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    अपने शौक पूरे नहीं कर पा रहे थे, तो सीरियल देख कर लिया अपहरण

    Published: Mon, 24 Oct 2016 07:22 PM (IST) | Updated: Tue, 25 Oct 2016 07:53 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    रायपुर। सुंदरनगर से नौ साल के बच्चे वैभव शर्मा को अगवा कर फिरौती की रकम वसूलने की कोशिश करने वाले दोनों आरोपी किशोर निकले। एक बार फिर सीसीटीवी कैमरा पुलिस के काम आया, जिसकी मदद से इन किशोरों की गिरफ्तारी हुई। दोनों किशोर बच्चे को अपने साथ ले जाते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। पूछताछ में आरोपियों ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण वे शौक पूरा नहीं कर पा रहे थे।

    लिहाजा अपराध के रास्ते पर चलकर जल्दी अमीर बनने की ख्वाहिश पाले हुए थे। क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर किसी पैसे वाले के बेटे का अपहरण करने की योजना एक हफ्ते पहले ही बना ली थी। वैभव उनके टारगेट में नहीं था। उन्होंने अचानक उसे सुंदर नगर में देखा और यह सोचकर उसका अपहरण कर लिया कि बड़े घर का लड़का है। इसके पिता से फिरौती की अच्छी खासी रकम मिल जाएगी।

    सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एडिशनल एसपी क्राइम अजातशत्रु, एएसपी सिटी विजय अग्रवाल, डीएसपी क्राइम सत्येंद्र पांडेय ने इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए दोनों किशोर टिकरापारा थानाक्षेत्र के सुदामानगर के रहने वाले हैं और छोटे-छोटे अपराधों में संलिप्त थे। बड़ा हाथ मारने के लिए उन लोगों ने वैभव को अगवा कर लिया था, लेकिन जब वह रोने लगा तो फंसने के डर से उसे छोड़ दिया।

    सड़क पर मिली सिम का उपयोग

    किशोर यह जानते थे कि फिरौती की रकम मांगने के लिए अपनी सिम का इस्तेमाल करने पर पकड़े जाएंगे, इसलिए सड़क पर पड़ी मिली सिम का इस्तेमाल किया। बाद में उसे तोड़कर फेंक दिया था, लेकिन पुलिस टीम ने मोबाइल सेट का आईएमआई नंबर ट्रेस कर उसमें चल रहे दूसरे सिम का लोकेशन ट्रेस आउट करने के बाद संतोषीनगर चौक पर किशोरों के फुटेज और हुलिए तथा दोपहिया वाहन के नंबर के आधार पर दोनों को दबोच लिया गया।

    मिर्च पाउडर समेत अन्य सामान खरीदा

    घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन क्रमांक सीजी 04 सीएक्स 4011 की डिक्की से पुलिस ने मिर्च पाउडर का पैकेट, रिबन, मेडिकल पट्टी, कैची आदि जब्त किया है। आरोपियों ने कहा कि सीरियल में यह देखा था कि अपहरण में यह सामान काम आता है, इसलिए खरीद कर रख लिया था। उन्होंने कहा कि अपहरण करने रेकी नहीं की और न ही वैभव को टारगेट कर रखा था। वे दिनभर सुंदरनगर में घूमते रहे। उस दौरान अचानक वैभव घर के बाहर निकला, तो वे दोनों उसका मुंह दबाकर दोपहिया में बैठाकर ले गए। रोने पर उसे दुकान से कुरकुरे व बिस्किट भी खिलाया तो वह चुप हो गया था।

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