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    नेत्ररोग विशेषज्ञ चाहें तो बता सकते हैं डाइबिटीज, बीपी समेत 6 बीमारियां के बारे में

    Published: Sun, 20 Dec 2015 10:56 PM (IST) | Updated: Sun, 20 Dec 2015 10:56 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    रायपुर। एक नेत्ररोग विशेषज्ञ (ऑप्थेलमोलॉजिस्ट) चाहे तो आंखों की जांच के दौरान ही मरीज को कई और बीमारियों के बारे में जानकारी दे सकता है। क्योंकि आंख शरीर का एक ऐसा अंग है, जिससे ब्रेन से लेकर टीबी, डाइबिटीज से लेकर लेप्रोसी तक का पता लग सकता है। हां, इन बीमारियों को पुख्ता करने के लिए कुछ टेस्ट अनिवार्य हैं। आज ऑप्थेलमोलॉजिस्ट ये तमाम टेस्ट करवाते हैं, लेकिन मरीज उनसे सवाल पूछता है कि डॉक्टर साहब, इतने टेस्ट क्यों करवा रहे हैं? रविवार को नेत्ररोग विशेषज्ञों के वार्षिक सम्मेलन में ये बातें सामने आईं।

    राज्य अंधत्व निवारण समिति के स्टेट नोडल अधिकारी एवं नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. सुभाष मिश्रा ने कॉन्फ्रेंस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूवीआईटिस नामक बीमारी से छत्तीसगढ़ में 100 लोग पीड़ित हो सकते हैं। इसी बीमारी पर एम्स दिल्ली के डॉ. वेकंटेश ने प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि आंख के अंदर की सूजन एक इमोनोलॉजिकल प्रोब्लम और इंफेक्शन की वजह से हो सकती है। यूवीआईटिस किसी भी उम्र में होने वाली बीमारी है, अगर गंभीरता से नहीं लें तो इससे आंख खराब होने यानी कम्पलीट ब्लाइंडनेश (सम्पूर्ण अंधेपन) का खतरा है। अगर आंख में लालिमा अधिक है, खून है तो तत्काल नेत्ररोग विशेषज्ञों को दिखाएं। यूवीआईटिस से टीबी, एचआईवी, कुष्ठ, डाइबिटीज से लेकर ब्रेन, ब्लड प्रेशर, आर्थराइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

    डॉ. पटेल ने दोहराए मोतियाबिंद ऑपरेशन के प्रोटोकॉल-

    अंबेडकर अस्पताल के नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ, संतोष पटेल ने छत्तीसगढ़ में नेत्रकांड के बाद मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए बनाई गई गाइड-लाइन पर प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने शिविर लगाकर ऑपरेशन न करने की बात को दोबारा दोहराया जिस पर शनिवार को एआईओएस के अध्यक्ष डॉ. देबाशीष भट्टाचार्य (कोलकाता) ने जोर दिया था। भारत सरकार ने भी शिविर में ऑपरेशन करने पर रोक लगा दी है, लेकिन इसके बाद भी मध्यप्रदेश में नेत्रकांड हुआ। डॉ. पटेल ने बताया की ऑपरेशन के पहले कैसे मरीजों की जांच करें, उसके बाद ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और उपकरणों का स्टरलाइजेशन जांचना भी जरूरी है। क्योंकि बैक्टेरिया कहीं भी ग्रो कर सकता है। उन्होंने पोस्ट ऑपरेटिव केयर भी फोकस किया।

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