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    साठ छात्रों के लिए चाहिए दो शिक्षक, 160 को पढ़ा रहा सिर्फ एक!

    Published: Mon, 04 Sep 2017 08:28 AM (IST) | Updated: Mon, 04 Sep 2017 03:08 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    रायपुर। राजधानी के निजी और सरकारी दोनों ही स्कूलों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) तार-तार हो रहा है। विद्यालय हैं, छात्र हैं, लेकिन उनके अनुपात में शिक्षकों की संख्या नगण्य है। कहीं पर छात्र कम हैं पर वहां शिक्षकों की संख्या अनुपात से अधिक है।

    नईदुनिया ने पड़ताल की तो पाया कि शहर में कुछ स्कूल ऐसे हैं जो सर्व शिक्षा अभियान के तहत चलाए जा रहे हैं लेकिन यहां 160 छात्रों को सिर्फ एक ही शिक्षक पढ़ा रहा है। नियमानुसार इन स्कूलों में 60 छात्रों पर एक दो शिक्षक की तैनाती अनिवार्य है।

    निजी स्कूलों में भी चल रही मनमानी

    राजधानी के कुछ रसूखदार स्कूलों में भी पहली कक्षा के लिए ही चार से पांच सेक्शन बन गए हैं। इनमें एक कक्षा के लिए 40 से 60 छात्र तक पढ़ रहे हैं। जबकि शिक्षक और छात्रों का अनुपात 1ः30 का होना चाहिए। कुछ निजी स्कूलों में मुनाफे के चक्कर में इस तरह अधिक छात्रों को पढ़ाया जा रहा हैं।

    120 छात्रों पर एक शिक्षक

    सरकारी प्राइमरी स्कूल जरवाय, रायपुर में पहली से लेकर पांचवीं तक स्कूल संचालित हो रहा है। लेकिन यहां पढ़ाने वाले सिर्फ एक ही शिक्षक की नियुक्ति हो सकी है। अकेला शिक्षक 120 छात्रों को चार-चार अलग-अलग विषयों और पांच कक्षाओं को पढ़ा रहा है।

    सर्व शिक्षा अभियान भी फेल

    सर्व शिक्षा अभियान(एसएसए) की ओर से संचालित सरकारी प्राइमरी स्कूल कबीर नगर में 160 छात्रों के लिए एक शिक्षक, प्राइमरी स्कूल नालापारा सुनीता पार्क में 106 छात्रों के लिए 02 शिक्षक हैं। जबकि 60 छात्रों पर ही दो शिक्षक चाहिए। इसी तरह नवीन गुरु घासीदास गुढ़ियारी स्कूल में 151 के लिए 02 शिक्षक पढ़ा रहे हैं।

    ज्यादातर स्कूलों में आवश्यकता से ज्यादा शिक्षक

    राजधानी के प्राइमरी स्कूल शहीद भगत सिंह पंडरी में 02 , प्राइमरी स्कूल कन्या पंडरी में 03, प्राइमरी स्कूल गंज 02, प्राइमरी स्कूल खोखोपारा में 02, नवीन सुंदर नगर एसएसए में 02,प्राइमरी स्कूल छोटापारा में 03, प्राइमरी स्कूल विवेकानंद नगर में 02, प्राइमरी स्कूल भनपुरी, ब्राहण पारा आदि स्कूल में 02 मापदंड के बाद अतिरिक्त शिक्षक के तौर पर पदस्थ हैं।

    प्राइमरी स्कूलों के लिए मापदंड

    छात्रों की संख्या शिक्षकों की संख्या

    60 02

    91 से 120 तक 03

    121 से 150 तक 04

    151 से 180 तक 05

    181 से 210 तक 06

    (इन शिक्षकों की संख्या प्रधानपाठक को मिलाकर है।)

    मिडिल स्कूलों के लिए मापदंड

    छात्रों की संख्या शिक्षकों की संख्या

    140 तक 04

    141 से 175 तक 05

    176 से 210 तक 06

    211 से 245 तक 07

    246 से 290 तक 08

    291 से 335 तक 09

    पद नहीं छात्रों के आधार पर तय होंगे शिक्षक- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने जिलों की उन स्कूलों में स्वीकृत और आवश्यकता से अधिक शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजने के लिए कहा है, जो शिक्षक विहीन है। अब पद के सेटअप के आधार पर नहीं बल्कि , छात्रों की संख्या के आधार पर शिक्षक तैनात करने को कहा है।

    पंचायत शिक्षकों को पंचायत विभाग और शिक्षा विभाग के शिक्षकों को शिक्षा विभाग शिक्षक विहीन स्कूलों में समायोजित करेगा। इसके लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी।

    - एएन बंजारा, डीईओ, रायपुर

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