योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर कोरबा कलेक्टर पी. दयानंद की शिकायत मुख्य सचिव विवेक ढांड और पंचायत सचिव एमके राउत से की है। उन्हें तुरंत हटाने की भी मांग की है।

    शिकायत में कहा है कि कलेक्टर ने मंत्री और सरकार को धोखे में रख करतला ब्लॉक की पंचायत को फर्जी तरीके से ओडीएफ घोषित किया। योजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायत ग्रामीण कलेक्टर से करते हैं तो उनसे दुर्व्यवहार किया जाता है। सरकार अगर कलेक्टर पर कार्रवाई नहीं करती है तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत करेंगे। कोर्ट की शरण में भी जाएंगे।

    लोक सुराज के दौरान कलेक्टर पी. दयानंद को लेकर लगातार 3 दिनों तक खबरें आईं। पहले वे मंत्री केदार कश्यप के सामने ननकीराम से भिड़ गए। गुरुवार को मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने उनको फटकारा। शुक्रवार को ननकी ने उन्हें हटाने की मांग कर दी।

    कंवर ने बताया कि 5 गांव में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत सबूत के साथ पंचायत विभाग के प्रमुख सचिव आरपी मंडल से की गई है। उधर कलेक्टर पी. दयानंद का कहना है कि कंवर ओडीएफ को लेकर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर विरोध कर रहे हैं।

    लोक सुराज खत्म होते ही बदल सकते हैं दस से अधिक कलेक्टर

    लोक सुराज अभियान के खत्म होते ही 10 से अधिक कलेक्टर बदले जा सकते हैं। सीएम डॉ.रमन सिंह इनके काम की समीक्षा कर फेरबदल करेंगे। जो लंबे समय कलेक्टर हैं उनकी समीक्षा अगले साल विधानसभा चुनाव पूर्व चुनाव आयोग भी करेगा। सरकार उसके पहले ही जिलों को चाक-चौबंद कर लेना चाहती है।

    लगातार कई जिलों में कलेक्टर रहनेवालों में रायगढ़ कलेक्टर अलरमेल मंगई डी का नाम प्रमुख है। वे महासमुंद, कांकेर और रायगढ़ में रही हैं। महासमुंद कलेक्टर उमेश अग्रवाल के खिलाफ भाजपा नेताओं ने ही मोर्चा खोल रखा है।

    कहा जा रहा है कि उन्हें महासमुंद से राजनांदगांव या दुर्ग जैसे बड़े जिले में भेजा जा सकता है। दुर्ग कलेक्टर संगीता पी. और बलौदाबाजार कलेक्टर बासवाराजू एस. 3 साल से कलेक्टर हैं। बस्तर कलेक्टर अमित कटारिया के 3 साल पूरे हो चुके हैं।

    उन्हें बिलासपुर या राजनांदगांव भेजा जा सकता है। बिलासपुर कलेक्टर अंबलगन पी. को मंत्रालय भेजा जा सकता है। हालांकि उन्हें अभी 2 साल ही हुए हैं। कवर्धा कलेक्टर धनंजय देवांगन और राजनांदगांव कलेक्टर मुकेश बंसल भी नई जिम्मेदारी पा सकते हैं। धनंजय को एनआरडीए में लाने की चर्चा है। बालोद, सुकमा, कांकेर, नारायणपुर और कुछ अन्य जिलों के कलेक्टरों को भी इधर से उधर भेजा जा सकता है।

    प्रमोटी आईएएस इंतजार में

    नियमानुसार प्रमोटी आईएएस की जिलों में पदस्थापना में हिस्सेदारी 33 फीसदी होनी चाहिए, लेकिन अभी मौका नहीं मिल पा रहा है। नारायणपुर में टामनसिंह सोनवानी हैं लेकिन उन्हें भी हटाने की तैयारी है। ईमिल लकड़ा, टीपी वर्मा, रमेश शर्मा, शारदा वर्मा, एसआर ब्राम्हणे जैसे कई कलेक्टर बनने की लाइन में हैं।

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