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    सांप काटने से पिता की मौत और 6 साल का बेटा वेंटिलेटर पर

    Published: Sun, 02 Aug 2015 10:18 PM (IST) | Updated: Sun, 02 Aug 2015 10:18 PM (IST)
    By: Editorial Team

    रायपुर। शहर में मजदूरी करने आए एक परिवार के मुखिया की सांप काटने से मौत हो गई, जबकि उसका 6 साल का बेटा मौत से जंग लड़ रहा है। वह वेंटिलेटर पर है। लेकिन डॉक्टर ने जवाब दे दिया है। दोनों को शनिवार देर रात करैत (सांप) ने काटा था।

    'नईदुनिया' को मिली जानकारी के मुताबिक पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में बाउंड्रीवॉल निर्माण का काम बीते 6 महीने से जारी है। नवागढ़ के चकला गांव का कुर्रे परिवार शांति जैन ठेकेदार के अधीन काम करने यहां आया है। करीब 30 मजदूर कंस्ट्रक्शन साइट पर अस्थाई मकान बनाकर रह रहे हैं। शनिवार देर रात करीब 12 बजे सालिक राम और उनकी पत्नी 3 बच्चों के साथ सो रहे थे, तभी दो करैत सांप इनके घर में घुस आए। सालिक राम (30) और उसके 6 साल के बेटे प्रदीप को सांप ने काट लिया। घटना के एक घंटे बाद सालिक राम और उनके साथी मजदूर प्रदीप को लेकर बालगोपाल चाइल्ड हॉस्पिटल पहुंचे, प्रदीप को वहां भर्ती किया गया। तब तक सालिक राम ने नहीं बताया था कि उसे भी सांप ने काटा है। तभी डॉक्टर ने सालिक राम की आंखों में नीलापन देखा, इतने में सालिक राम चक्कर खाकर गिर गया। डॉक्टर ने कहा कि उसे भी सांप ने काटा है, तत्काल परिजन उसे लेकर डॉ. अंबेडकर अस्पताल पहुंचे, जहां सुबह 5.30 बजे सालिक राम की मौत हो गई। प्रदीप वेंटिलेटर पर है। मृतक सालिक राम के भाई रवींद्र कुमार ने बताया कि उसका भाई अकेला घर में कमाने वाला था, उसकी भाभी भी मजदूरी करती है।

    परिजन मार के ले आए सांप

    बाल गोपाल चाइल्ड हॉस्पिटल के डॉक्टर ने जैसे ही कहा कि सालिक राम और उसके बेटे प्रदीप को सांप ने काटा है, मजदूर साथी दोबारा साइट पर पहुंचे। दो करैत सांप घर के अंदर ही थे।दोनों सांप को मारकर वे अस्पताल ले आए। तस्वीर अस्पताल की है। 'नईदुनिया' को सांप विशेषज्ञ मोइज अहमद ने बताया कि ये कॉमन करैत हैं, जो नाग से 10 गुना ज्यादा विषैला होता है। इसके काटने से दर्द नहीं होता, यही वजह है कि व्यक्ति को पता नहीं चलता। लेकिन जहर तेजी से शरीर में फैलने लगता है।

    ऐसे ही चल रहा है कंस्ट्रक्शन का काम

    ठेकेदार मजदूरों को साइट पर ही रहने को कहते हैं। मजदूर बाहर से आते हैं, इसलिए मजबूरीवश वे साइट पर ही अस्थाई घर बनाकर रहते हैं। शहर के आउटर और शहर के अंदर कुछ जगहों पर अधिक सांप पाए जाते हैं। क्योंकि लगातार खेती वाली जमीन और जंगल क्षेत्रों में हो रहे कंस्ट्रक्शन से सांपों के बिल नष्ट हो रहे हैं। यही वजह है कि वे घरों में घुस रहे हैं और हादसे बढ़ रहे हैं। रायपुर में सांप पकड़ने वाली संस्था नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी रोजाना 15-20 सांप पकड़ रही है।

    जहर पूरे शरीर में फैल चुका है

    प्रदीप को शनिवार दे रात लाया गया था, तत्काल उसका उपचार शुरू किया गया। एंटी स्नैक वेनम के डोज भी दिए गए, लेकिन जहर पूरे शरीर में फैल चुका है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं। पिता-पुत्र दोनों को सांप ने काटा था। करैत सांप न्यूरोटाक्सिक वर्ग का होता है। अगर आधे-पौन घंटे में इलाज मिल जाए तो बचना संभव हो पाता है।

    - डॉ. प्रशांत केडिया, शिशुरोग विशेषज्ञ, बाल गोपाल चाइल्ड हॉस्पिटल

    सांप काटे तो क्या करें

    1- सांप काटे तो शांत रहिए। 2- डर से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है, जिसमे विष तेजी से शरीर में फैलने लगता है। 3- पीड़ित को समझाएं की ज्यादातर विषहीन सांप ही डसते हैं। 4- शरीर, खासकर डसे हुए भाग को जितना हो सके स्थिर रखें। 5- हाथ में काटने पर कंधे को सपोर्ट देते हुए पट्टी लपेट लें। पैर में काटने पर नरम तकिया रखें। 6- घाव को धोएं नहीं। पारंपरिक या घरेलू इलाज के चक्कर में न पड़ें, क्योंकि ऐसे समय एक-एक क्षण बहुमूल्य होता है। 7- दंश वाली जगह के आसपास पहने आभूषण, घड़ी उतार लें। 8- कपड़ों को ढीला करना ना भूलें। 09- मरीज को जमीन, किसी समतल जगह पर लेटा दें। 10- पीड़ित को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं, जहां एंटी वेनम उपलब्ध हो।

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